चंडीगढ़ प्रशासन ने जारी की नई गाइडलाइन, पाबंदियों में दी राहत, खुलेंगे सभी दुकानें

चंडीगढ़, 24 मई

कोरोना के चलते चंडीगढ़ में भी पाबंदियां लगाई गई हैं। शहर में कोरोना ग्राफ अब धीरे धीरे नीचे की ओर अ रहा है, वहीं, सोमवार को शहर में कोरोना पर समीक्षा करते हुए चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा पाबंदियों में राहत दी गई है। पहले जहां गैर जरूरी सामान की दुकानों को खोलने पर मनाही थी। अब शहर में सभी दुकानें खुल सकेंगी। प्रशासन द्वारा दुकानें खुलने की टाइमिंग को निश्चित किया गया है। दुकानों को सुबह 09:00 बजे से दोपहर 03:00 बजे तक खोले रखने की अनुमति होगी। हालांकि, सभी शॉपिंग मॉल, सिनेमा हॉल, थिएटर, म्यूजियम, जिम, लाइब्रेरी, स्पा, सैलून, सुखना लेक और रॉक गार्डन बंद रखने का ही फैसला लिया गया है। इसके साथ ही होटल, रेस्तरां व किसी भी ईटिंग पॉइंट पर अभी बैठकर खाने की इजाजत नहीं है। केवल होम डिलीवरी की अनुमति है।

चंडीगढ़ प्रशासन ने कोरोना की दूसरी लहर के बीच शहर में सभी प्रकार की दुकानों को खोलने की इजाजत दे तो दी है लेकिन कोरोना नियमों की पालना को सही ढंग से सुनिक्षित करने को कहा गया है। प्रशासन का कहना है सनेटाईजेशन होने के साथ दुकान वाले ये जरूर देखें कि उनके पास आये कस्मटमर ने मास्क लगाया हुआ कि नहीं। मार्किट के एंट्री पॉइंट और परिसर और दुकानों पर मास्क की उपब्धता जरुरु होनी चाहिए। प्रशासन का साफ़ कहना है कि मार्किट परिसर में या दुकान में बिन मास्क कोई नहीं दिखना चाहिये। इसके साथ ही मार्किट परिसर में या दुकान में भीड़ लोग एकत्रित नहीं होने चाहिए। भीड़ नहीं लगनी चाहिए। हर हाल में उचित दूरी को मेंटेन रखना है।

शहर में हर रोज शाम 06:00 बजे से सुबह 05:00 बजे तक रात का कर्फ्यू जारी रहेगा। इसके अलावा शुक्रवार को शाम 06:00 बजे (शुक्रवार, 28 मई, 2021) से सुबह 05:00 बजे (सोमवार, 31 मई, 2021) तक वीकेंड कर्फ्यू जारी रहेगा। वीकेंड कर्फ्यू के दौरान केवल आवश्यक दुकानों को ही खुले रहने की अनुमति होगी। संपर्क केंद्र खुले रहेंगे। यहां कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाएगा। घर से काम करने की बात पर प्रशासन ने कहा कि जहां तक ​​संभव हो, निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को घर से काम करना चाहिए। दफ्तर में भी आकर काम करने पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। स्पोर्ट सेंटर किसी विषेश तैयारी के लिए खुले सकेंगे।

वहीं, प्रशासक ने कोरोना से हुई मौतों की संख्या पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने सचिव समाज कल्याण को निर्देश दिए कि जो अपने माता-पिता की कोरोना से मौत के बाद अनाथ हो गया है उसे  सरकारी कल्याण गृह में रखा जाए और उसकी देखभाल की जाए। सारा खर्च केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन वहन करेगा। इसके साथ ही अंत में प्रशासक ने अहम बात यह भी कही कि यदि शहर में कोरोना की स्थिति में सुधार नहीं हुआ या स्थिति बिगड़ी तो पाबंदियों में ढिलाई को वापस लें लिया जायेगा। कड़ी पाबंदियां फिर लागू होंगी।

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