Din Bhar Ki Khabar में आज कई बड़ी और देश-दुनिया को हिलाने वाली खबरें रहीं। मिडिल ईस्ट की जंग में ईरान ने इजराइल के पांच शहरों पर एक साथ मिसाइल हमले किए, जिसमें परमाणु ठिकाना डिमोना भी निशाने पर रहा। भारत में रुपये की ऐतिहासिक गिरावट पर विपक्ष ने मोदी सरकार को जमकर घेरा। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संसद में महाभियोग प्रस्ताव पेश किया गया, जिस पर 193 सांसदों ने हस्ताक्षर किए। असम, केरल और पुदुचेरी में 9 अप्रैल को होने वाले चुनावों के लिए 23 मार्च नामांकन की आखिरी तारीख रही। भावी CJI जस्टिस बीवी नागरत्ना ने लंबित मामलों के लिए सीधे केंद्र सरकार को फटकार लगाई। उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव ने महिला सशक्तिकरण समारोह में BJP पर तीखा हमला बोला और JDU छोड़कर केसी त्यागी ने जयंत चौधरी की RLD का दामन थामा।
Din Bhar Ki Khabar: ईरान ने इजराइल के 5 शहरों पर दागीं मिसाइलें, परमाणु ठिकाना भी निशाने पर
Din Bhar Ki Khabar में सबसे बड़ी खबर मिडिल ईस्ट से आई। ईरान ने अमेरिका और इजराइल को करारा जवाब देते हुए इजराइल के पांच प्रमुख शहरों पर एक साथ ताबड़तोड़ मिसाइल हमले किए। इन हमलों में सबसे चिंताजनक बात यह रही कि ईरान ने इजराइल के परमाणु शहर डिमोना को भी निशाना बनाया, जहां इजराइल की मुख्य परमाणु सुविधा स्थित है। इसके अलावा बेरशवा (जहां कई सैन्य ठिकाने हैं), ईलात (लाल सागर के किनारे बसा दक्षिणी बंदरगाह), आराद और क्रियात गत जैसे सैन्य दृष्टि से महत्वपूर्ण शहरों पर भी हमले हुए।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का दावा है कि इन हमलों में फत्ताह हाइपरसोनिक मिसाइल के साथ कद्र और एमाद बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया, जिनसे दर्जनों लोगों की जान गई। ईरान ने यह कार्रवाई इजराइल द्वारा नतांज परमाणु सुविधा (Natanz Nuclear Facility) पर किए गए हमलों के जवाब में की है। ईरान का कहना है कि “यह तो बस शुरुआत है।” परमाणु ठिकानों पर जारी बमबारी ने क्षेत्र में रेडिएशन लीकेज और परमाणु युद्ध का खतरा कई गुना बढ़ा दिया है।
पिछले 24 घंटों में ईरान ने अमेरिकी F-16 और F-15 लड़ाकू विमान भी मार गिराने का दावा किया है, जिसके बाद इस जंग में ईरान का पलड़ा भारी नजर आ रहा है। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बौखलाहट में कहा कि “ईरान ने डिएगो गार्सिया पर बैलिस्टिक मिसाइल दागी है जो 4000 किलोमीटर की दूरी तय करती है। अब उनके पास यूरोप के अंदरूनी हिस्सों तक पहुंचने की क्षमता है।” नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ दूसरे देशों को भड़काने की कोशिश करते हुए कहा कि ईरान समुद्री अंतरराष्ट्रीय मार्ग और ऊर्जा मार्ग को अवरुद्ध करके पूरी दुनिया को ब्लैकमेल कर रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को अल्टीमेटम दिया था कि अगर तेहरान 48 घंटों में होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह नहीं खोलता तो अमेरिका उसके बिजली संयंत्रों को नष्ट कर देगा। लेकिन ईरान ने झुकने से साफ इनकार कर दिया। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालीबाफ ने पलटवार करते हुए कहा कि “अगर हमारे बिजली संयंत्रों और बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया गया तो ईरान क्षेत्र में महत्वपूर्ण एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर और ऑयल फैसिलिटी पर बिना देर किए जवाबी हमले करेगा।” ईरान ने यह भी साफ किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान के दुश्मनों को छोड़कर सबके लिए खुला है। ईरान की इस नाकेबंदी ने दुनिया भर में तेल संकट पैदा कर दिया है, क्योंकि वैश्विक तेल सप्लाई का 20 प्रतिशत इसी जलमार्ग से गुजरता है।
