Bill Clinton Monica Lewinsky Scandal आज भी दुनिया के राजनीतिक इतिहास का सबसे विस्फोटक और चर्चित अध्याय माना जाता है। 1990 का दशक था, अमेरिका में शीत युद्ध खत्म हो चुका था, अर्थव्यवस्था रॉकेट की रफ्तार से बढ़ रही थी और व्हाइट हाउस में विराजमान थे अमेरिका के 42वें राष्ट्रपति बिल क्लिंटन। चार्मिंग, एजुकेटेड और कैमरा फ्रेंडली: ये तीन शब्द क्लिंटन की पब्लिक इमेज को बयां करते थे। लेकिन इसी चमकती छवि के पीछे एक ऐसी कहानी छिपी थी जिसने न सिर्फ अमेरिकी राजनीति को हिलाकर रख दिया, बल्कि पूरी दुनिया को चौंका दिया। यह कहानी है एक 21 साल की अनपेड इंटर्न मोनिका लेविंस्की और दुनिया के सबसे ताकतवर शख्स के बीच के उस रिश्ते की, जिसने सत्ता, सच और न्याय के सारे मापदंड बदल दिए।
और अब जबकि जेफरी एपस्टीन की फाइलें खुल रही हैं, बिल क्लिंटन का नाम एक बार फिर सुर्खियों में है। उनकी तस्वीरें और वीडियो एपस्टीन से जुड़ी फाइलों में लगातार सामने आ रहे हैं।
बिल क्लिंटन: चमकती छवि के पीछे छिपे थे कई विवाद
Bill Clinton Monica Lewinsky Scandal की कहानी समझने से पहले उस दौर को समझना जरूरी है। 1990 के दशक में बिल क्लिंटन को अमेरिका की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था का आर्किटेक्ट माना जाता था। स्टॉक मार्केट ऊंचाई पर था और क्लिंटन एक स्मार्ट रिफॉर्मर की छवि रखते थे। मीडिया के सामने बेबाकी से बोलते थे, पब्लिक से कनेक्ट करते थे।
लेकिन इस चमकती छवि के पीछे कई गंभीर विवाद भी चल रहे थे। अरकंसा का व्हाइट वाटर लैंड डील स्कैंडल, ट्रैवल गेट स्कैम, FBI फाइल्स के मिसयूज का आरोप: ये सब मिलकर क्लिंटन के लिए एक पॉलिटिकल प्रेशर कुकर जैसा माहौल बना रहे थे। और सबसे विस्फोटक था पूर्व कर्मचारी पॉला जोन्स का सेक्सुअल हैरेसमेंट का सिविल केस।
इसी बीच एक इंडिपेंडेंट काउंसिल केन स्टार व्हाइट वाटर स्कैंडल की जांच कर रहे थे। लेकिन पॉला जोन्स केस के कारण उनका ध्यान अब क्लिंटन के पर्सनल कंडक्ट पर भी जाने लगा। अमेरिका की 24×7 मीडिया के सारे कैमरे क्लिंटन पर जूम करके बैठे हुए थे। और बस इसी तनावपूर्ण माहौल के बीच वॉशिंगटन डीसी में एक 21 साल की लड़की की एंट्री होती है।
मोनिका लेविंस्की: व्हाइट हाउस में एक अनपेड इंटर्न की दास्तान
जून 1995 में मोनिका लेविंस्की को व्हाइट हाउस में चीफ ऑफ स्टाफ लन पेनेटा के ऑफिस में एक अनपेड इंटर्न के तौर पर नौकरी मिली। अभी-अभी कॉलेज खत्म हुआ था और वह अमेरिकी राजनीति की “पॉलिटिकल जंकी” मानी जाती थी। बिल क्लिंटन जैसे ताकतवर लीडर्स को देखना उसके लिए एक अलग ही थ्रिल था।
वेस्ट विंग के कॉरिडोर्स में घूमते हुए वह प्रेसिडेंट क्लिंटन की मोटरकेड देखती, उनके वॉकिंग रूट्स और टाइमिंग्स नोट करती। यह उसकी डेली एक्साइटमेंट का रूटीन बन चुका था। दो महीने बीते। तभी एक वाकया होता है जिसने सब कुछ बदल दिया।
लन पेनेटा के स्टाफ में किसी की बर्थडे पार्टी ऑफिस में रखी गई। छोटी सी इनफॉर्मल पार्टी थी। इसी गैदरिंग में प्रेसिडेंट क्लिंटन का आना होता है। लाइट और इनफॉर्मल मूड में स्टाफ से बातचीत करते हुए क्लिंटन की नजर पड़ती है मोनिका पर। उन्होंने नोटिस किया कि एक यंग इंटर्न है जो उनकी तरफ “अनयूजुअल इंटरेस्ट” लेकर देख रही है। रिपोर्ट्स में दर्ज है कि यहीं से क्लिंटन और मोनिका की बातचीत शुरू होती है और यहीं से Bill Clinton Monica Lewinsky Scandal की नींव पड़ती है।
