Earthquake in Bikaner: राजस्थान के बीकानेर (Bikaner) में रविवार दोपहर 12:58 बजे भूकंप (Earthquake) के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (National Center for Seismology) के अनुसार, रिक्टर स्केल (Richter Scale) पर इसकी तीव्रता 3.6 मापी गई। भूकंप का केंद्र बीकानेर के महामसर (Mahamsar) में जमीन से 10 किलोमीटर नीचे था।
जैसे ही धरती हिली, लोग घबराकर अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। भूकंप के झटके बीकानेर शहर के अलावा नोखा (Nokha) और लूणकरणसर (Lunkaransar) में भी महसूस किए गए। फिलहाल, इस भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए बताया: “EQ of M: 3.6, On: 02/02/2025 12:58:00 IST, Lat: 27.76 N, Long: 73.72 E, Depth: 10 Km, Location: Bikaner, Rajasthan.”
EQ of M: 3.6, On: 02/02/2025 12:58:00 IST, Lat: 27.76 N, Long: 73.72 E, Depth: 10 Km, Location: Bikaner, Rajasthan.
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भूकंप क्यों आता है?
पृथ्वी की संरचना चार प्रमुख परतों से बनी है: इनर कोर (Inner Core), आउटर कोर (Outer Core), मेंटल (Mantle), और क्रस्ट (Crust)। पृथ्वी की सतह टेक्टोनिक प्लेट्स (Tectonic Plates) से मिलकर बनी है, जो निरंतर गति में रहती हैं। जब ये प्लेट्स आपस में टकराती हैं या खिसकती हैं, तो ऊर्जा मुक्त होती है, जिससे भूकंप के झटके महसूस होते हैं।
भूकंप की तीव्रता कैसे मापी जाती है?
भूकंप की तीव्रता को रिक्टर स्केल पर मापा जाता है, जो भूकंपीय तरंगों की मात्रा को दर्शाता है। रिक्टर स्केल पर 2.5 से 5.4 तीव्रता वाले भूकंप को माइनर (Minor) श्रेणी में रखा जाता है, जबकि 5.5 से 6 तीव्रता वाले भूकंप को हल्का खतरनाक माना जाता है। 6 से 7 तीव्रता के भूकंप मध्यम नुकसान पहुंचा सकते हैं, और 7 से अधिक तीव्रता वाले भूकंप गंभीर नुकसान का कारण बन सकते हैं।
बीकानेर में हाल के वर्षों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। जुलाई 2021 में, 4.1 तीव्रता का भूकंप आया था, जिससे लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए थे।
भूकंप के दौरान सुरक्षा के लिए कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए:
भूकंप के दौरान शांत रहें और घबराएं नहीं।
मजबूत फर्नीचर, जैसे टेबल या डेस्क के नीचे शरण लें।
खिड़कियों, शीशों, दीवारों और भारी वस्तुओं से दूर रहें।
यदि आप बाहर हैं, तो इमारतों, पेड़ों, और बिजली की लाइनों से दूर खुले क्षेत्र में रहें।
भूकंप के बाद, इमारतों की संरचनात्मक क्षति की जांच करें और आपातकालीन सेवाओं को सूचित करें।
भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के प्रति जागरूकता और तैयारी से जान-माल के नुकसान को कम किया जा सकता है। सरकार और संबंधित एजेंसियां समय-समय पर भूकंप सुरक्षा के बारे में दिशा-निर्देश जारी करती रहती हैं, जिनका पालन करना आवश्यक है।
बीकानेर में आए इस भूकंप ने एक बार फिर से हमें प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता का एहसास दिलाया है। भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए हमें तैयार रहना होगा और आवश्यक सावधानियों का पालन करना होगा।
भूकंप से संबंधित अधिक जानकारी और ताजा अपडेट्स के लिए नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी की आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया चैनल्स पर नजर रखें।