नई दिल्ली, 26 नवम्बर, (The News Air) आम आदमी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को पार्टी का स्थापना दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया। मुख्यालय पर पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत तमाम बड़े नेता एकत्र हुए और संविधान दिवस के दिन बनी आम आदमी पार्टी के 13वें स्थापना दिवस पर सभी समर्थकों को बधाई दी। इस दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमारी पार्टी को बने 12 साल हो गए हैं। इन 12 सालों में हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही है कि हमने इस देश को ईमानदारी से काम करने वाला मॉडल ऑफ गवर्नेंस दिया है। इस मॉडल में हमने आम आदमी के परिवार का सदस्य बनकर उनकी रोजमर्रा की जिंदगी में थोड़ी सी सहूलियत दी, दिल्ली का इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत किया और बजट भी मुनाफे का रखा। आम आदमी पार्टी द्वारा शुरू की गई स्कूल, अस्पताल, बिजली, पानी व सड़क की राजनीति की आज देशभर में बात की जाती है। मुझे इस बात की चिंता नहीं है कि सीएम बनूंगा की नहीं, मेरी चिंता यह है कि सरकारी स्कूलों के बच्चों, गरीबों के मुफ्त इलाज और 24 घंटे मिल रही बिजली का क्या होगा?
जब भगवान को लगा कि देश का संविधान खतरे में है तो उन्होंने संविधान दिवस के दिन ही आम आदमी पार्टी को जन्म दिया- केजरीवाल
आम आदमी पार्टी के स्थापना दिवस पर राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी को बने हुए अब 12 साल हो गए। आज पार्टी का 13वां जन्मदिन है। ऐसा लगता है, जैसे कल ही बनी थी। आज ही भारत का संविधान दिवस भी है। यह कोई संयोग नहीं हो सकता कि जिस दिन भारत का संविधान दिवस है, उसी दिन भारत के अंदर 60-70 साल बाद एक नई पार्टी पैदा होती है। भगवान जो कुछ भी करता है, उसके अंदर भगवान की कुछ मंशा होती है, भगवान ऐसे ही कुछ नहीं करता। तो भगवान ने संविधान दिवस के दिन ही आम आदमी पार्टी को पैदा किया, कुछ तो सोचकर किया होगा। भगवान को भी लग रहा होगा कि संविधान खतरे में है, इसलिए अब एक ऐसी पार्टी चाहिए जो इसे बचाएगी।
बिना संघर्ष किए कुछ नहीं मिलता, यह हमारे खिलाफ जो कुछ भी चल रहा है, यह संघर्ष तो हमारी तकदीर में ही लिखा है- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इसमें तीन बड़ी बातें महत्वपूर्ण हैं। पहला, इस पार्टी का नाम आम आदमी पार्टी पड़ा। यह आम लोगों की पार्टी है, उन लोगों की तरह नहीं है। आम लोगों ने इकट्ठे होकर इसे बनाई है। जब पार्टी बनी तो एक भी व्यक्ति ऐसा नहीं था जिसके बाप, दादा या परदादा कोई नेता हो। सारे आम लोग ही थे। हम सारे लोग इकट्ठा हुए और सबने पार्टी बना ली, और ऊपर वाले का आशीर्वाद था कि 12 साल बीत गए और इस दौरान काफी कुछ हासिल किया। दूसरा, झाड़ू इसका चुनाव चिन्ह है, तो भगवान ने कुछ तो सोचा होगा कि एक तो संविधान दिवस वाले दिन, आम आदमी पार्टी और झाड़ू चुनाव चिन्ह, यानि भगवान ने हमें बहुत बड़ी जिम्मेदारी दी है। यह झाड़ू चलाने की जिम्मेदारी हमारी है और हमें मिलकर इस पूरे देश को साफ करना है। जब देश को साफ-सुथरा करोगे, कूड़ा निकालोगे तो थोड़ी धूल-मिट्टी तो उठेगी। हमें संघर्ष तो करना पड़ेगा। बिना संघर्ष किए कुछ नहीं मिलता। ये हमारे खिलाफ जो कुछ भी चल रहा है, यह संघर्ष तो हमारी तकदीर में ही लिखा है।