Din Bhar Ki Khabar: रुपये में ऐतिहासिक गिरावट पर विपक्ष ने मोदी सरकार को घेरा
Din Bhar Ki Khabar में दूसरी बड़ी खबर भारतीय अर्थव्यवस्था से जुड़ी रही। मिडिल ईस्ट की जंग की चिंगारी ने भारत को भी झुलसा कर रख दिया है। देश में पहली बार रुपये में इतनी बड़ी ऐतिहासिक गिरावट देखने को मिली, जिसे लेकर विपक्षी दलों ने एकजुट होकर मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कांग्रेस और शिवसेना UBT ने BJP को कटघरे में खड़ा कर दिया।
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने BJP पर कड़ा हमला करते हुए कहा कि “भारतीय रुपये के मूल्य में गिरावट का सीधा प्रभाव देश के अंतरराष्ट्रीय व्यापार और कीमतों पर पड़ेगा। महंगाई बहुत ज्यादा बढ़ने वाली है। हमारी जो ढुलमुल विदेश नीति रही है, उसका प्रभाव भारत को सीधे-सीधे झेलना पड़ रहा है।” खेड़ा ने गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि “स्ट्रेट ऑफ होर्मुज चीन, जापान और रूस के लिए खुल सकता है, लेकिन भारत के लिए अभी खुलने में आनाकानी हो रही है, क्योंकि यह हमारी विदेश नीति का सीधा-सीधा दुष्प्रभाव है।”
शिवसेना UBT सांसद संजय राउत ने तो पीएम मोदी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि “पीएम मोदी अब देश का नेतृत्व करने में काबिल नहीं हैं। रुपया लगातार गिर रहा है। रुपया ठीक उसी समय नीचे गिरना शुरू हुआ जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने। पीएम अभी भी इलेक्शन कैंपेन में बिजी हैं और उन्हें रुपये की कोई परवाह नहीं है। मोदी जी अब झोला उठाओ और चले जाओ। रुपये के हालात देखिए, बस सेंचुरी लगाना बाकी है, अबकी बार 100 के पार।” राउत ने आगे कहा कि “मोदी और शाह पश्चिम बंगाल में खेला करने की कोशिश कर रहे हैं और रुपये की वैल्यू गिर रही है।”
विपक्ष के इन तीखे हमलों के बीच मोदी सरकार ने देश में गैस और तेल संकट से निपटने के लिए एक समीक्षा बैठक बुलाई है। इस जंग और रुपये की गिरावट का सीधा असर आम भारतीय नागरिक की जेब पर पड़ने वाला है, क्योंकि पेट्रोल-डीजल, LPG और जरूरी वस्तुओं की कीमतें बढ़ने की पूरी आशंका है।
Din Bhar Ki Khabar: CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग, 193 सांसदों के हस्ताक्षर
Din Bhar Ki Khabar में एक और बड़ी खबर देश की चुनावी राजनीति से जुड़ी रही। विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को कुर्सी से हटाने के लिए कमर कस ली है। संसद में उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पेश कर दिया गया है, जिस पर लोकसभा के 130 और राज्यसभा के 63, कुल मिलाकर 193 सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं।
