Cyclone Arnab Rainfall Alert को लेकर भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 30 अक्टूबर 2026 को अहम चेतावनी जारी की है। चक्रवात अरनब के अवशेष से बने निम्न दबाव क्षेत्र के असर से उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
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‘अंडमान सागर में नया डिप्रेशन, आंध्र तट की ओर बढ़ेगा सिस्टम’
IMD के अनुसार दक्षिण अंडमान सागर और उससे सटे अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के ऊपर एक निम्न दबाव क्षेत्र मौजूद है। दिलचस्प बात यह है कि यह सिस्टम 31 अक्टूबर के आसपास दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में डिप्रेशन का रूप ले सकता है।
इसके बाद यह सिस्टम उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ेगा, जिससे 2 और 3 नवंबर को तटीय आंध्र प्रदेश में भारी से अति भारी बारिश होने की आशंका है।
‘पिछले 24 घंटों में कहां कितनी बारिश दर्ज हुई’
30 अक्टूबर की सुबह 8:30 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में अत्यंत भारी बारिश (21 सेमी से अधिक) दर्ज की गई है। वहीं ओडिशा में भारी से अति भारी बारिश (12-20 सेमी) रिकॉर्ड हुई।
गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड, उत्तराखंड, हरियाणा, पश्चिम उत्तर प्रदेश और तटीय आंध्र प्रदेश में भी 7-11 सेमी भारी बारिश दर्ज की गई है।
| राज्य/क्षेत्र | सर्वाधिक बारिश स्थान | मात्रा (सेमी) |
|---|---|---|
| छत्तीसगढ़ | कुसमी (बलरामपुर) | 28 |
| ओडिशा | भोगराई | 19 |
| पश्चिम उत्तर प्रदेश | बिजनौर | 10 |
| उत्तराखंड | कीर्तिनगर | 9 |
| गंगीय पश्चिम बंगाल | दीघा | 8 |
| झारखंड | डाल्टनगंज | 8 |
| हरियाणा | पटौदी (गुरुग्राम) | 8 |
| तटीय आंध्र प्रदेश | श्रीकाकुलम | 8 |
‘दिल्ली-एनसीआर में अगले चार दिन कैसा रहेगा मौसम’
राजधानी दिल्ली में पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान 4-6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 2 डिग्री तक गिरा है। 30 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, वहीं अधिकतम तापमान सामान्य से काफी कम रहने का अनुमान है।
| तारीख | अधिकतम तापमान | न्यूनतम तापमान | मौसम की स्थिति |
|---|---|---|---|
| 30 अक्टूबर | 24-26°C | – | गरज-चमक के साथ बारिश |
| 31 अक्टूबर | 26-28°C | 15-17°C | आंशिक बादल |
| 1 नवंबर | 28-30°C | 16-18°C | आंशिक बादल |
| 2 नवंबर | 29-31°C | 15-17°C | मुख्यतः साफ आसमान |
‘मछुआरों और तटीय इलाकों के लिए चेतावनी’
IMD ने बंगाल की खाड़ी में अंडमान सागर तथा मध्य-पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में 1 नवंबर तक मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी दी है। वहीं आंध्र प्रदेश तट से सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में 1 से 4 नवंबर तक भी यही चेतावनी लागू रहेगी। हालांकि अरब सागर के लिए फिलहाल कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।
‘विशेषज्ञ विश्लेषण’
देखा जाए तो यह स्थिति दर्शाती है कि अक्टूबर के आखिर में भी मानसून के बाद की बारिश प्रणाली उत्तर और पूर्वी भारत को प्रभावित कर रही है। अगर गौर करें तो चक्रवात अरनब के अवशेष और नए सिस्टम का लगभग एक साथ सक्रिय होना यह संकेत देता है कि नवंबर के पहले हफ्ते में मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
सवाल उठता है कि क्या आंध्र प्रदेश तट पर बनने वाला यह नया डिप्रेशन आगे चलकर और मजबूत रूप ले सकता है, इस पर IMD की आगामी बुलेटिन से ही स्पष्टता मिलेगी। चिंता का विषय यह भी है कि निचले इलाकों में जलभराव और फसलों को नुकसान की आशंका बनी हुई है।
‘जानें पूरा मामला’
भारत मौसम विज्ञान विभाग हर दिन देश भर के मौसम सिस्टम पर नजर रखते हुए बुलेटिन जारी करता है। मौजूदा मामले में चक्रवात अरनब के कमजोर होकर निम्न दबाव क्षेत्र में बदलने के बाद भी उत्तर भारत के कई राज्यों में इसका असर भारी बारिश के रूप में देखने को मिल रहा है। वहीं दूसरी ओर अंडमान सागर में एक नया सिस्टम सक्रिय हो रहा है, जो आने वाले दिनों में आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ते हुए असर दिखा सकता है। इसी वजह से किसानों, मछुआरों और आम नागरिकों के लिए कई एडवाइजरी भी जारी की गई हैं।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- चक्रवात अरनब के अवशेष से यूपी, बिहार, झारखंड व बंगाल में भारी बारिश की चेतावनी।
- अंडमान सागर में नया डिप्रेशन बनने की संभावना, 2-3 नवंबर को आंध्र तट पर असर।
- छत्तीसगढ़ में अत्यंत भारी बारिश सहित कई राज्यों में भारी बारिश दर्ज।
- दिल्ली-एनसीआर में अगले 4 दिन आंशिक बादल और गिरते तापमान का अनुमान।










