Cyclone Arnab ने 28 अक्टूबर 2026 को आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में तबाही मचा दी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, भीषण चक्रवाती तूफान “अर्णब” 16.5°N / 81.9°E पर स्थित है और इसके केंद्र में हवाओं की रफ्तार 110-120 kmph तक पहुंच गई है, जो झोंकों में 130 kmph तक जा रही है। पिछले 24 घंटों में गारिविडी में 26 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई है, और समुद्र में 9 से 14 मीटर ऊंची लहरें उठ रही हैं। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।
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‘तूफान की भयावहता: 130 kmph हवाएं और 14 मीटर लहरें’
देखा जाए तो Cyclone Arnab की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और आंध्र प्रदेश-यनम तट पर हवाएं 110-120 kmph की रफ्तार से चल रही हैं, जो झोंकों में 130 kmph तक पहुंच रही हैं। IMD के मुताबिक, शाम तक यह रफ्तार घटकर 70-80 kmph (झोंके 90 kmph) हो सकती है, और रात तक 50-60 kmph (झोंके 70 kmph) रह जाएगी।
लेकिन राहत की बात यह है कि हवाओं की रफ्तार धीरे-धीरे कम होगी। हालांकि, अभी खतरा पूरी तरह टला नहीं है। समुद्र की स्थिति “बेहद ऊंची से ऊंची” (Very High to High) बनी हुई है, और लहरों की ऊंचाई 9 से 14 मीटर तक पहुंच गई है। दृश्यता बुरी तरह प्रभावित है और नावों-जहाजों की आवाजाही पूरी तरह असुरक्षित है।
‘बारिश का कहर: 26 cm तक पानी गिरा’
अगर गौर करें तो पिछले 24 घंटों में आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में अभूतपूर्व बारिश हुई है। गारिविडी में 26 cm, अनाकापल्ली, शृंगवरापुकोटा, वेपाडा और चीपुरूपल्ली में 25-25 cm, भीमुनीपट्नम, मेंटाडा और येलामंचिली में 24-24 cm बारिश दर्ज की गई है। विशाखापत्तनम में 22 cm और विजियानगरम में 21 cm बारिश हुई।
ओडिशा में भी महेंद्रगढ़ में 25 cm, पोट्टांगी में 19 cm और मोहना में 17 cm बारिश रिकॉर्ड की गई। मछलीपत्तनम में सबसे तेज 96 kmph हवा दर्ज की गई, जबकि काकीनाडा और विशाखापत्तनम में 80-80 kmph हवाएं चलीं।
| स्थान | बारिश (cm) | अधिकतम हवा (kmph) |
|---|---|---|
| गारिविडी (AP) | 26 | : |
| अनाकापल्ली (AP) | 25 | : |
| मछलीपत्तनम (AP) | : | 96 |
| काकीनाडा (AP) | 12 | 80 |
| विशाखापत्तनम (AP) | 22 | 80 |
| महेंद्रगढ़ (ओडिशा) | 25 | : |
| कलिंगपत्तनम (AP) | 16 | 70 |
’10 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट’
समझने वाली बात है कि Cyclone Arnab का असर सिर्फ आंध्र-ओडिशा तक सीमित नहीं है। IMD ने 10 राज्यों और क्षेत्रों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में 28 अक्टूबर को अत्यधिक भारी बारिश (21 cm से अधिक) की संभावना है, जबकि 29 अक्टूबर को उत्तरी तटीय आंध्र में भारी बारिश हो सकती है। ओडिशा के दक्षिणी हिस्सों में अत्यधिक भारी और उत्तरी हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी है। तेलंगाना के पूर्वी हिस्सों, छत्तीसगढ़ के दक्षिणी क्षेत्रों, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, विदर्भ, पूर्वी मध्य प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी भारी बारिश का अलर्ट है।
| राज्य/क्षेत्र | तारीख | बारिश की तीव्रता |
|---|---|---|
| तटीय आंध्र प्रदेश | 28 अक्टूबर | अत्यधिक भारी (≥21 cm) |
| दक्षिण ओडिशा | 28 अक्टूबर | अत्यधिक भारी |
| उत्तर ओडिशा | 28 अक्टूबर | भारी से अत्यधिक भारी |
| पूर्वी तेलंगाना | 28 अक्टूबर | भारी से अत्यधिक भारी |
| दक्षिण छत्तीसगढ़ | 28 अक्टूबर | अत्यधिक भारी |
| झारखंड | 28-29 अक्टूबर | भारी |
| बिहार | 29-30 अक्टूबर | भारी से अत्यधिक भारी |
| पश्चिम बंगाल | 28-30 अक्टूबर | भारी |
| पूर्वी मध्य प्रदेश | 28-30 अक्टूबर | भारी से अत्यधिक भारी |
| पूर्वी उत्तर प्रदेश | 29-31 अक्टूबर | भारी से अत्यधिक भारी |
‘स्टॉर्म सर्ज और फ्लैश फ्लड: दोहरा खतरा’
दिलचस्प बात यह है कि Cyclone Arnab के साथ स्टॉर्म सर्ज का भी गंभीर खतरा है। IMD के मुताबिक, आंध्र प्रदेश के निचले तटीय इलाकों में अगले 3 घंटों में लगभग 1.0 मीटर ऊंची स्टॉर्म सर्ज आ सकती है, और उसके बाद के 6 घंटों में 0.5 से 1.0 मीटर तक की सर्ज की संभावना है। यह खगोलीय ज्वार से ऊपर होगी, जिसका मतलब है कि तटीय गांवों में बाढ़ का गंभीर खतरा है।