विपक्ष का सबसे बड़ा आरोप है कि चुनाव आयोग अब एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था न रहकर सरकार का “टूल” बन गया है। महाभियोग प्रस्ताव में सात गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पहला, चुनाव आयोग को सरकार के राजनीतिक एजेंडे का हथियार बनाना। दूसरा, SIR प्रक्रिया के जरिए बिहार और बंगाल में लाखों गरीबों और वंचितों के नाम वोटर लिस्ट से हटाना। तीसरा, विपक्ष के प्रति सख्त और सत्ताधारी दल के प्रति नर्म रुख अपनाना। चौथा, विपक्षी नेताओं को जानबूझकर निशाना बनाना। पांचवां, सुप्रीम कोर्ट में चुनौती के बावजूद आधी रात को आनन-फानन में की गई नियुक्ति पर सवाल। छठा, चुनाव से ठीक पहले नियम बदलकर करोड़ों वोटर्स को अनिश्चितता में डालना। और सातवां, कर्नाटक जैसे राज्यों में वोटर लिस्ट में हुई धोखाधड़ी की निष्पक्ष जांच न होने देना और मशीन रीडेबल वोटर लिस्ट तथा मतदान केंद्रों के CCTV फुटेज देने से साफ इनकार करना।
विपक्ष का कहना है कि “चुनाव आयोग नागरिकों के वोट का अधिकार सुनिश्चित करने के बजाय नागरिकता तय करने वाला ट्रिब्यूनल बन गया है।” संवैधानिक प्रावधानों के मुताबिक मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए 14 दिन पहले नोटिस देना जरूरी होता है, जो विपक्ष पहले ही दे चुका है। 23 मार्च को जब संसद की कार्यवाही शुरू होगी तो यह मुद्दा सदन में जोरदार तरीके से उठेगा। अब देखना है कि ज्ञानेश कुमार अपना बचाव कर पाते हैं या विपक्ष अपनी मुहिम में कामयाब होता है।
Din Bhar Ki Khabar: असम, केरल और पुदुचेरी में नामांकन का आखिरी दिन, चुनावी सरगर्मियां चरम पर
Din Bhar Ki Khabar में चुनावी मोर्चे पर भी बड़ी हलचल रही। असम की 126, केरल की 140 और पुदुचेरी की 30 विधानसभा सीटों पर 9 अप्रैल को मतदान होना है और 23 मार्च इन तीनों राज्यों में नामांकन दर्ज करने की आखिरी तारीख रही। सभी राजनीतिक दल अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे रहे।
असम में कांग्रेस ने चार सूचियों में कुल 94 उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई ने जोरहाट से नामांकन दाखिल करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा को खुली चुनौती दी कि “अगर सरकार को हार का डर नहीं है तो सीधे जोरहाट से चुनाव लड़कर दिखाएं।” हालांकि सीएम सरमा ने अपनी सबसे सुरक्षित सीट जलूकबाड़ी से 20 मार्च को नामांकन दाखिल किया। BJP ने असम में 88 उम्मीदवार उतारे हैं, लेकिन 19 विधायकों के टिकट काटे गए हैं और हाल ही में कांग्रेस से आए नेताओं को टिकट दिया गया है, जिससे पार्टी में भारी नाराजगी है। कई कद्दावर नेता निर्दलीय चुनाव लड़ने या विपक्ष का समर्थन करने का ऐलान कर चुके हैं, जिससे असम चुनाव BJP के लिए चुनौती भरा दिख रहा है।
केरल में कांग्रेस ने दो सूचियों में कुल 92 उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है और रमेश चेन्निथला, वीएस शिवकुमार जैसे दिग्गजों को मैदान में उतारा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केरल फतह करने का आह्वान किया है। राहुल के केरल दौरे से पहले तिरुवनंतपुरम में कांग्रेस की बड़ी बैठक हुई, जिसमें संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और इमरान प्रतापगढ़ी ने चुनावी रणनीतियों पर मंथन किया। BJP ने भी केरल के लिए तीन सूचियों में कुल 138 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं। पुदुचेरी में कांग्रेस और DMK ने 30 सदस्यीय विधानसभा में 15-15 सीटें साझा करने पर सहमति जताई है और सीट शेयरिंग के समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर भी हो चुके हैं।
Din Bhar Ki Khabar: भावी CJI जस्टिस नागरत्ना की मोदी सरकार को फटकार, लंबित मामलों पर कड़ा रुख