नवंबर 1995: सरकारी शटडाउन और अफेयर की शुरुआत
नवंबर 1995 में फेडरल गवर्नमेंट का शटडाउन लगा। बहुत सारे स्टाफर्स को घर भेज दिया गया और वेस्ट विंग में सिर्फ कोर टीम बची। इसी पतली स्टाफिंग का फायदा उठाते हुए प्रेसिडेंट क्लिंटन ने अपनी छोटी टीम में मोनिका लेविंस्की को सेलेक्ट किया।
देर रात तक काम, पार्टियां, पॉलिटिकल डिस्कशन: सब कुछ ऑफिस के अंदर चलता रहा। केन स्टार की रिपोर्ट के हिसाब से इसी दौरान ओवल ऑफिस के आसपास के प्राइवेट स्पेसेज में, कभी लाइब्रेरी में तो कभी ऑफिस स्पेस में, इंटर्न मोनिका लेविंस्की और अमेरिका के राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के बीच फिजिकल रिलेशंस बने। यहीं से Bill Clinton Monica Lewinsky Scandal की असली शुरुआत हो चुकी थी।
अगले ही महीने दिसंबर 1995 में मोनिका को अनपेड इंटर्न से पेड पोजीशन मिल गई, वो भी लेजिसलेटिव अफेयर्स ऑफिस में। अब वह कांग्रेस मेंबर्स के लेटर्स, मैसेजेस और सेंसिटिव डॉक्यूमेंट्स लेकर सीधे ओवल ऑफिस में जा सकती थी, प्रेसिडेंट क्लिंटन से डायरेक्टली मिल सकती थी। यह नया रोल दरअसल पूरे अफेयर के लिए एक “परफेक्ट कवर” बन गया।
गिफ्ट्स, कोडेड कॉल्स और व्हाइट हाउस के गवाह
कुछ ही महीनों में दोनों के बीच एक क्लियर पैटर्न डेवलप हो गया और व्हाइट हाउस में हर कोई इसका गवाह बनने लगा। क्लिंटन इंटरनल फोन सिस्टम पर अक्सर मोनिका को कॉल करते। अगर हिलेरी क्लिंटन या कोई सीनियर स्टाफ मेंबर आसपास होता तो कॉल बहुत छोटी और कोडेड रखी जाती।
मोनिका क्लिंटन के लिए गिफ्ट्स लाती थी। एक बार उसने ह्यूगो बॉस की एक टाई फाइल फोल्डर में छिपाकर ओवल ऑफिस ले गई। कुछ ही हफ्तों बाद एक डेमोक्रेटिक फंडरेजर प्रोग्राम में बिल क्लिंटन वही टाई पहने दिखे। उसी इवेंट में मोनिका ने भीड़ में क्लिंटन को रोकते हुए फ्लर्टी अंदाज में कहा: “Hey handsome, I like your tie.” यह सब लोग देख रहे थे, नोटिस कर रहे थे, लेकिन प्रेसिडेंट के खिलाफ सीधा बोलने की हिम्मत किसी की नहीं थी।
क्लिंटन की तरफ से भी रिटर्न गिफ्ट्स दिए जाते: बुक्स, पोएट्री कलेक्शन, स्टफ टॉयज। लेकिन Bill Clinton Monica Lewinsky Scandal में सबसे अहम किरदार निभाया क्लिंटन की पर्सनल सेक्रेटरी बेटी क्यूरी ने। उनका डेस्क ओवल ऑफिस के बिल्कुल बाहर था। अंदर क्लिंटन से मिलने के लिए हर किसी को उनसे होकर गुजरना पड़ता था।
केन स्टार रिपोर्ट के मुताबिक बेटी क्यूरी ही कई बार मोनिका को इनडायरेक्ट रूट से प्राइवेट ऑफिस तक ले जाती थीं ताकि दूसरे स्टाफ को पता न चले। कई बार वे अपनी छुट्टी पर भी होतीं तो स्पेशली उन्हें व्हाइट हाउस बुलाया जाता ताकि मोनिका को सिक्योरिटी बायपास कराकर क्लिंटन तक पहुंचाया जा सके। फोन लॉग्स में भी कई कॉल्स ऑफिशियल रिकॉर्ड से हटाई गईं। कुछ कॉल्स में मोनिका का नाम बदलकर “KAY” लिखा गया।
सीक्रेट सर्विस के कुछ एजेंट्स और यूनिफॉर्म ऑफिसर्स ने कोर्ट में टेस्टिफाई किया कि मोनिका को वीकेंड्स पर वेस्ट विंग में आते-जाते उन्होंने देखा है, जब कोई दूसरा स्टाफ नहीं आता था। एक ऑफिसर ने बताया कि क्लिंटन ने एक बार उससे कहा था: “Close the door, she will be here for a while.”