हमने साबित किया कि सरकार ईमानदारी से और फायदे में भी चल सकती है- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अगर कोई पूछे कि 12 साल में क्या पाया? तो कोई कहेगा कि दो राज्यों में सरकार आ गई, गुजरात में पांच एमएलए आ गए। गोवा, कश्मीर में एमएलए आ गए। यहां-यहां मेयर बन गए। लेकिन मेरे हिसाब से हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि हमने इस देश को एक मॉडल ऑफ गवर्नेंस दिया है कि सरकार ऐसे भी चल सकती है। सरकार ईमानदारी से भी चल सकती है। और अगर सरकार ईमानदारी से चले तो क्या कुछ नहीं हो सकता। सरकार को घाटे में चलने की जरूरत नहीं है, सरकार फायदे में भी चल सकती है।
आज पूरी दुनिया में लंदन, न्यूयॉर्क, टोक्यो से सबसे ज्यादा दिल्ली में सीसीटीवी कैमरे है- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि हमने इस देश को मॉडल ऑफ गवर्नेंस दिया जिसमें एक तरफ आम आदमी के परिवार का सदस्य और दोस्त बनकर उनकी दिन-ब-दिन जिंदगी में थोड़ी सी सहूलियत दी है। लोगों का बिजली का बिल माफ कर दिया। पानी का बिल माफ कर दिया। कोई आदमी यही चाहता है कि उसके बच्चे अच्छा पढ़-लिख जाएं। बच्चों के लिए आदमी एक टाइम की रोटी भी छोड़ देता है। पेट काटकर भी अपने बच्चों को पढ़ाता है। हमने उनके बच्चों के लिए अच्छी शिक्षा का इंतजाम कर दिया। आदमी यह चाहता है कि अगर उसके घर में कोई बीमार हो तो उसका अच्छे से इलाज हो जाए, हमने उसका इंतजाम कर दिया। एक तरफ हमने यह सब किया, लेकिन दूसरी तरफ देश की राजधानी है दिल्ली, हमने यहां के इंफ्रास्ट्रक्चर को भी कमजोर नहीं होने दिया। जब दिल्ली में हमारी सरकार बनी तो 200 किलोमीटर की मेट्रो की लाइन थी, आज 450 किलोमीटर मेट्रो की लाइन हो गई। अनाधिकृत कालोनियों में 10 हजार किलोमीटर की सड़कें बनाई। हमारी सरकार से पहले 65 साल में दिल्ली के अंदर 62 फ्लाईओवर थे, हमने नौ साल में 38 नए फ्लाईओवर बना दिए। कई किलोमीटर सीवर की पाइपलाइन डलवाई, नालियां बनवाईं। कच्ची कालोनियों का उद्धार किया। आज पूरी दुनिया में लंदन, न्यूयॉर्क, टोक्यो से सबसे ज्यादा दिल्ली के अंदर सीसीटीवी कैमरे हैं। इतना बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर का काम किया।
यह कोई छोटी बात नहीं है कि गुजरात के चुनाव में प्रधानमंत्री को एक टेंट का स्कूल बनवाकर फोटो खिंचवाना पड़ा, इसका मतलब स्कूल की राजनीति चल पड़ी है- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमने गवर्नेंस का जो मॉडल दिया है, उसमें एक तरफ आम आदमी की जिंदगी में सुविधा दी और दूसरी तरफ इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाया और तीसरी तरफ यह सब देने के बाद भी बजट को फायदे में रखा। हमने दिल्ली के बजट को घाटे में नहीं जाने दिया। यह दिल्ली का मॉडल ऑफ गवर्नेंस है जो मुझे लगता है कि हमारी सबसे बड़ी देन यही है। जो लोग हमें गालियां देते थे, फ्री की रेवड़ी कहते थे, आज वही राजनीति में इन चीजों की बात करने लगे हैं। ये लोग भी स्कूलों की बात करने लगे हैं। यह कोई छोटी बात नहीं है कि गुजरात के चुनाव में प्रधानमंत्री जी को खुद एक छोटे से टेंट का स्कूल बनवाकर फोटो खिंचवाना पड़ा। इसका मतलब स्कूल की राजनीति चल पड़ी है। लोग बात करते हैं कि तुमने स्कूल का क्या किया? लोग राजनीति में अब स्कूल के बारे में पूछते हैं, तभी तो उन्हें यह करना पड़ा। लोग अस्पतालों के बारे में पूछते हैं।
हम लोगों के अंदर केवल देशभक्ति की भावना भरते हैं, इसलिए हमारे कार्यकर्ता इतने जूनून से काम करते हैं- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हम स्कूल, अस्पताल, बिजली, पानी, सड़क के मुद्दों को राजनीति के अंदर लेकर आए हैं। इस दौरान लाखों करोड़ों ऐसे चेहरे हैं जो कभी सामने नहीं आए। बहुत सारे लोग हैं जिन्हें टिकटें मिल गईं, कोई मंत्री बन गया, कोई मुख्यमंत्री बन गया, कोई एमएलए बन गया तो कोई काउंसलर बन गया, लेकिन बहुत सारे लोग तो कुछ नहीं बने। वे लोग फिर भी आम आदमी पार्टी के लिए काम करते रहे। क्यों करते रहे? कहां से आया यह जूनून? हमारे देश के एक बहुत बड़े नेता हैं, वो कह रहे थे कि केजरीवाल अपने कार्यकर्ताओं को पता नहीं क्या खिलाता है कि वो इतने जुनून से काम करते हैं। हम कुछ खिलाते नहीं हैं। हम लोगों के अंदर केवल देशभक्ति की भावना भरते हैं।