Din Bhar Ki Khabar में न्यायपालिका से भी एक बड़ी खबर आई। भावी चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) जस्टिस बीवी नागरत्ना ने देश की अदालतों में लंबित मामलों के ढेर (Judicial Backlog) के लिए सीधे केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कड़ी फटकार लगाई। जस्टिस नागरत्ना 2027 में भारत की पहली महिला CJI बनेंगी, ऐसे में उनका यह बयान काफी मायने रखता है।
जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि “सरकार एक तरफ तो कोर्ट में केसों के लंबित रहने की चिंता जताती है, लेकिन दूसरी तरफ खुद सबसे ज्यादा केस दाखिल करके और अपील करके इस समस्या को बढ़ाती है। यह एक विरोधाभास पैदा करता है। सरकार दोनों भूमिकाओं में है: शिकायतकर्ता भी और समस्या का कारण भी।” उन्होंने बताया कि “केंद्र और राज्य सरकारें देश में सबसे बड़ी लिटिगेटर (मुकदमा करने वाली) हैं। अब अपील करना आम बात हो गई है, जबकि यह दुर्लभ होनी चाहिए। केस निचली अदालतों में खत्म होने चाहिए, लेकिन वे सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच जाते हैं।”
जस्टिस नागरत्ना ने सरकारी अधिकारियों की मानसिकता पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि “अधिकारी अक्सर सावधानी के तौर पर या खुद को बचाने के लिए अपील दायर करना बेहतर समझते हैं, क्योंकि अगर वे विवादों को निपटाते हैं तो ऑडिट आपत्ति, विजिलेंस जांच या राजनीतिक जांच का डर रहता है।” न्यायिक ढांचे में सरकारी निवेश की कमी पर भी उन्होंने कहा कि “राजनीतिक दलों को हाईवे या कल्याण योजनाओं में निवेश दिखाना ज्यादा फायदेमंद लगता है, इसलिए न्यायिक बुनियादी ढांचे को कम फंड मिलता है।” आज भारतीय अदालतों में 2 करोड़ 33 लाख से अधिक मामले लंबित हैं, जो आम नागरिकों के लिए न्याय मिलने में भारी देरी का सबसे बड़ा कारण है।
Din Bhar Ki Khabar: अखिलेश यादव ने महिला सशक्तिकरण समारोह में BJP पर साधा निशाना
Din Bhar Ki Khabar में उत्तर प्रदेश की राजनीति से भी बड़ी खबर आई। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपनी मां के नाम पर “मालती देवी महिला सम्मान समारोह” का आयोजन किया, जहां उन्होंने महिला सशक्तिकरण का आह्वान करते हुए BJP पर जोरदार हमला बोला। अखिलेश ने कहा कि “अगर यह पता लगाना हो कि समाज कितना विकसित है तो उस समाज की महिलाओं को देखना चाहिए। भारत में महिलाओं और बहनों की स्थिति बहुत खराब है।”
अखिलेश ने बिना नाम लिए मीडिया के उस हिस्से पर भी निशाना साधा जिस पर विपक्ष अक्सर सरकार की चाटुकारिता का आरोप लगाता है। उन्होंने कहा कि “अगर ये कैमरे अपनी जिम्मेदारी निभाने लगें तो अपने आप सत्ता परिवर्तन हो जाएगा। जहां लिखने, बोलने और आंदोलन करने पर पाबंदी है, वहां झूठे मुकदमे लग जाते हैं। लेकिन जब लोग बूथ पर जाएंगे तो इस सरकार का पता भी नहीं चलेगा।”
अखिलेश ने महिलाओं के लिए दो बड़ी योजनाओं का ऐलान भी किया। पहली, रानी लक्ष्मीबाई के नाम पर एक विशेष योजना जिसका मकसद महिलाओं को समाज में उचित सम्मान और सुरक्षा देना होगा। दूसरी, “नारी समृद्धि सम्मान योजना” जिसके तहत पात्र महिलाओं को सालाना ₹12,000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस समारोह के जरिए अखिलेश ने महिला वोटबैंक को साधने का बड़ा दांव खेला है, जिसका फायदा उन्हें आगामी यूपी विधानसभा चुनाव में मिल सकता है।
