LIVE | ...
बुधवार, 15 जुलाई 2026
🏅 सोना ... | 🥈 चांदी ...
The News Air
📈 NIFTY 50 ... | 🏦 NIFTY BANK ...
No Result
View All Result
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - Breaking News - 3 Lakh Bribery Case: तिक्कड़ी ने खोले अंदरूनी राज, 14 दिन की Judicial Custody

3 Lakh Bribery Case: तिक्कड़ी ने खोले अंदरूनी राज, 14 दिन की Judicial Custody

CBI ने रिश्वत कांड में गिरफ्तार राघव गोयल, अंकित वधवा और Vigilance Chief के Reader ओ.पी. राणा को कोर्ट में पेश किया, आमने-सामने पूछताछ में खुले कई राज।

Ajay Kumar by Ajay Kumar
शुक्रवार, 12 जून 2026
in Breaking News, NEWS-TICKER, पंजाब
A A
0
Judicial Custody
104
SHARES
694
VIEWS
ShareShareShareShareShare

13 Lakh Bribery Case Chandigarh: अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (ड्यूटी) चंडीगढ़ ने आज 13 लाख रुपए के रिश्वत कांड में पुलिस रिमांड पर चल रहे मुलजिमों की तिकड़ी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। देखा जाए तो यह मामला केवल एक साधारण रिश्वत कांड नहीं, बल्कि पंजाब की Vigilance Bureau के अंदर तक पहुंचने वाले भ्रष्टाचार के जाल को उजागर कर सकता है।

CBI ने रिश्वत केस में पकड़े गए मुलजिम राघव गोयल, अंकित वधवा और Vigilance Chief के रीडर ओ.पी. राणा को आज पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद अदालत में पेश किया। CBI ने दो अर्जियां दायर करके मुलजिमों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग की थी।

🔍 यह भी पढ़ें- UP ने तोड़े सारे रिकॉर्ड: Export ₹2 Lakh Crore पार

अदालत ने स्वीकार की मांग, 26 जून को अगली पेशी

अदालत ने यह मांग स्वीकार करते हुए अगली पेशी 26 जून रख दी है और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश करने के निर्देश जारी किए हैं।

समझने वाली बात है कि CBI ने इस मामले में बेहद सावधानी से कदम उठाए हैं। 8 जून को न्यायिक हिरासत से प्रोडक्शन वारंट पर राघव गोयल और अंकित वधवा को लाया गया था ताकि Vigilance Chief के रीडर राणा के साथ आमने-सामने बैठाकर पूछताछ हो सके।

🔍 यह भी पढ़ें- SIP Ka Jaadu: 10,000/month से बन सकता है ₹26 Crore का फंड, फिर हर महीने ₹10 Lakh ‘Salary’ पक्की!

आमने-सामने पूछताछ में खुले राज

अहम सूत्रों के अनुसार तिकड़ी से आमने-सामने पूछताछ में CBI के हाथ अंदरले भेद लगे हैं जो Vigilance की ओर कदम बढ़ाए जाने के लिए काफी बताए जा रहे हैं।

यहां ध्यान देने वाली बात है कि जब तीनों को एक साथ बैठाकर पूछताछ की गई, तो उनके बयानों में कई विरोधाभास सामने आए। राघव गोयल और ओ.पी. राणा के बीच हुई चैट को दिखाकर बात आगे बढ़ाई गई है।

दिलचस्प बात यह है कि CBI ने जांच के दौरान काफी तथ्य इकट्ठे किए हैं जिसके कारण Vigilance के कई अफसरों की सांसें सूखी पड़ी हैं। सूत्र बताते हैं कि इस पूछताछ को आधार बनाकर अब जांच Vigilance Bureau के मुख्य दफ्तर की ओर बढ़ सकती है।

🔍 यह भी पढ़ें- 77 Lakh Jobs: New Labour Code से देश में बढ़ेगा रोजगार

11 मई को हुआ था बड़ा खुलासा

याद रहे कि CBI ने इस बड़े रिश्वत कांड का पर्दाफाश करते हुए 11 मई को मलोट के पिता-पुत्र विकास गोयल और राघव गोयल के ड्राइवर अंकित वधवा को चंडीगढ़ के एक नामी होटल से 13 लाख रुपए की नकदी और मोबाइल फोन समेत रंगे हाथों पकड़ा था।

इस ट्रैप केस की कड़ी जोड़ते हुए विकास गोयल और राघव गोयल को अंबाला के नजदीक से गिरफ्तार किया गया था। दूसरी ओर, Vigilance Chief के रीडर ओ.पी. राणा ने भगोड़ा करार दिए जाने के डर और कानूनी शिकंजा कसता देखकर बाद में खुद CBI की विशेष अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था।

समझने वाली बात है कि राणा का खुद आत्मसमर्पण करना भी संकेत देता है कि उन्हें पता था कि सबूत उनके खिलाफ हैं और भागने से कोई फायदा नहीं होगा।

पांच दिन के रिमांड में क्या हुआ?