हमारा कार्यकर्ता यह सोच कर काम नहीं करता कि उसे किसी को मुख्यमंत्री, मंत्री या पार्टी को सत्ता दिलानी है, बल्कि वह देशभक्ति की भावना से काम करता है- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जब एक आम आदमी या एक आम वॉलंटियर आम आदमी पार्टी के लिए काम करता है तो वो यह सोचकर काम नहीं करता कि वह आम आदमी पार्टी के लिए काम कर रहा है। वो यह सोचकर काम नहीं करता कि उसे किसी को मुख्यमंत्री बनाना है, मंत्री बनाना है या आम आदमी पार्टी को सत्ता दिलानी है। बल्कि वो यह सोचकर काम करता है कि वह देश के लिए काम कर रहा है। वह देशभक्ति की भावना से काम करता है। और जब आदमी देशभक्ति की भावना से काम करता है तो फिर वो तन-मन-धन सब कुछ न्योछावर करने के लिए तैयार रहता है। इसलिए हम अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को कुछ दे नहीं सकते। दूसरी पार्टियों का तो मुझे पता चलता है कि वो पैसे भी देते हैं, तनख्वाह भी देते हैं। बड़ी फौज है उनकी। हम किसी को कुछ नहीं देते। हम तो यही कहते हैं कि आप ही के बच्चे हैं, आप ही का देश है। सबका देश है। अगर आम आदमी पार्टी के लिए काम करोगे तो देश की तरक्की होगी, वरना जो ढर्रा चलता आ रहा है वही चलता रहेगा।
अगर हमारी सरकार चली गई तो उस उम्मीद का क्या होगा, जो आम आदमी पार्टी ने पूरे देश के अंदर जगाई है- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि हर छह महीने के अंदर हमारी श्रद्धांजलि लिख दी जाती है कि अब तो गए, अब तो हार गए। तीन-चार दिन पहले एक पत्रकार मिला, उसने कहा कि केजरीवाल जी दिल्ली में वैसे हवा तो यही है कि आप लोगों की सरकार आ रही है, दो चार सीटें ऊपर नीचे हो सकती हैं। लेकिन केजरीवाल जी मान लो अगर आप हार गए तो आपका क्या होगा? मैंने कहा कि दोस्त मुझे इस बात की चिंता नहीं है कि मैं हार गया तो मेरा क्या होगा। मुझे चिंता इस बात की है कि अगर मैं हार गया तो दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 18 लाख बच्चों का क्या होगा। दिल्ली के जैसे स्कूल पूरे देश में कही नहीं है। बड़ी मुश्किल से दस साल के अंदर इतना अच्छी शिक्षा का इंतजाम किया है। अगर हमारी सरकार चली गई तो उन बच्चों के माता-पिता का क्या होगा, जिन्होंने एक उम्मीद देखी है कि उनका भी बच्चा एक डॉक्टर, इंजीनियर, वकील बनेगा। मेरी चिंता इस बात की नहीं है कि मेरा क्या होगा? मैं यहां सत्ता के लिए नहीं आया और ना ही आम आदमी पार्टी में कोई सत्ता के लिए आया है। हमारी चिंता इस बात की है कि दिल्ली में आज जब किसी गरीब के घर में कोई बीमार होता है, उन सब लोगों का क्या होगा? अभी तो उन्हें पैसे की चिंता नहीं करनी है, क्योंकि उन्हें सरकारी अस्पताल और मोहल्ला क्लीनिक में इलाज मिलता है।
अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि दिल्ली में पहले बिजली के 8 से 10 घंटे के पावर कट लगते थे। अगर हमारी सरकार चली गई तो दिल्ली में फिर से 8-10 घंटे के पावर कट लगने शुरू हो जाएंगे। हमारे देश की राजधानी का क्या होगा, 2 करोड़ लोगों का क्या होगा। आज आम आदमी पार्टी ने पूरे देश के अंदर एक उम्मीद पैदा की है। पहले लोगों की उम्मीद खत्म हो गई थी कि सरकार कुछ करेगी। पहले इससे नाराज होते थे, उसको वोट दे देते थे। उससे नाराज होते थे, इसको वोट दे देते थे। उस उम्मीद का क्या होगा, जो आम आदमी पार्टी ने पूरे देश के अंदर जगाई है। केजरीवाल जीते-होरा, यह छोटी बात है। केजरीवाल यहां सत्ता के लिए नहीं आया, सीएम बनने नहीं आया। दो बार बिना किसी दबाव के दो बार सीएम की कुर्सी पर लात मारी है।