Din Bhar Ki Khabar: केसी त्यागी ने JDU छोड़ जयंत चौधरी की RLD का दामन थामा
Din Bhar Ki Khabar में एक और राजनीतिक उथल-पुथल की खबर आई। 23 साल तक JDU में रहने के बाद केसी त्यागी ने आखिरकार नीतीश कुमार का साथ छोड़कर जयंत चौधरी की राष्ट्रीय लोकदल (RLD) का दामन थाम लिया है। जेडीयू में संवाद की कमी और सीमित संभावनाओं का आरोप लगाकर निकले त्यागी का JDU छोड़ना नीतीश कुमार के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि वे लंबे समय तक पार्टी के प्रमुख प्रवक्ता रहे थे।
RLD में शामिल होते ही त्यागी ने बड़ा बयान दिया कि “मैं यहां किसी पद या टिकट के लालच में नहीं आया हूं। मेरा इकलौता लक्ष्य जयंत चौधरी को उनके दादा और पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह जैसी राजनीतिक ऊंचाइयों पर देखना है। मैं चाहता हूं कि जयंत चौधरी राष्ट्रीय राजनीति में इतने मजबूत हों कि प्रधानमंत्री के चयन में उनकी भूमिका निर्णायक हो।” त्यागी ने RLD को मुसलमानों की प्रतिनिधि पार्टी बताकर पुराने सोशल इंजीनियरिंग कार्ड को फिर से हवा दे दी है।
हालांकि, त्यागी के साथ उनके पुराने विवाद भी RLD के साथ जुड़े रहेंगे। अगस्त 2024 में इजराइल-फिलिस्तीन विवाद पर सरकार विरोधी रुख, अग्निवीर योजना पर तीखी टिप्पणी और लेटरल एंट्री पर विरोध जैसे मुद्दों ने NDA गठबंधन के अंदर पहले ही असहज स्थिति पैदा कर दी थी। हाल ही में नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की उनकी मांग ने भी JDU को किनारा करने पर मजबूर किया। अब सवाल यह है कि क्या केसी त्यागी का अनुभव और उनके बागी तेवर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में RLD को सत्ता की चाबी दिला पाएंगे।
Din Bhar Ki Khabar: अन्य महत्वपूर्ण खबरें
आज की Din Bhar Ki Khabar में कुछ और अहम खबरें भी रहीं। सैनिक स्कूलों पर सियासी संग्राम तेज हुआ, जहां मोदी सरकार के PPP (Public-Private Partnership) मॉडल पर कांग्रेस ने तीखा हमला करते हुए कहा कि “पूंजीपति मित्रों के फायदे के लिए जवाहरलाल नेहरू के विजन के साथ खिलवाड़ हो रहा है।” मणिपुर हिंसा के 3 साल बाद सरकार और कुकी नेताओं के बीच करीब 1 घंटा 45 मिनट तक अहम बैठक हुई, जिसे दोनों समुदायों के बीच तनाव कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। 170 दिनों के संघर्ष के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने लेह पहुंचकर कहा कि “जिस मकसद के लिए संघर्ष कर रहे हैं, उसके लिए उगेगा नया सूरज।” केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला करते हुए कहा कि “भारत अमेरिका के जागीरदार की तरह काम कर रहा है।”
मुख्य बातें (Key Points)
- ईरान का बड़ा हमला: ईरान ने इजराइल के 5 शहरों पर मिसाइल हमले किए, परमाणु ठिकाना डिमोना भी निशाने पर रहा, ट्रंप के अल्टीमेटम को ईरान ने ठुकराया।
- रुपये में ऐतिहासिक गिरावट: विपक्ष ने मोदी सरकार की विदेश नीति को जिम्मेदार ठहराया, संजय राउत ने कहा “मोदी जी झोला उठाओ और चले जाओ।”
- CEC पर महाभियोग: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 193 सांसदों ने हस्ताक्षर किए, चुनाव आयोग पर सरकार का “टूल” बनने का आरोप।
- चुनावी तैयारियां: असम, केरल और पुदुचेरी में 9 अप्रैल को वोटिंग, 23 मार्च नामांकन की आखिरी तारीख; भावी CJI नागरत्ना ने लंबित मामलों पर सरकार को फटकारा; केसी त्यागी JDU छोड़ RLD में शामिल।