पेंटागन ट्रांसफर और लिंडा ट्रिप की एंट्री
अप्रैल 1996 में डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ एवलिन लिबरमैन ने एक्शन लिया। प्रेसिडेंट पर तो एक्शन नहीं ले सकतीं, तो मोनिका पर लिया। कहा कि उसका व्यवहार इमैच्योर है, गॉसिप करती है, काम पर फोकस नहीं। मोनिका को व्हाइट हाउस से हटाकर पेंटागन के पब्लिक अफेयर्स ऑफिस में ट्रांसफर कर दिया गया।
पेंटागन में मिलिट्री ब्यूरोक्रेसी के बोरिंग रूटीन के बीच मोनिका बेहद डल और बेकार महसूस करने लगी। करीब 5 महीने बाद उसकी मुलाकात होती है लिंडा ट्रिप से। ट्रिप एक करियर सिविल सर्वेंट थी, पहले व्हाइट हाउस में काम कर चुकी थी और क्लिंटन के कई सीक्रेट्स जानती थी। लेकिन सबसे अहम बात: ट्रिप बिल क्लिंटन को बिल्कुल नापसंद करती थी।
समय के साथ दोनों की दोस्ती गहरी होती गई। रात को फोन पर बातें होती रहतीं। और एक रात मोनिका ने ट्रिप को अपना सबसे बड़ा सीक्रेट बता दिया: “मेरा अफेयर प्रेसिडेंट बिल क्लिंटन के साथ है।”
ट्रिप के लिए यह शॉकिंग था, लेकिन उसने अपनी प्रतिक्रिया छिपाई। मोनिका ने उसे सब कुछ बता दिया: शुरुआत कैसे हुई, कैसे मिलते हैं, क्लिंटन कैसे कॉल करते हैं। और ट्रिप ने हर बात सुनी, समझी और एक प्लान बनाना शुरू कर दिया।
कॉल रिकॉर्डिंग्स: दोस्ती की आड़ में बुना जाल
सितंबर 1997 में ट्रिप ने अपनी पुरानी दोस्त लुसियान गोल्डबर्ग को कॉल किया। लुसियान कोई सामान्य महिला नहीं थी, वह न्यूयॉर्क की एक लिटरेरी एजेंट थी। ट्रिप ने उसे बताया कि एक यंग लड़की “बिग कप” (क्लिंटन का कोडनेम) के साथ अफेयर में है। लुसियान तुरंत समझ गई कि यह “पॉलिटिकल डायनामाइट” है। उसने ट्रिप को सलाह दी: “मोनिका के फोन कॉल्स सीक्रेटली रिकॉर्ड करना शुरू करो।”
ट्रिप ने ठीक वैसा ही किया। दो महीने तक उसने मोनिका की हर बात रिकॉर्ड की। नवंबर 1997 में एक कॉल के दौरान मोनिका ने बताया कि उसके पास एक नेवी ब्लू कलर की गैप ड्रेस है और उस ड्रेस पर क्लिंटन के साथ एक फिजिकल एनकाउंटर के बाद के कुछ “स्टेन्स” हैं।
ट्रिप ने तुरंत लुसियान को बताया: “हमारे पास फिजिकल एविडेंस है।” दोनों ने मिलकर फैसला किया कि इस ड्रेस को सेव करके रखना है और सही समय पर इसका इस्तेमाल करना है।
मोनिका एक फैमिली फंक्शन में वही ड्रेस पहनकर जाने वाली थी और ड्राई क्लीन कराने की तैयारी कर रही थी। ट्रिप ने यहां साइकोलॉजिकल गेम खेला। उसने मोनिका से कहा: “तुम उस ड्रेस में बहुत मोटी लगती हो, कुछ नया पहनो।” साथ ही यह भी कहा कि अगर भविष्य में क्लिंटन धोखा दें तो यह ड्रेस काम आ सकती है। मोनिका ने न वह ड्रेस पहनी, न ड्राई क्लीन कराई। Bill Clinton Monica Lewinsky Scandal का सबसे बड़ा सबूत यूं ही बच गया।
