Nestlé Infant Formula Recall: स्विट्जरलैंड की मशहूर कंपनी Nestlé ने 6 जनवरी को एक बड़ा फैसला लेते हुए 31 देशों से अपने कुछ इंफेंट फार्मूला प्रोडक्ट्स वापस मंगवा लिए हैं। कंपनी को शक है कि इन प्रोडक्ट्स में सेरुलाइड (Cereulide) नाम का जहरीला टॉक्सिन मौजूद हो सकता है जो फूड पॉइजनिंग का कारण बनता है। ये फार्मूला प्रोडक्ट्स मां के दूध के विकल्प के तौर पर इस्तेमाल होते हैं और दुनिया भर में नवजात बच्चों को पिलाए जाते हैं। गनीमत यह है कि इस लिस्ट में फिलहाल भारत का नाम शामिल नहीं है, लेकिन कंपनी ने साफ कहा है कि जांच आगे बढ़ने के साथ यह लिस्ट बदल भी सकती है।
कौन से प्रोडक्ट्स हुए रिकॉल?
Nestlé ने अपने बयान में बताया है कि SMA Infant Formula (सिमुलेटेड मिल्क अडैप्टेड) और कुछ Follow-On Formula के खास बैच वापस मंगवाए गए हैं। ये वो प्रोडक्ट्स हैं जिन्हें हम आम भाषा में “पाउडर वाला दूध” कहते हैं और जो नवजात बच्चों के लिए मां के दूध के विकल्प के रूप में इस्तेमाल होते हैं।
कंपनी के मुताबिक एक बड़े सप्लायर से मिले कुछ सामान में क्वालिटी से जुड़ी दिक्कतें पाई गई हैं। कंपनी को शक है कि इन प्रोडक्ट्स में सेरुलाइड नाम का टॉक्सिन मौजूद हो सकता है।
क्या है सेरुलाइड और इसका खतरा?
यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, कौशांबी में पीडिएट्रिक्स डिपार्टमेंट के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. रोहित भारद्वाज ने इस बारे में विस्तार से बताया।
डॉ. रोहित के अनुसार सेरुलाइड एक टॉक्सिन है यानी एक जहरीला तत्व है। यह बेसिलस सीरियस (Bacillus cereus) नाम के बैक्टीरिया द्वारा बनाया जाता है। यह बैक्टीरिया आमतौर पर खराब या दूषित खाने में पाया जाता है।
सेरुलाइड मुख्य रूप से पेट और दिमाग के वोमिटिंग सेंटर्स पर असर डालता है। यानी इसके इस्तेमाल से बच्चों का जी मचला सकता है, उल्टी आ सकती है, पेट में दर्द होने लगता है और कुछ मामलों में शरीर डिहाइड्रेट हो जाता है यानी पानी की कमी हो जाती है।
यह टॉक्सिन बेबी फार्मूला में कैसे आया?
Nestlé ने बताया कि यह टॉक्सिन एराकिडोनिक एसिड ऑयल (Arachidonic Acid Oil) से जुड़ा हो सकता है। इस ऑयल को बेबी फार्मूला में इसलिए मिलाया जाता है ताकि मां के दूध में पाए जाने वाले जरूरी फैटी एसिड्स की भरपाई हो सके।
फिलहाल कंपनी ने उन सभी बेबी फार्मूला प्रोडक्ट्स की जांच शुरू कर दी है जिनमें एराकिडोनिक एसिड ऑयल और उससे जुड़े ऑयल मिक्स मौजूद हैं।
कौन से देश हैं इस लिस्ट में?
जिन देशों से Nestlé ने अपने प्रोडक्ट्स वापस मंगवाए हैं उनमें से ज्यादातर देश यूरोप के हैं जैसे यूके, फ्रांस और जर्मनी। इसके अलावा लैटिन अमेरिका के तीन देश, एशिया में हांगकांग और ऑस्ट्रेलिया का नाम भी इस लिस्ट में शामिल है।
गनीमत यह है कि अभी तक इस लिस्ट में भारत का नाम नहीं है। यानी अभी के लिए भारत सेफ जोन में है। लेकिन Nestlé ने साफ कह दिया है कि यह आखिरी लिस्ट नहीं है और जांच आगे बढ़ने के साथ इसमें बदलाव हो सकते हैं।
अभी तक कोई बच्चा बीमार नहीं पड़ा
राहत की बात यह है कि अभी तक इन फार्मूला प्रोडक्ट्स को खाकर-पीकर किसी बच्चे के बीमार पड़ने की कोई खबर नहीं आई है। कंपनी ने कहा है कि वह सभी जरूरी कदम उठा रही है और बच्चों की सुरक्षा उसकी प्राथमिकता है।
भारतीय पेरेंट्स को क्या करना चाहिए?
