Cyclone Murasu यानी Severe Cyclonic Storm “Murasu” 3 नवंबर को सुबह 11:30 बजे दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर 15.9 उत्तर और 80.1 पूर्व पर था। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत आने वाले भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने तेज हवा, भारी बारिश, समुद्र की हालत और मछुआरों के लिए चेतावनी जारी की है। असर आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, तमिलनाडु और छत्तीसगढ़ तक दिखेगा।
सबसे ज्यादा चिंता तटीय आंध्र प्रदेश को लेकर है। वहां 85-95 किमी/घंटा की रफ्तार से हवा चल रही है और झोंके 105 किमी/घंटा तक पहुंच रहे हैं। इसका मतलब है कि Cyclone Murasu का सबसे तगड़ा असर फिलहाल आंध्र तट पर है।
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Cyclone Murasu की हवा: किस इलाके में कितनी रफ्तार
IMD ने बताया है कि तेज हवा धीरे-धीरे कम होगी। नीचे हवा की रफ्तार किमी/घंटा में है।
| इलाका | अभी की रफ्तार | आगे क्या |
|---|---|---|
| पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी | 85-95, झोंके 105 | 3 की शाम तक 65-75 (झोंके 85), 4 की सुबह तक 40-50 (झोंके 60) |
| तटीय आंध्र (कृष्णा, बापटला, प्रकाशम, SPSR नेल्लोर, गुंटूर, एलुरु, NTR, पल्नाडु, पश्चिम गोदावरी) | 85-95, झोंके 105 | 3 की शाम तक 65-75 (झोंके 85), आधी रात तक 55-65 (झोंके 75) |
| तेलंगाना (खम्मम, सूर्यापेट, नलगोंडा, नागरकुरनूल, वानापर्थी, महबूबाबाद, वारंगल, जनगांव, करीमनगर, B. कोठागुडेम) और रायलसीमा (चित्तूर, तिरुपति) | 65-75, झोंके 85 (3 की दोपहर तक) | आधी रात तक 50-60 (झोंके 70) |
| दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उत्तर तमिलनाडु-पुडुचेरी तट | 50-60, झोंके 70 (3 की दोपहर तक) | शाम तक 40-50 (झोंके 60), फिर और कमी |
| दक्षिण ओडिशा तट (मलकानगिरी, कोरापुट, रायगडा, गजपति, गंजाम) | 50-60, झोंके 70 (3 की शाम तक) | उसके बाद धीरे-धीरे कमी |
बारिश का अलर्ट: तेलंगाना में सबसे गंभीर चेतावनी
देखा जाए तो हवा के साथ बारिश भी बड़ी चुनौती है। सबसे सख्त चेतावनी पूर्वी तेलंगाना के लिए है, जहां इक्का-दुक्का जगह अत्यंत भारी बारिश हो सकती है।
| राज्य | बारिश का अनुमान |
|---|---|
| उत्तर तमिलनाडु | कई जगह हल्की से मध्यम, इक्का-दुक्का जगह भारी (3 नवंबर) |
| दक्षिण ओडिशा | कुछ जगह हल्की से मध्यम, इक्का-दुक्का जगह भारी (3 नवंबर) |
| रायलसीमा | कई जगह हल्की से मध्यम, इक्का-दुक्का जगह भारी (3 नवंबर) |
| तेलंगाना | ज्यादातर जगह हल्की से मध्यम, कुछ जगह भारी से बहुत भारी, पूर्वी तेलंगाना में इक्का-दुक्का जगह अत्यंत भारी (3 नवंबर) |
| तेलंगाना (4 नवंबर) | उत्तर-पूर्व तेलंगाना में इक्का-दुक्का जगह भारी |
| छत्तीसगढ़ | कई जगह हल्की से मध्यम, इक्का-दुक्का जगह भारी (3-4 नवंबर) |
पिछले 24 घंटे में बारिश पहले ही अपना असर दिखा चुकी है। 7 सेमी या उससे ज्यादा बारिश वाले इलाके ये रहे:
| इलाका | बारिश (सेमी) |
|---|---|
| बापटला | 22 |
| नरसापुरम (पश्चिम गोदावरी) | 20 |
| करमचेडु (बापटला) | 16 |
| अद्दंकी (बापटला) | 15 |
| भीमावरम (पश्चिम गोदावरी) | 13 |
| रचेरला, पालाकोडेरू, ओंगोल | 12 प्रत्येक |
| सीतारामपुरम (नेल्लोर), बेस्तावरिपेटा (प्रकाशम) | 11 प्रत्येक |
| कुड्डालोर | 9 |
| मछलीपट्टनम, अवनिगड़ा (कृष्णा) | 8 प्रत्येक |
| संतमगुलूरु, रेपल्ले (बापटला), पुडुचेरी के दो केंद्र | 7 प्रत्येक |
दिलचस्प बात यह है कि बापटला जिले का नाम हवा की चेतावनी, बाढ़ के जोखिम और सबसे ज्यादा बारिश, तीनों सूचियों में आता है।
समुद्र में उफान और मछुआरों के लिए मनाही
पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और आंध्र तट के पास समुद्र “बहुत ऊंचा से ऊंचा” है और यह हालत 3 नवंबर की शाम तक रहेगी। फिर 4 नवंबर की सुबह तक यह “बहुत उग्र से उग्र” हो जाएगा और उसके बाद सुधरेगा। तटीय आंध्र में लहरें 9-14 मीटर तक बताई गई हैं, और विजिबिलिटी बुरी तरह प्रभावित होगी।
मछुआरों के लिए IMD की सलाह साफ है कि समुद्र में न जाएं:
- पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और आंध्र तट: 4 नवंबर की सुबह तक
- दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उत्तर तमिलनाडु-पुडुचेरी तट: 3 नवंबर की शाम तक
- उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और दक्षिण ओडिशा तट: 3 नवंबर की शाम तक
मोटर बोट और छोटे जहाजों की आवाजाही असुरक्षित बताई गई है।
फ्लैश फ्लड का खतरा और संभावित नुकसान
3 नवंबर को शाम 5:30 बजे तक तटीय आंध्र प्रदेश और यनम के पल्नाडु, प्रकाशम, बापटला, गुंटूर, कृष्णा, पश्चिम गोदावरी, पूर्वी गोदावरी, एलुरु, कोनसीमा और SPSR नेल्लोर जिलों में मध्यम फ्लैश फ्लड खतरे की बात कही गई है। इसके बाद 4 नवंबर को सुबह 11:30 बजे तक प्रकाशम, पल्नाडु, बापटला, गुंटूर, कृष्णा, NTR, एलुरु, पूर्वी और पश्चिम गोदावरी, कोनसीमा और काकीनाडा में मध्यम जोखिम है।
तटीय आंध्र प्रदेश में IMD ने ये नुकसान संभावित बताए हैं:
- मकान: कच्चे घरों और झोंपड़ियों को भारी नुकसान, छतें उड़ सकती हैं, टिन-एस्बेस्टस के ढांचे खतरे में।
- बिजली और संचार: बिजली-संचार के खंभों को मामूली नुकसान, बड़े पेड़ उखड़ सकते हैं।
- खेती: खड़ी फसलों, बागानों और बाग-बगीचों को भारी नुकसान। केला, पपीता और सहजन के पेड़ खास तौर पर खतरे में।
- सड़क और रेल: कच्ची-पक्की सड़कों को भारी नुकसान, निचले इलाकों में जलभराव, रेल, ओवरहेड बिजली लाइन और सिग्नल सिस्टम में रुकावट।
दक्षिण ओडिशा, रायलसीमा और उत्तर तमिलनाडु-तेलंगाना के आसपास के इलाकों में फसलों को नुकसान और कच्ची सड़कों के टूटने की आशंका बताई गई है।
Cyclone Murasu से बचाव: IMD की सलाह
- मछली पकड़ने का काम पूरी तरह बंद रखें।
- तटीय झोंपड़ियों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित जगह ले जाया जाए। प्रभावित इलाकों में लोग घर के अंदर रहें।
- कमजोर ढांचों में न रुकें।
- रेल और सड़क यातायात को समझदारी से नियंत्रित किया जाए और ट्रैफिक एडवाइजरी मानें।
- जलभराव वाले इलाकों में जाने से बचें।
- समुद्री और बंदरगाह संचालकों से तैयारी की समीक्षा करने और अगले अपडेट पर नजर रखने को कहा गया है।
अगले 24 घंटे: हवा थमेगी, पर पानी का खतरा बना रहेगा
इससे साफ होता है कि Cyclone Murasu का खतरा अब हवा से ज्यादा पानी की तरफ खिसक रहा है। 3 नवंबर की रात तक आंध्र में हवा 55-65 किमी/घंटा पर आ जाएगी, पर बाढ़ का जोखिम 4 नवंबर की सुबह 11:30 बजे तक बना रहेगा। उसमें नई सूची में काकीनाडा भी जुड़ गया है।
एक और फर्क है। तटीय आंध्र के लिए “भारी नुकसान” की चेतावनी है, जबकि ओडिशा, रायलसीमा और तमिलनाडु के लिए ज्यादातर फसलों और कच्ची सड़कों के नुकसान की बात है। यह दर्शाता है कि असर का सबसे गहरा दायरा आंध्र तट के आसपास है।
आम आदमी के लिए यह चिंता का विषय है। जो परिवार कच्चे घरों या तटीय झोंपड़ियों में रहते हैं, उन्हें सबसे ज्यादा जोखिम है। मछुआरों की रोजी-रोटी भी इन दिनों रुक जाएगी। राहत की बात यह है कि IMD की चेतावनी समय रहते जारी हुई है।
क्या है पृष्ठभूमि
Cyclone Murasu को Severe Cyclonic Storm की श्रेणी में रखा गया है। 3 नवंबर को सुबह 11:30 बजे इसकी स्थिति दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर 15.9 उत्तर और 80.1 पूर्व पर दर्ज हुई। IMD मछलीपट्टनम और विशाखापत्तनम के डॉप्लर रडार से इस पर नजर रख रहा है। अगला अपडेट 4 नवंबर को दोपहर 14:30 बजे जारी होगा। ताजा जानकारी के लिए IMD की वेबसाइट www.mausam.imd.gov.in और www.rsmcnewdelhi.imd.gov.in देखी जा सकती हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- Cyclone Murasu के चलते तटीय आंध्र प्रदेश में 85-95 किमी/घंटा की हवा चल रही है, जिसके झोंके 105 किमी/घंटा तक पहुंच रहे हैं।
- पूर्वी तेलंगाना में इक्का-दुक्का जगह अत्यंत भारी बारिश का अनुमान है। बापटला में 24 घंटे में सबसे ज्यादा 22 सेमी बारिश दर्ज हुई।
- मछुआरों को आंध्र तट पर 4 नवंबर की सुबह तक और तमिलनाडु-पुडुचेरी व दक्षिण ओडिशा तट पर 3 नवंबर की शाम तक समुद्र में न जाने की सलाह है।
- तटीय आंध्र में कच्चे घरों, फसलों, सड़क और रेल को नुकसान की आशंका है, और फ्लैश फ्लड का जोखिम 4 नवंबर की सुबह तक है।