न्यूज लीक: जब खबर ने अपना रास्ता खुद ढूंढ लिया
ट्रिप ने सारी रिकॉर्डिंग्स लुसियान को दीं और लुसियान ने न्यूजवीक के इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्टर माइकल इसीकॉफ को दे दीं। इसीकॉफ ने इन रिकॉर्डिंग्स के आधार पर एक विस्फोटक आर्टिकल लिखा। लेकिन आखिरी वक्त पर न्यूजवीक के मालिक इसे देखकर घबरा गए: एक पेड इंटर्न और अमेरिका के राष्ट्रपति के बीच अफेयर की खबर! लीगल रिस्क के डर से आर्टिकल को होल्ड कर दिया गया।
लेकिन कहते हैं कि खबर पानी की तरह होती है, रोको तो भी अपना रास्ता ढूंढ लेती है। 21 जनवरी 1998 को अमेरिकी पत्रकार मैट ड्रज ने अपनी “ड्रज रिपोर्ट” एक इंटरनेट गॉसिप साइट पर लीक कर दी। उन्होंने लिखा कि न्यूजवीक ने प्रेसिडेंट के अफेयर स्कैंडल की पूरी बड़ी रिपोर्ट दबा दी है।
बस इसके बाद जो हुआ वो इतिहास बन गया। वॉशिंगटन पोस्ट, ABC, CNN: पूरी मेनस्ट्रीम मीडिया फुल ब्लास्ट मोड में आ गई। Bill Clinton Monica Lewinsky Scandal अब दुनिया की सबसे बड़ी खबर बन चुका था।
कोर्ट में झूठ, FBI की जांच और नेवी ब्लू ड्रेस का DNA टेस्ट
इसी बीच पॉला जोन्स केस में 17 दिसंबर 1997 को मोनिका को कोर्ट में समन किया गया। जनवरी 1998 में मोनिका ने एफिडेविट साइन करके डिक्लेयर किया कि क्लिंटन के साथ उसका कोई सेक्सुअल रिलेशनशिप नहीं था। मोनिका ने खुद ट्रिप को बताया था कि वह कोर्ट के सामने झूठ बोलने वाली है। ट्रिप ने यह बात सीधे केन स्टार को पहुंचा दी और कहा: “मोनिका झूठ बोलेगी, लेकिन क्लिंटन ने उसे यह झूठ बोलने के लिए एनकरेज किया है।”
केन स्टार ने प्लान बनाया। FBI एजेंट्स ने लिंडा ट्रिप के पर्स में सीक्रेट रिकॉर्डिंग डिवाइस लगाया और उसे मोनिका से मिलने भेजा। पेंटागन सिटी के रिट्ज कार्ल्टन होटल के बार में दोनों की मीटिंग हुई जहां मोनिका ने एक बार फिर सब कुछ खुलकर बताया। इसके बाद केन स्टार ने अटॉर्नी जनरल से जांच का दायरा बढ़ाने की परमिशन ली जो तीन फेडरल जजों के पैनल ने अप्रूव कर दी।
16 जनवरी को उसी होटल में मोनिका को FBI और केन स्टार की टीम ने इंटरसेप्ट किया। एक कमरे में बिठाकर कहा गया: “हमें पता है आपने एफिडेविट में झूठ बोला है। आप प्रिज्यूरी और ऑब्स्ट्रक्शन जैसे गंभीर फेडरल क्राइम फेस कर सकती हैं। जेल भी हो सकती है।” मोनिका बुरी तरह शॉक हो गई। अपनी मां को फोन किया। मां न्यूयॉर्क से ट्रेन पकड़कर वॉशिंगटन पहुंचीं। फैमिली लॉयर विलियम गिंसबर्ग भी आए।
