America Iran Peace Talk के लिए एक दिल दहला देने वाला मंजर सामने आया है। खून से सने स्कूल बैग, सफेद फूल और मिनाब पीड़ितों की तस्वीरें… यह मंजर था अमेरिका के साथ शांति वार्ता के लिए पाकिस्तान जा रहे एक ईरानी प्रतिनिधिमंडल के जहाज का।
युद्ध के यह अवशेष इस्लामाबाद जाने वाली पहली कतार में थे। आप इन तस्वीरों में देख सकते हैं कि किस तरीके से विमान के अंदर पहली कतार में इन बच्चों की तस्वीरें लगी हैं। उनके साथ उनके स्कूल बैग और कुछ अवशेष भी हैं।
मिडिल ईस्ट संघर्ष की मानवीय कीमत का प्रतीक
यह अवशेष बता रहे हैं कि मिडिल ईस्ट में जिस तरीके से संघर्ष हुआ, अमेरिका और ईरान आपस में भिड़े, उसकी कीमत बेकसूर लोगों ने चुकाई। सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर करते हुए गालिबाफ ने लिखा कि इस फ्लाइट में मेरे साथी Minab168।
एक्स पर साझा की गई तस्वीर में गालिबाफ बच्चों की तस्वीरों और उनके सामान को देखते हुए नजर आ रहे हैं। आपको बता दें कि गालिबाफ स्पीकर हैं और उनके नेतृत्व में ईरान का प्रतिनिधिमंडल अमेरिका से शांति वार्ता के लिए पाकिस्तान जा रहा है।
Minab168: युद्ध में मारे गए बच्चों की याद में नाम
अमेरिका के साथ शांति वार्ता और बातचीत के लिए इस्लामाबाद जा रहे इस प्रतिनिधिमंडल का नाम Minab168 रखा गया। इस प्रतिनिधिमंडल को यह नाम युद्ध के पहले दिन अमेरिका-इजराइल के हमले में मारे गए स्कूली बच्चों की याद में दिया गया। इस प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य युद्ध को खत्म कराना है।
दक्षिण अफ्रीकी दूतावास ने भी शेयर की तस्वीर
दक्षिण अफ्रीका में ईरानी दूतावास ने इस तस्वीर को दोबारा से साझा करते हुए लिखा कि “हम मिनाब के बच्चों को कभी नहीं भूलेंगे। कभी भी नहीं।”
28 फरवरी को हुआ था भयानक हमला
ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमलों के पहले दिन कथित तौर पर 160 से ज्यादा बच्चे मारे गए थे। रिपोर्ट के मुताबिक यह हमला युद्ध के पहले दिन 28 फरवरी को दक्षिणी ईरान के मिनाब शहर में लड़कियों के एक प्राथमिक विद्यालय सजा राहे तबेहा स्कूल पर हुआ था और उसके अंदर इन बच्चों की जान गई थी।
इस्लामाबाद में होगी शांति वार्ता
अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद में शांति वार्ता और तेहरान के 10 सूत्रीय संघर्ष विराम प्रस्ताव पर बातचीत के लिए मिल रहे हैं। लेकिन उससे पहले ही विमान की यह तस्वीरें सबको झकझोर रही हैं।
ईरान की टीम का नेतृत्व स्पीकर गालिबाफ करेंगे
ईरान की तरफ से स्पीकर गालिबाफ इस बातचीत का नेतृत्व करेंगे। उनके साथ अराची और 12 लोग भी शामिल होंगे। ईरानी टीम पाकिस्तान पहुंच रही है, जहां विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार, नेशनल असेंबली के स्पीकर सरदार अयाज सादिक, सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असिम मुनीर और इसी के साथ ही गृह मंत्री सैयद मोहसीन रजा नकवी ने उनका स्वागत किया है।
JD Vance के नेतृत्व में अमेरिकी टीम
वहीं दूसरी तरफ अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance के साथ विशेष दूत स्टीफ विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर भी हैं। इसके साथ ही वो साल 2011 में बाइडन के बाद पाकिस्तान का दौरा करने वाले पहले उपराष्ट्रपति भी हैं।
दोनों देश आमने-सामने बैठेंगे
अब दोनों दिग्गज पाकिस्तान पहुंच रहे हैं। ईरान की टीम भी पहुंच गई है और इसी के साथ ही अमेरिका का प्रतिनिधिमंडल भी JD Vance के नेतृत्व में पाकिस्तान में है। दोनों देश अब बातचीत की मेज पर आमने-सामने बैठेंगे।
तो अब देखना होगा कि इस बातचीत में क्या निकल कर सामने आता है। लेकिन इस बातचीत से पहले जिन मासूमों की तस्वीरें साझा की गई हैं, उसे देखकर पूरी दुनिया का दिल रो रहा है।
मासूमों का क्या कसूर था?
क्योंकि यह वही मासूम हैं जिन्हें ना युद्ध से मतलब है, ना ही किसी चिंगारी से। उन्हें तो सिर्फ और सिर्फ अपनी मासूमियत से था। लेकिन इनकी मासूमियत को छीनते हुए मिसाइलों ने इन पर ही हमला कर दिया। यह स्कूल में नए भविष्य की तलाश में गए थे। लेकिन इन्हें क्या पता था कि भविष्य अब खत्म होने वाला है। दो देशों की जंग में यह बुरी तरीके से जलने वाले हैं।
इंसानियत पर सवाल
अब पूरी दुनिया इन्हें याद कर रही है। जिस तरह से यह तस्वीरें साझा की गई हैं, उसने पूरी दुनिया में सिर्फ एक ही सवाल खड़ा किया है कि क्या इंसानियत को भुलाकर बच्चों को निशाना बनाना चाहिए? इन बच्चों का क्या कसूर था? इन्हें ना व्यापार से मतलब था और ना ही किसी जंग से। यह तो सिर्फ अपनी मासूमियत में जिंदगी जी रहे थे। लेकिन आखिरकार इनकी जिंदगी क्यों छीन ली गई?
America Iran Peace Talk से पहले यह तस्वीरें एक मजबूत संदेश देती हैं कि युद्ध की सबसे बड़ी कीमत निर्दोष लोग चुकाते हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
• ईरानी प्रतिनिधिमंडल Minab168 के नाम से पाकिस्तान पहुंचा, 168 मारे गए बच्चों की याद में नाम रखा गया
• विमान की पहली कतार में मारे गए बच्चों की तस्वीरें, खून से सने स्कूल बैग और अवशेष रखे गए
• 28 फरवरी को मिनाब शहर के स्कूल पर हमले में 160 से ज्यादा बच्चे मारे गए थे
• स्पीकर गालिबाफ के नेतृत्व में ईरान, JD Vance के नेतृत्व में अमेरिकी टीम इस्लामाबाद में मिलेगी
• शांति वार्ता और 10 सूत्रीय संघर्ष विराम प्रस्ताव पर होगी बातचीत