बीते पांच दिन के पुलिस रिमांड के दौरान इस तिकड़ी ने अहम भेद उधेड़े भी हैं और कबूल भी किए हैं। राघव गोयल और ओ.पी. राणा के बीच हुई चैट को दिखाकर गहरी पूछताछ की गई है।

CBI ने तफतीश के दौरान काफी तथ्य इकट्ठे किए हैं:

  • राघव गोयल और ओ.पी. राणा के बीच WhatsApp चैट के सबूत
  • 13 लाख रुपए की रकम किस मामले में दी जा रही थी
  • कौन-कौन से और अधिकारी इस रिश्वत के नेटवर्क में शामिल हैं
  • क्या यह पहली बार था या इससे पहले भी ऐसे सौदे हुए हैं
  • पैसे की लेन-देन का तरीका क्या था

अगर गौर करें तो यह मामला सिर्फ 13 लाख की रिश्वत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक बड़े भ्रष्टाचार नेटवर्क की ओर इशारा करता है।

यह भी पढे़ं 👇

Bhagwant Mann Mukeriya Rally

Bhagwant Mann Mukeriya Rally: पंजाब नंबर 1 बनाने का दावा

बुधवार, 15 जुलाई 2026
AAP Qadian

AAP Qadian : कांग्रेस को झटका, बलराज सिंह शामिल हुए

बुधवार, 15 जुलाई 2026
HDFC Bank Layoffs

HDFC Bank Layoffs: चुपचाप 8000 नौकरियां गईं, AI का खेल

बुधवार, 15 जुलाई 2026
Calcium Deficiency

Calcium Deficiency India: चौंकाने वाली सच्चाई, 70% भारतीय खतरे में

बुधवार, 15 जुलाई 2026
Vigilance अफसरों के सूखे सांस

सूत्र बताते हैं कि इस पूछताछ को आधार बनाकर अब CBI की जांच Vigilance Bureau के मुख्य दफ्तर की ओर मुंह कर सकती है। इसी डर के कारण Vigilance के अफसरों ने भी CBI की जांच पर टिकटिकी लगाई हुई है।

यहां ध्यान देने वाली बात है कि जिस संस्था को भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ना है, उसी के अंदर भ्रष्टाचार हो, यह बेहद चिंताजनक है। Vigilance Bureau का काम तो सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार पकड़ना है, लेकिन अगर खुद ही Vigilance के अधिकारी रिश्वत लेने में शामिल हों, तो यह व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

दिलचस्प बात यह है कि CBI की यह जांच कहां तक जाती है और कितने और बड़े नाम सामने आते हैं, यह देखना होगा।

क्या है पूरे मामले का कनेक्शन?

सूत्रों के अनुसार यह 13 लाख रुपए किसी मामले को दबाने या किसी जांच में छूट दिलाने के लिए दिए जा रहे थे। राघव गोयल और उनके पिता विकास गोयल पर संभवतः कोई Vigilance की जांच चल रही थी या होने वाली थी, जिसे रोकने या प्रभावित करने के लिए यह रकम ओ.पी. राणा को दी जा रही थी।

ओ.पी. राणा चूंकि Vigilance Chief के रीडर हैं, इसलिए उनकी पहुंच शीर्ष अधिकारियों तक है और वे मामलों को प्रभावित कर सकते हैं या कम से कम जानकारी तो दे ही सकते हैं कि कौन सा मामला किस स्तर पर है।

और बस यहीं से शुरू होता है भ्रष्टाचार का जाल, जहां पैसे देकर जांच को प्रभावित किया जा सकता है।

CBI की रणनीति

CBI ने इस मामले में बेहद सोच-समझकर कदम उठाए हैं:

  1. पहले ड्राइवर अंकित वधवा को रंगे हाथों 13 लाख के साथ पकड़ा
  2. फिर राघव गोयल और विकास गोयल को गिरफ्तार किया
  3. ओ.पी. राणा पर दबाव बनाया जिससे उसे आत्मसमर्पण करना पड़ा
  4. सभी को अलग-अलग पूछताछ की
  5. फिर आमने-सामने बैठाकर चैट के सबूत दिखाए
  6. अब न्यायिक हिरासत में भेजकर और सबूत इकट्ठे करने का समय लिया

यह एक classic CBI investigation strategy है जहां धीरे-धीरे शिकंजा कसा जाता है।


मुख्य बातें (Key Points)
  • CBI ने तिकड़ी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा
  • 26 जून को होगी अगली पेशी, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेश होंगे
  • 11 मई को चंडीगढ़ के होटल से 13 लाख रुपए के साथ पकड़े गए थे
  • राघव गोयल और ओ.पी. राणा की चैट से खुले राज
  • Vigilance Bureau के अधिकारियों की सांसें सूखी
  • CBI की जांच अब Vigilance मुख्यालय की ओर बढ़ सकती है

FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: 13 लाख रुपए का रिश्वत कांड क्या है?

