Balkaur Singh Jhotta Father Meeting मानसा के धरना स्थल पर आज एक भावुक और तीखा दोनों तरह का मंजर देखने को मिला। गायक सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह से मुलाकात की और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे पर सीधा सवाल उठा दिया।
बलकौर सिंह ने साफ कहा कि बेटे की हत्या के बाद अमित शाह ने उन्हें भी इंसाफ दिलाने का भरोसा दिया था, मगर आज तक कुछ नहीं हुआ। जांच के नाम पर सिर्फ आश्वासन मिले, नतीजा कुछ नहीं निकला। दिलचस्प बात यह है कि यह बयान ठीक उसी समय आया है जब झोटा परिवार से भी वैसा ही वादा किया जा रहा है।
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भावनाओं में आकर फैसला न लें, आगाह किया
धरने के दौरान बलकौर सिंह ने झोटा के परिवार को आगाह किया कि ऐसी मुश्किल घड़ी में भावनाओं में आकर कोई बड़ा फैसला न लिया जाए। उनका कहना था कि पीड़ित परिवारों को आश्वासन नहीं, बल्कि असली इंसाफ चाहिए। समझने वाली बात है कि यह सलाह एक ऐसे पिता की तरफ से आई है जो खुद इसी दर्द से गुजर चुका है।
2008 में साथ काटी थी जेल, पुराना रिश्ता निकला सामने
बलकौर सिंह ने बताया कि झोटा के परिवार से उनके पुराने संबंध रहे हैं। वर्ष 2008 में वह और झोटा धारा 307 के एक मामले में साथ जेल काट चुके थे। जब भी उनके बेटे को कोई परेशानी होती, वह झोटा को फोन करते थे, और झोटा तुरंत मदद के लिए पहुंच जाता था।
उन्होंने कहा कि बेटे की हत्या के बाद उन्होंने जो गलतियां कीं, वैसी गलतियां भीम सिंह को नहीं करनी चाहिए। ऐसी घटना के बाद परिवार मानसिक रूप से पूरी तरह टूट जाता है, खाना-पीना और सोना तक मुश्किल हो जाता है, और कुछ ही दिनों में शारीरिक हालत भी बिगड़ने लगती है।
संगरूर से चुनाव लड़ने का ऑफर भी ठुकराया था
और यहीं से शुरू होती है बलकौर सिंह की अपनी कहानी। उन्होंने बताया कि अमित शाह से मुलाकात के दौरान उन्हें SIT और रिटायर्ड जज से जांच कराने का भरोसा दिया गया था। आरोपियों का नार्को टेस्ट कराने की बात भी कही गई थी, मगर इन आश्वासनों का कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया।
उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें संगरूर से चुनाव लड़ने के लिए कहा गया था, जिसका जवाब उन्होंने दिया था कि वह अपने बेटे के फूल चुनकर आए हैं, ऐसे समय चुनाव लड़कर सांसद बनना और जश्न मनाना उनके लिए मुमकिन नहीं।
नीचे टेबल में दोनों मामलों की तुलना देखिए।
| बिंदु | सिद्धू मूसेवाला केस (2022) | परविंदर झोटा केस (2026) |
|---|---|---|
| आश्वासन देने वाला | अमित शाह | अमित शाह |
| वादा | SIT, रिटायर्ड जज जांच, नार्को टेस्ट | CBI जांच, सख्त सजा |
| मौजूदा स्थिति | बलकौर सिंह के मुताबिक कोई ठोस नतीजा नहीं | जांच अभी शुरुआती दौर में |
क्या नेता झोटा को वापस ला सकते हैं
बलकौर सिंह ने तीखा सवाल उठाया कि न्याय आखिर किसे कहते हैं। क्या देश का कोई नेता या प्रधानमंत्री परिवार को उसका खोया हुआ बेटा वापस दे सकता है। उन्होंने पूछा कि क्या झोटा हत्याकांड की जांच आरोपी अश्विनी से आगे बढ़ी है, या मामला अभी भी वहीं अटका हुआ है।
आम आदमी के लिए क्यों अहम है यह बयान
अगर गौर करें तो यह सिर्फ दो पिताओं की मुलाकात नहीं, बल्कि एक चेतावनी है कि सरकारी आश्वासन और असली इंसाफ के बीच कितना बड़ा फासला हो सकता है। इससे उन तमाम परिवारों को भी सीख मिलती है जो भविष्य में ऐसी किसी त्रासदी का सामना करें।
झोटा हत्याकांड की अब तक की पूरी टाइमलाइन
| तारीख | घटनाक्रम |
|---|---|
| 13 अक्टूबर | मेडिकल स्टोर पर विवाद में अश्विनी कुमार ने झोटा को गोली मारी |
| 14 अक्टूबर | मुख्य आरोपी अश्विनी राजस्थान से गिरफ्तार |
| 15 अक्टूबर | आरोपी की पत्नी नीलम रानी गिरफ्तार, SHO सस्पेंड |
| 20 अक्टूबर | अमित शाह ने परिवार से मुलाकात की |
| 21 अक्टूबर | CBI ने जांच संभाली, FIR दर्ज की |
मुख्य बातें (Key Points)
- सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने झोटा के पिता भीम सिंह से मानसा धरने में मुलाकात की।
- बलकौर सिंह ने कहा कि अमित शाह का भरोसा उनके मामले में सिर्फ आश्वासन बनकर रह गया।
- उन्होंने झोटा परिवार को भावनाओं में आकर कोई बड़ा फैसला न लेने की सलाह दी।
- बलकौर सिंह ने सवाल उठाया कि झोटा केस की जांच आरोपी अश्विनी से आगे बढ़ी है या नहीं।












