Punjab BJP Protest CM Residence – चंडीगढ़ में पंजाब की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने का ऐलान किया है। भाजपा का आरोप है कि ऑडियो-वीडियो मामलों की निष्पक्ष जांच नहीं हो रही, राज्य में लॉ एंड ऑर्डर बिगड़ा हुआ है और गैंगस्टर राज पर सरकार जवाब देने से बच रही है।
चंडीगढ़ में भारतीय जनता पार्टी (BJP) आज मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के आवास का घेराव करेगी। इस प्रदर्शन में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़, कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा और कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।
भाजपा कार्यकर्ता और नेतृत्व पहले सेक्टर-37 स्थित प्रदेश कार्यालय में जुटेंगे और वहां से रोष मार्च निकालते हुए मुख्यमंत्री आवास तक पहुंचेंगे।
लॉ एंड ऑर्डर और गैंगस्टर राज पर सीधा हमला
भाजपा का कहना है कि पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब है। पार्टी के प्रवक्ता प्रीतपाल सिंह बलियावाल ने कहा कि राज्य में सरेआम हत्याएं हो रही हैं, गैंगस्टर खुलेआम सक्रिय हैं और सरकार जवाबदेही से बच रही है।
इसी मुद्दे पर मुख्यमंत्री से सीधे सवाल पूछने के लिए भाजपा सड़कों पर उतर रही है।
डीजीपी को लिखा गया पत्र
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने पंजाब पुलिस के डीजीपी को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से जुड़े वायरल वीडियो की तत्काल फॉरेंसिक जांच की मांग की है।
भाजपा का दावा है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और इससे सार्वजनिक सौहार्द प्रभावित हुआ है।
वीडियो में क्या बताया गया, क्यों जरूरी है जांच
पत्र में जाखड़ ने लिखा है कि वायरल वीडियो में मुख्यमंत्री द्वारा श्री गुरु नानक देव जी की पवित्र छवि के प्रति कथित तौर पर आपत्तिजनक आचरण दिखाई देता है।
भाजपा का कहना है कि मामला सीधे धर्म और राज्य के मुख्यमंत्री से जुड़ा है, इसलिए इसकी सच्चाई सामने आना जरूरी है।
फॉरेंसिक रिपोर्ट पर भाजपा की दो टूक
भाजपा का कहना है कि अगर फॉरेंसिक जांच में वीडियो सही पाया जाता है, तो यह किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के लिए पूरी तरह अनुचित है और ऐसे व्यक्ति को मुख्यमंत्री पद पर बने रहने का अधिकार नहीं होना चाहिए।
वहीं, अगर वीडियो फर्जी या गढ़ा हुआ साबित होता है, तो इसे बनाने और फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
आतिशी मामले से जोड़कर उठाए सवाल
भाजपा ने दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी से जुड़े वीडियो विवाद का भी जिक्र किया। पार्टी का आरोप है कि इस मामले में सरकार की भूमिका संदिग्ध रही है और जालंधर पुलिस द्वारा कराई गई फॉरेंसिक जांच पर पहले ही सवाल उठ चुके हैं।
भाजपा के मुख्य सवाल
भाजपा ने सवाल उठाया कि
- जब तीन वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं, तो जांच सिर्फ एक की क्यों करवाई गई
- एक ही दिन में जांच और रिपोर्ट कैसे तैयार हो गई
- एसएसपी पटियाला से जुड़े वायरल ऑडियो की जांच रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं हुई
पार्टी का कहना है कि इतनी जल्दबाजी सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करती है।
आम जनता पर असर
इस पूरे विवाद ने आम लोगों के बीच असुरक्षा और अविश्वास की भावना को गहरा किया है। जब सरकार पर ऑडियो-वीडियो जांच में पक्षपात के आरोप लगते हैं, तो जनता का भरोसा सीधे प्रशासन और कानून व्यवस्था से जुड़ जाता है।
जानें पूरा मामला
भाजपा का आरोप है कि सरकार ऑडियो-वीडियो मामलों में जल्दबाजी में क्लीनचिट दे रही है, जबकि सभी वायरल वीडियो की निष्पक्ष, पारदर्शी और स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। इन्हीं मांगों को लेकर पार्टी मुख्यमंत्री आवास का घेराव कर रही है।
मुख्य बातें (Key Points)
- भाजपा करेगी मुख्यमंत्री आवास का घेराव
- ऑडियो-वीडियो की फॉरेंसिक जांच न होने का आरोप
- लॉ एंड ऑर्डर और गैंगस्टर राज पर सरकार से सवाल
- सभी वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच की मांग








