डीजीपी दिनकर गुप्ता का शहीदों के परिवारों को हर संभव सहायता का भरोसा

शहीद ए.एस.आईज का उनके पैतृक गांवों में सरकारी सम्मानों के साथ अंतिम संस्कार

जगराओं कांड में शामिल अपराधियों को पकड़ा जायेगा जैसे कि अन्य नशा तस्करों और अपराधियों की देश और विश्व भर में नकेल डाली

जगराओं/तरन तारन, 16 मईः

दो सहायक सब-इंस्पेक्टरों (एएसआईज़), जिनकी जगराओं की नयी अनाज मंडी में कार सवार नशा तस्कर-अपराधियों ने गोलियाँ मार कर हत्या कर दी थी, के मृतक शवों का आज उनके पैतृक गाँवों में पूरे सरकारी सम्मानों के साथ अंतिम संस्कार किया गया। शनिवार शाम को जब यह घटना घटी, उस समय लुधियाना ग्रामीण पुलिस की क्राइम इंवैस्टीगेशन यूनिट (सीआईए) विंग में तैनात दोनों एएसआई शराब की तस्करी सम्बन्धी मिली सूचना में कार्यवाही कर रहे थे।

जगराओं के गाँव कोठे आठ चक्क के निवासी एएसआई भगवान सिंह (50) का उनके पैतृक गाँव में अंतिम संस्कार किया गया। भगवान सिंह अपने पीछे पत्नी और एक 15 साल का पुत्र छोड़ गए हैं। एएसआई दलविन्दरजीत सिंह (48) का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गाँव संगवां, पट्टी जिला तरन तारन में किया गया। वह अपने पीछे अपनी पत्नी और 2 पुत्र छोड़ गए हैं।

दोनों एएसआईज़ के मृतक शवों को तिरंगे में लिपटे ताबूतों में लाया गया और पंजाब पुलिस की टुकड़ी की तरफ से शहीदों को बंदूकों के साथ सलामी दी गई और इससे पहले बिगुल बजाया गया।

डायरैक्टर जनरल आफ पुलिस (डी.जी.पी.) दिनकर गुप्ता ने इसको दुखद घटना करार देते हुये कहा कि पंजाब पुलिस ने अपराधियों का पीछा कर रहे दो बहादुर अधिकारियों को गंवाया है। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस हमेशा उनके परिवारों के साथ डट कर खड़ी रहेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोनों अधिकारियों के परिवारों को एचडीएफसी बैंक की तरफ से एक-एक करोड़ रुपए की राशि के साथ अन्य लाभ जैसे बहादुर पुलिस जवानों के वारिसों को नौकरी आदि दी जायेगी।

डीजीपी ने सभी सी.पीज और एस.एस.पीज समेत जिलों और मुख्यालयों में तैनात सभी सीनियर पुलिस अधिकारियों के साथ मीटिंग के दौरान शहीद हुए दोनों बहादुर अधिकारियों को श्रद्धांजलि देने के लिए उनकी याद में 2 मिनट का मौन रखा।

डीजीपी ने भरोसा दिलाया कि दोनों अधिकारियों का बलिदान व्यर्थ नहीं जायेगा और उन्होंने सभी पुलिस मुखियों को हिदायत की कि वह अपने सम्बन्धित जिलों में दोषियों की खोज और तेज करें और इस केस में शामिल दोषी व्यक्तियों को जल्द से जल्द काबू करें।

इस दौरान विशेष डीजीपी संजीव कालडा, आईजी नौ निहाल सिंह, डिप्टी कमिशनर लुधियाना वरिन्दर शर्मा और एसएसपी लुधियाना ग्रामीण चरनजीत सिंह सोहल, एएसआई भगवान सिंह के संस्कार में शामल हुए और जगराओं में डीजीपी और समूची पंजाब पुलिस फोर्स की तरफ से पुष्पांजलि अर्पित करके शरधाजली भेंट की। एएसआई दलविन्दरजीत सिंह का अंतिम संस्कार तरन तारन में विशेष डीजीपी आई.पी.एस. सहोता, डिप्टी कमिशनर तरन तारन कुलवंत सिंह और एस.एस.पी. ध्रुमन एच निम्बले की हाजिरी में किया गया और सभी सीनियर अधिकारियों की तरफ से शहीद को श्रद्धांजलि भेंट की गई।

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