28 जुलाई 1998 को मोनिका ने एक कॉम्प्रिहेंसिव ट्रांजैक्शनल इम्यूनिटी डील साइन की और वह नेवी ब्लू ड्रेस प्रॉसिक्यूटर्स को सौंप दी। FBI की लैब में ड्रेस पर सीमन स्टेन्स का टेस्ट हुआ। 3 अगस्त को व्हाइट हाउस के मैप रूम में क्लिंटन का ब्लड सैंपल लिया गया। कुछ ही हफ्तों बाद FBI ने रिपोर्ट जारी की: नेवी ब्लू ड्रेस पर मिले स्टेन्स का DNA क्लिंटन के ब्लड से मैच करता है।
यह खबर जैसे ही सामने आई, पूरी दुनिया में तहलका मच गया।
“I did not have sexual relations with that woman”: क्लिंटन का वो बयान
26 जनवरी 1998 को एक टेलीवाइज्ड प्रेस इवेंट में बिल क्लिंटन अपनी पत्नी हिलेरी क्लिंटन के साथ मंच पर आए और अपनी वो कुख्यात लाइन कही जो आज भी राजनीतिक इतिहास में अमर है: “I did not have sexual relations with that woman, Miss Lewinsky. I never told anybody to lie, not a single time, never.”
अगले दिन हिलेरी क्लिंटन NBC के शो पर जाकर बोलीं कि यह “राइट विंग की कॉन्स्पिरेसी” है उनके पति के खिलाफ। क्लिंटन के पॉलिटिकल एडवाइजर्स ने ओपनली डिक्लेयर किया कि केन स्टार के खिलाफ मीडिया और पॉलिटिक्स दोनों में “वॉर” चलाई जाएगी।
लेकिन 17 अगस्त 1998 को सब बदल गया। क्लिंटन ने व्हाइट हाउस से लाइव वीडियो फीड के जरिए 4 घंटे से ज्यादा फेडरल ग्रैंड जूरी के सामने सवालों के जवाब दिए। उसी शाम टीवी पर आकर नेशन को एड्रेस करते हुए फाइनली एडमिट किया: “Indeed, I did have a relationship with Miss Lewinsky. That was not appropriate. In fact, it was wrong.”
पूरी दुनिया शॉक में थी। लेकिन अमेरिका की जनता ने इसे दिलचस्प तरीके से लिया: बढ़ती इकॉनमी और फॉरेन पॉलिसी को देखते हुए कई लोगों ने स्कैंडल को हल्का कर दिया। हालांकि अपोजिशन पार्टियों ने इस्तीफे की मांग तेज कर दी।
453 पन्नों की केन स्टार रिपोर्ट और इंपीचमेंट
9 सितंबर 1998 को केन स्टार ने अपनी 453 पन्नों की विस्फोटक रिपोर्ट कांग्रेस को भेजी। इसमें ड्रेस से लेकर DNA एविडेंस तक हर डिटेल थी और इंपीचमेंट के 11 संभावित ग्राउंड्स बताए गए: प्रिज्यूरी, ऑब्स्ट्रक्शन ऑफ जस्टिस, विटनेस टैम्परिंग, अब्यूज ऑफ पावर।
यह रिपोर्ट इंटरनेट पर रिलीज हुई और लाखों-करोड़ों लोगों ने इसे पढ़ा। यह दुनिया का पहला सबसे बड़ा ऑनलाइन पॉलिटिकल डॉक्यूमेंट बना जिसने सनसनी फैला दी।
हाउस ज्यूडिशियरी कमिटी ने दिसंबर में चार आर्टिकल्स ऑफ इंपीचमेंट अप्रूव किए। 19 दिसंबर 1998 को फुल हाउस वोट हुआ और बिल क्लिंटन अमेरिकी इतिहास में दूसरे इंपीच्ड प्रेसिडेंट बन गए। उन्होंने इस्तीफा देने से इनकार किया और कहा कि अपना कार्यकाल पूरा करेंगे।
