US Crypto Sanctions Dubai: अमेरिका ने शुक्रवार को दुबई स्थित बिना लाइसेंस वाली क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज Shellbit पर पाबंदियां लगा दी हैं। अमेरिकी सरकार का दोष है कि इस एक्सचेंज ने Iran की Elite Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) और ईरानी सरकार से जुड़े अन्य संगठनों के लिए करोड़ों डॉलर के क्रिप्टो लेनदेन किए।
यह कार्रवाई 31 जुलाई को प्रकाशित Reuters की जांच रिपोर्ट के बाद की गई है। इस रिपोर्ट में दावा किया गया था कि दुबई स्थित Shellbit $4 बिलियन डॉलर के उस नेटवर्क का केंद्र था, जिसका इस्तेमाल Iran पर लगी अंतरराष्ट्रीय पाबंदियों से बचने के लिए किया जा रहा था। देखा जाए तो यह मामला सिर्फ crypto regulation का नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक प्रतिबंधों के उल्लंघन का है।
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$4 Billion का Crypto नेटवर्क: Sanctions से बचने का जरिया
Reuters की जांच में यह भी सामने आया कि Shellbit ने Iran के केंद्रीय बैंक, दुनिया के एक बड़े गैर-कानूनी ऑनलाइन जुआ नेटवर्क और Israel द्वारा IRGC से जोड़े गए crypto addresses के लिए लेनदेन किए।
दिलचस्प बात यह है कि यह पूरा सिस्टम इतना organized था कि Iran अंतरराष्ट्रीय banking system को bypass करके अपनी financial activities चला रहा था। हैरान करने वाली बात यह है कि यह सब कुछ एक ऐसी exchange के जरिए हो रहा था जो officially licensed भी नहीं थी।
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Shellbit के Founder और कंपनियों पर भी Sanctions
अमेरिकी Treasury Department ने Shellbit के संस्थापक Siavash Kavianpour और उनसे जुड़ी अन्य कंपनियों पर भी पाबंदियां लगाई हैं। अमेरिका का दोष है कि उन्होंने IRGC और Iran की सबसे बड़ी क्रिप्टो एक्सचेंज Nobitex को सहायता दी।
ध्यान देने वाली बात यह है कि Nobitex पर भी 2 जून को अमेरिका ने पाबंदियां लगाई थीं, क्योंकि उस पर ईरानी सरकार को पश्चिमी पाबंदियों से बचने में मदद करने के दोष थे।
Treasury Secretary का बयान: गैर-कानूनी नेटवर्क को खत्म करेंगे
अमेरिकी Treasury Secretary Scott Bessent ने कहा कि Treasury विभाग उन गैर-कानूनी वित्तीय नेटवर्कों की पहचान करके उन्हें खत्म करेगा, जो ईरानी शासन को आर्थिक सहारा दे रहे हैं।
अगर गौर करें तो यह statement अमेरिका की Iran policy को लेकर बिल्कुल clear है—किसी भी तरह की sanction evasion को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
Aban Tether पर भी Sanctions: करोड़ों का Transaction
इसी दिन अमेरिका ने Iran स्थित एक और क्रिप्टो एक्सचेंज Aban Tether पर भी पाबंदियां लगाईं। दोष है कि इसने Nobitex समेत प्रतिबंधित ईरानी संस्थाओं के लिए करोड़ों डॉलर के लेनदेन किए।
यह सिलसिला दर्शाता है कि अमेरिका systematic तरीके से Iran के crypto-based sanction evasion network को target कर रहा है।
Website बंद थी फिर भी जारी थी Activities
Reuters की रिपोर्ट के अनुसार Shellbit की वेबसाइट कई महीनों से बंद थी और ग्राहक लेनदेन नहीं कर सकते थे, परंतु इसके बावजूद एक्सचेंज पैसों की प्रक्रिया जारी रख रही थी।
समझने वाली बात यह है कि अमेरिका और Israel की Iran के साथ जंग के दौरान भी इसकी गतिविधियां जारी रहीं। रिपोर्ट छपने के अगले दिन वेबसाइट फिर से सक्रिय हो गई।
Shellbit का इनकार: सभी आरोप खारिज
Shellbit ने अपने ऊपर लगे सारे दोषों को रद्द करते हुए कहा कि कंपनी ने जानबूझकर कभी भी money laundering, आतंकवाद को वित्तीय मदद, गैर-कानूनी जुआ, पाबंदियों से बचने या किसी प्रतिबंधित सैन्य या सरकारी संगठन के लिए काम नहीं किया।
कंपनी ने यह भी दावा किया कि उसने जनवरी 2026 में ही अपना कामकाज बंद कर दिया था। हालांकि Shellbit और Kavianpour ने भेजे गए सवालों का कोई जवाब नहीं दिया।
Bitcoin Mining से भी Connection: संदिग्ध Operations
जांच में यह भी सामने आया कि Shellbit के जरिए गुजरे करोड़ों डॉलर के crypto लेनदेन एक संदिग्ध ईरानी Bitcoin Mining Operation से जुड़े हुए थे।
यह link दर्शाता है कि Iran ने cryptocurrency ecosystem का पूरा infrastructure तैयार किया था sanctions को bypass करने के लिए।
Dubai की VARA ने भी उठाए सवाल
इस दौरान दुबई की Virtual Assets Regulatory Authority (VARA) ने भी हाल ही में नोटिस जारी करके कहा था कि Shellbit money laundering और आतंकी funding से संबंधित कानूनों की उल्लंघना कर रही है।
Authority ने कहा कि यह मामला सिर्फ उपभोक्ताओं की सुरक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि United Arab Emirates की वित्तीय प्रणाली की भरोसेयोग्यता पर भी असर डाल सकता है।
Crypto और Sanctions का भविष्य
यह मामला global crypto regulation की जरूरत को फिर से रेखांकित करता है। Cryptocurrency की decentralized प्रकृति इसे sanctions evasion के लिए आकर्षक बनाती है, लेकिन अब regulators और governments इस पर सख्ती से नजर रख रही हैं।
अमेरिका की यह कार्रवाई एक संदेश है कि चाहे exchange कहीं भी operate करे, अगर वह US sanctions का उल्लंघन करती है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य बातें (Key Points)
- अमेरिका ने Dubai की Shellbit crypto exchange पर sanctions लगाए
- Shellbit ने Iran की IRGC और सरकारी संगठनों के लिए करोड़ों डॉलर के crypto transactions किए
- $4 billion के sanction evasion network का Shellbit था केंद्र
- Shellbit के founder Siavash Kavianpour और related companies पर भी पाबंदी
- Dubai की VARA ने भी Shellbit को money laundering और terror funding के लिए notice दिया
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