डॉ. रोहित भारद्वाज के अनुसार भारत में पेरेंट्स को अभी डरने की जरूरत नहीं है क्योंकि जिन देशों से प्रोडक्ट्स वापस मंगवाए गए हैं उनमें भारत शामिल नहीं है। लेकिन सतर्क रहना बेहद जरूरी है।
अगर कोई बेबी फार्मूला प्रोडक्ट देने के बाद बच्चे की तबीयत खराब हो या इनमें से कोई भी लक्षण दिखे तो तुरंत सावधान हो जाएं:
- बच्चे का जी मचलाना या उल्टी आना
- पेट में दर्द होना
- बच्चे को बेचैनी होना
- बच्चे का सुस्त हो जाना
- शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन)
ऐसा कोई भी लक्षण दिखने पर वह फार्मूला देना तुरंत बंद कर दें और डॉक्टर को दिखाएं।
बेबी फार्मूला खरीदते वक्त रखें ये सावधानियां
डॉ. रोहित भारद्वाज ने बेबी फार्मूला खरीदते और इस्तेमाल करते वक्त कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखने की सलाह दी है:
- सील चेक करें: प्रोडक्ट की सील सही और बिना टूटी होनी चाहिए
- एक्सपायरी डेट जरूर देखें: हमेशा एक्सपायरी डेट चेक करें
- ढक्कन सही से बंद करें: घर पर डिब्बा खोलने के बाद ढक्कन सही से बंद करें
- गीले चम्मच का इस्तेमाल न करें: कभी भी गीले चम्मच से फार्मूला न निकालें क्योंकि इससे बैक्टीरिया पनप सकते हैं
आम आदमी पर असर
यह खबर उन सभी पेरेंट्स के लिए चिंता का विषय है जो अपने नवजात बच्चों को फार्मूला मिल्क पिलाते हैं। हालांकि भारत अभी इस रिकॉल लिस्ट में नहीं है, लेकिन ग्लोबलाइजेशन के इस दौर में सतर्कता जरूरी है। पेरेंट्स को अपने बच्चों की सेहत पर नजर रखनी चाहिए और किसी भी असामान्य लक्षण पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
क्या है पृष्ठभूमि
Nestlé दुनिया की सबसे बड़ी फूड और बेवरेज कंपनियों में से एक है जो कॉफी, चॉकलेट के साथ-साथ नवजात बच्चों के लिए फार्मूला प्रोडक्ट्स भी बनाती है। बेबी फार्मूला मां के दूध का विकल्प होता है और इसमें बच्चों के विकास के लिए जरूरी पोषक तत्व मिलाए जाते हैं। इस बार कंपनी के एक बड़े सप्लायर से मिले कच्चे माल में क्वालिटी की समस्या आने से यह रिकॉल करना पड़ा है। कंपनी ने कहा है कि वह पूरी जांच कर रही है और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- 31 देशों में रिकॉल: Nestlé ने SMA Infant Formula और Follow-On Formula के कुछ बैच 31 देशों से वापस मंगवाए
- सेरुलाइड का खतरा: प्रोडक्ट्स में जहरीला टॉक्सिन सेरुलाइड होने की आशंका जो उल्टी, पेट दर्द और डिहाइड्रेशन का कारण बनता है
- भारत फिलहाल सेफ: इस रिकॉल लिस्ट में भारत का नाम नहीं है लेकिन कंपनी ने कहा है कि लिस्ट बदल सकती है
- सावधानी जरूरी: पेरेंट्स को सील, एक्सपायरी डेट चेक करनी चाहिए और बच्चों में असामान्य लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से मिलें