इसके अलावा, नेशनल फ्लैश फ्लड गाइडेंस बुलेटिन ने भी चेतावनी दी है कि आंध्र प्रदेश के पलनाडु, एनटीआर, गुंटूर, कृष्णा, एलुरु, अनाकापल्ली, विशाखापत्तनम, विजियानगरम, श्रीकाकुलम और पर्वतीपुरम मन्यम जिलों में मध्यम से उच्च फ्लैश फ्लड का खतरा है। ओडिशा के कोरापुट, रायगढ़, नबरंगपुर, गंजाम, गजपति और कई अन्य जिलों में भी अगले 24 घंटों में फ्लैश फ्लड का जोखिम है।
‘क्या-क्या नुकसान हो सकता है? IMD की चेतावनी’
चिंता का विषय यह है कि IMD ने साफ तौर पर बताया है कि Cyclone Arnab से किस तरह का नुकसान हो सकता है। कच्चे और झोपड़ीनुमा मकानों को बड़ा नुकसान पहुंच सकता है। उड़ती हुई वस्तुओं से जान का खतरा है। बिजली और संचार के खंभों को नुकसान पहुंच सकता है। बड़े पेड़ उखड़ सकते हैं और पेड़ों की डालियां टूट सकती हैं।
कृषि क्षेत्र में खड़ी फसलों, बागानों और फलों के पेड़ों को भारी नुकसान की संभावना है। केले, पपीता और सहजन के पेड़ गिर सकते हैं। आम के झाड़ीदार पेड़ उखड़ सकते हैं। नारियल के हरे फल गिर सकते हैं और ताड़ के पत्ते फट सकते हैं।
सड़कों और रेलवे पर भी गंभीर असर पड़ेगा। कच्ची और पक्की दोनों सड़कों को नुकसान पहुंच सकता है। निचले इलाकों में जलभराव होगा। शहरों में ट्रैफिक बाधित होगा। रेलवे, ओवरहेड बिजली लाइनें और सिग्नलिंग सिस्टम प्रभावित हो सकते हैं।
‘मछुआरों और तटीय इलाकों के लिए निर्देश’
और बस यहीं से शुरू हुई असली कहानी राहत और बचाव की तैयारियों की। IMD ने मछुआरों को सख्त निर्देश दिया है कि वे 28 अक्टूबर को पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी, आंध्र प्रदेश-ओडिशा तट, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, पश्चिम बंगाल तट, और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बिल्कुल न जाएं। मत्स्य पालन विभाग और मछली बंदरगाह प्राधिकरणों को मछुआरों को सतर्क करने के निर्देश दिए गए हैं।
तटीय झोपड़ियों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाना चाहिए। प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को घरों के अंदर रहने की सलाह दी गई है। कमजोर इमारतों में रहने से बचना चाहिए। रेल और सड़क यातायात का विवेकपूर्ण नियमन किया जाना चाहिए। जलभराव वाले इलाकों में जाने से बचना चाहिए।
‘जानें पूरा मामला’
भीषण चक्रवाती तूफान “अर्णब” 28 अक्टूबर 2026 को आंध्र प्रदेश-यनम तट और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में सक्रिय है। 16.5°N / 81.9°E पर स्थित इस तूफान में हवाएं 110-130 kmph की रफ्तार से चल रही हैं। 10 राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट है। 1 मीटर स्टॉर्म सर्ज, 9-14 मीटर ऊंची लहरें और फ्लैश फ्लड का खतरा है। मछुआरों को समुद्र में न जाने और तटीय इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
‘विश्लेषण: तैयारी ही बचाव है’
Cyclone Arnab की तीव्रता और इसके व्यापक प्रभाव को देखते हुए यह साफ होता है कि यह कोई साधारण मौसमी घटना नहीं है। 10 राज्यों में एक साथ अलर्ट जारी होना अपने आप में इस तूफान की भयावहता को दर्शाता है। आम आदमी के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि अगर आप तटीय इलाके में रहते हैं, तो प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। अगर आप अंदरूनी इलाकों में हैं, तो भी भारी बारिश और फ्लैश फ्लड से सावधान रहें। निचले इलाकों में पानी भर सकता है, बिजली गुल हो सकती है, और संचार व्यवस्था बाधित हो सकती है। अगले 48 घंटे बेहद अहम हैं, और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- भीषण चक्रवाती तूफान Cyclone Arnab ने आंध्र-ओडिशा तट पर दस्तक दी, हवाएं 110-130 kmph।
- 10 राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट, गारिविडी में 26 cm बारिश रिकॉर्ड।
- 9-14 मीटर ऊंची लहरें, 1 मीटर स्टॉर्म सर्ज, फ्लैश फ्लड का गंभीर खतरा।
- मछुआरों को समुद्र में न जाने, तटीय इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह।