उत्तर: CBI ने 11 मई को चंडीगढ़ के एक होटल से मलोट के राघव गोयल और उनके ड्राइवर अंकित वधवा को 13 लाख रुपए नकद के साथ रंगे हाथों पकड़ा था। यह रकम Vigilance Chief के रीडर ओ.पी. राणा को दी जा रही थी, संभवतः किसी जांच को प्रभावित करने के लिए।

प्रश्न 2: ओ.पी. राणा कौन हैं और उन्होंने आत्मसमर्पण क्यों किया?

उत्तर: ओ.पी. राणा पंजाब Vigilance Bureau के Chief के रीडर (सहायक) हैं। जब CBI ने राघव गोयल और अंकित वधवा को पकड़ लिया और उनके खिलाफ सबूत मिलने लगे, तो भगोड़ा घोषित होने के डर से उन्होंने CBI की विशेष अदालत में खुद आत्मसमर्पण कर दिया।

प्रश्न 3: क्या यह मामला और आगे बढ़ सकता है?

उत्तर: हां, सूत्रों के अनुसार CBI की पूछताछ में जो तथ्य सामने आए हैं, उनके आधार पर जांच Vigilance Bureau के मुख्यालय तक पहुंच सकती है। आमने-सामने पूछताछ में कई अंदरूनी भेद खुले हैं जो और बड़े अधिकारियों को फंसा सकते हैं।

ताज़ा खबरों के लिए हमसे जुड़ें
Google News
WhatsApp
Telegram
Previous Post

Congress Observers Punjab भेजे गए, क्या होने वाला है बड़ा बदलाव?

Next Post

Isha Rikhi ने किया खुलासा: हां, मैने Badshah से शादी की हुई है

Ajay Kumar

Ajay Kumar

पत्रकारिता में एक दशक से अधिक का ठोस अनुभव रखने वाले अजय कुमार 'शोर से ज़्यादा सार' की पत्रकारिता पर दृढ़ विश्वास करते हैं। वर्तमान में वे The News Air में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं, जहां वे समाचारों की रणनीति, लेखन, तथ्य-सत्यापन (Fact-Checking) और सटीक प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं।पत्रकारिता का सफर और अनुभव - अजय कुमार का करियर ग्राउंड ज़ीरो की रिपोर्टिंग से लेकर न्यूज़ डेस्क के कुशल प्रबंधन तक विस्तृत है। The News Air में पिछले 3 वर्षों से नेतृत्व करने से पहले, उन्होंने 'दैनिक जागरण' और 'सिटी न्यूज़' जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। पत्रकारिता में उनकी मजबूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि ने उनके काम करने के तरीके को बेहद व्यावहारिक और तथ्य-आधारित बनाया है।विशेषज्ञता और कार्यक्षेत्र (Expertise & Beats) - वे जटिल राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को सरल भाषा, स्पष्ट तथ्यों और निष्पक्ष तरीके से पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं। उनकी पत्रकारिता की मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है:राजनीतिक कवरेज: लोकसभा चुनावों और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की ग्राउंड और डेस्क रिपोर्टिंग।कानूनी और संसदीय खबरें: संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों की नियमित और रियल-टाइम कवरेज।खोजी पत्रकारिता: ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ रिपोर्टिंग के जरिए अंदरूनी खबरों की पड़ताल।विश्वसनीयता और डिजिटल योगदान (Trust & Authority) - सटीक और प्रामाणिक ख़बरों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें पाठकों के बीच एक विश्वसनीय पत्रकार बनाती है। डिजिटल न्यूज़ इकोसिस्टम को बेहतर बनाने और फेक न्यूज़ से लड़ने की दिशा में, अजय कुमार गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

Related Posts

Bhagwant Mann Mukeriya Rally

Bhagwant Mann Mukeriya Rally: पंजाब नंबर 1 बनाने का दावा

बुधवार, 15 जुलाई 2026
AAP Qadian

AAP Qadian : कांग्रेस को झटका, बलराज सिंह शामिल हुए

बुधवार, 15 जुलाई 2026
HDFC Bank Layoffs

HDFC Bank Layoffs: चुपचाप 8000 नौकरियां गईं, AI का खेल

बुधवार, 15 जुलाई 2026
Calcium Deficiency

Calcium Deficiency India: चौंकाने वाली सच्चाई, 70% भारतीय खतरे में

बुधवार, 15 जुलाई 2026
Article 371 Ladakh

Article 371 Ladakh: बड़ा फैसला, अब 7 जिलों में Hill Council

बुधवार, 15 जुलाई 2026
MBBS Seats India 2026

MBBS Seats India 2026: बड़ी खुशखबरी, अब 1.36 लाख सीटें

बुधवार, 15 जुलाई 2026
Next Post
Isha Rikhi

Isha Rikhi ने किया खुलासा: हां, मैने Badshah से शादी की हुई है

Gulf of Oman Attacks

Gulf of Oman Attacks: भारत ने US Envoy को किया तलब, दर्ज किया कड़ा विरोध

Prompt Injection Attack

Instagram User हो जाएं सावधान! Meta AI ही कर रही है हैकिंग, क्या आपका AI सुरक्षित है?

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

Google News Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।