सेनेट ट्रायल जनवरी 1999 में शुरू हुआ। कन्विक्शन के लिए 67 वोट चाहिए थे जो नहीं मिले। क्लिंटन बरी हो गए, ऑफिस में बने रहे। लेकिन पॉला जोन्स केस में उन्हें $968,600 चुकाने पड़े। अरकंसा बार का लॉ लाइसेंस 5 साल के लिए सस्पेंड हुआ और यूएस सुप्रीम कोर्ट बार से इस्तीफा देना पड़ा।
मोनिका लेविंस्की: जिसकी जिंदगी हमेशा के लिए तबाह हो गई
Bill Clinton Monica Lewinsky Scandal का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि इसकी सबसे बड़ी कीमत मोनिका लेविंस्की को चुकानी पड़ी। स्कैंडल के बाद उन्हें कहीं जॉब नहीं मिली। जहां भी जातीं, एम्प्लॉयर सोचता कि इनके साथ मीडिया का पूरा सर्कस आएगा, सवाल पूछे जाएंगे।
मोनिका ने बताया कि उन्हें गंभीर ट्रॉमा झेलना पड़ा। हर न्यूज चैनल की वे “पंचलाइन” बन गईं। उनके नाम के साथ यह स्कैंडल हमेशा के लिए जुड़ गया। एक 21 साल की लड़की जो पॉलिटिक्स की दुनिया में थ्रिल ढूंढ रही थी, उसकी पूरी जिंदगी बर्बाद हो गई। क्लिंटन ने पब्लिक लेवल पर स्वीकार किया कि यह एक “टेरिबल मोरल एरर” था, लेकिन वे ऑफिस में बने रहे, बाद में सम्मानित जीवन जिया।
एपस्टीन फाइल्स में फिर उभरा बिल क्लिंटन का नाम
और अब दशकों बाद Bill Clinton Monica Lewinsky Scandal की यादें ताजा होने का एक और कारण सामने आया है। जेफरी एपस्टीन की जो फाइलें खुल रही हैं, उनमें बिल क्लिंटन का नाम लगातार सामने आ रहा है। उनकी तस्वीरें और वीडियो एपस्टीन से जुड़ी फाइलों में दिख रहे हैं। हालांकि ईरान-इसराइल जंग और दूसरी बड़ी खबरों के बीच एपस्टीन फाइल की खबरें कई बार दब जाती हैं, लेकिन जानकारों का कहना है कि इन फाइलों में जो कुछ सामने आ रहा है वह Bill Clinton Monica Lewinsky Scandal से भी कहीं ज्यादा गंभीर हो सकता है।
यह पूरी कहानी सत्ता के नशे, विश्वासघात और एक ऐसे सिस्टम की कहानी है जिसमें ताकतवर बच जाते हैं और कमजोर की जिंदगी तबाह हो जाती है। तीन दशक बीत गए, लेकिन यह सवाल आज भी जवाब ढूंढ रहा है कि जब दुनिया का सबसे ताकतवर शख्स गलत करे तो न्याय किसे मिलता है?
मुख्य बातें (Key Points)
- Bill Clinton Monica Lewinsky Scandal 1995 में शुरू हुआ जब 21 साल की अनपेड इंटर्न मोनिका की ओवल ऑफिस में प्रेसिडेंट से मुलाकात हुई
- दोस्त लिंडा ट्रिप ने सीक्रेटली कॉल रिकॉर्ड कीं, नेवी ब्लू ड्रेस पर DNA टेस्ट से क्लिंटन का ब्लड मैच हुआ
- केन स्टार की 453 पन्नों की रिपोर्ट के बाद क्लिंटन अमेरिकी इतिहास के दूसरे इंपीच्ड प्रेसिडेंट बने, लेकिन सेनेट में बरी हो गए
- स्कैंडल की सबसे बड़ी कीमत मोनिका लेविंस्की ने चुकाई: जिंदगी भर ट्रॉमा, कोई जॉब नहीं, हर जगह “पंचलाइन” बनीं
- अब एपस्टीन फाइल्स में क्लिंटन का नाम फिर उभरा, तस्वीरें और वीडियो सामने आ रहे हैं