इस देश के नेताओं ने हमें चुनौती दी थी, लेकिन उन्हें क्या पता था कि केजरीवाल राजनीति में चमत्कार लेकर आएंगे- आतिशी
दिल्ली की सीएम आतिशी ने कहा कि इस देश के नेताओं ने हमें यह चुनौती दी थी। लेकिन उन्हें क्या पता था कि अरविंद केजरीवाल इस देश की राजनीति में चमत्कार लेकर आयेंगे। अरविंद केजरीवाल वह व्यक्ति है जिन्होंने न सिर्फ इस देश में बदलाव का सपना देखा बल्कि उस सपने को साकार करके भी दिखाया। जब 12 साल पहले संविधान दिवस पर आम आदमी पार्टी की शुरुआत हुई थी तो तब लोग हम पर हंसते थे और कहते थे कि, तुम लोग राजनीति करोगे? तुम्हारे पास न मनी पॉवर है, न मसल पॉवर है, न तुम जात-पात-धर्म की बात करते हो, इस देश में ऐसे राजनीति नहीं होती है। मुझे आज भी याद है जब दिल्ली के चुनाव लड़ने का समय आया और अरविंद केजरीवाल जी नई दिल्ली से तीन बार की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के सामने चुनाव लड़ने गए तो लोगों ने कहा कि, अगर अरविंद केजरीवाल किसी और सीट से लड़े होते तो शायद आम आदमी पार्टी की एक सीट आ जाती। लेकिन अब आम आदमी पार्टी की एक भी सीट नहीं आएगी। यह 2013 के दिन थे।
सीएम आतिशी ने कहा कि मुझे इस बात पर गर्व है कि इस पार्टी के एक-एक कार्यकर्ता ने अपने खून पसीने से, अपनी मेहनत से इस पार्टी को खड़ा किया और न सिर्फ़ 2013 में हमारी सरकार बनी, बल्कि 49 दिन की सरकार को देशभर में पहचाना गया और जब भाजपा ने षड्यंत्र रचकर चुनाव रोक दिया तो इन्हीं कार्यकर्ताओं के दम पर 2015 में जब हमने चुनाव लड़ा तो आम आदमी की ताकत दिल्ली के लोगों ने और हमारे कार्यकर्ताओं ने देशभर में दिखाया और 70 में से 67 सीटों के साथ आम आदमी पार्टी की सरकार बनाई, अरविंद केजरीवाल को दिल्ली का मुख्यमंत्री बनाया। इन्हीं चीजों से यह दूसरी पार्टियां बौखला गई। उन्हें लगा कि ईमानदारी से राजनीति कर, बिना पैसे बांटे, बिना जात-पात-धर्म की राजनीति किए एक ईमानदार पार्टी पार्टी सरकार में आई गई तो इनकी राजनीति की दुकाने बंद हो जाएगी।
इन 12 सालों में भाजपा ने आम आदमी पार्टी को तोड़ने की पूरी कोशिश की, लेकिन हर बार हम मजबूत होकर निकले- डॉ. संदीप पाठक
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) डॉ. संदीप पाठक ने कहा कि किसी भी लोकतंत्र का आधार संविधान ही होता है। जिस देश में संविधान की रक्षा होती है और संविधान सुरक्षित होता है, वह देश आगे बढ़ता है। संविधान की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसी एक राजनैतिक दल की नहीं है, बल्कि इस देश के हर व्यक्ति, हर नागरिक की यह जिम्मेदारी है। आज का दिन एक विशेष संयोग है कि आम आदमी पार्टी का स्थापना दिवस और संविधान दिवस एक ही दिन पड़ रहा है। आम आदमी पार्टी ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए, संविधान की रक्षा के लिए, इस देश के आम नागरिकों के जीवन को सुखमय बनाने के लिए, और देश को एक नई राजनीति देने के उद्देश्य से इस पार्टी की स्थापना की। आज से 12 साल पहले सभी ने मिलकर इस पार्टी को जन्म दिया, और इसके संस्थापक अरविंद केजरीवाल ने देश की राजनीति को एक नई दिशा दी। किसी एक विचार को रखना और उसे पाल-पोसकर यहां तक पहुंचाना कोई साधारण बात नहीं है। अगर हम पूरे विश्व में भी देखें, तो शायद ही ऐसा कोई उदाहरण मिलेगा, जहां 10 साल में एक नया विचार जन्म लेता है और उस पर आधारित एक पार्टी दो राज्यों में सरकार बना लेती है और पूरे देश में उसका संगठन फैल जाता है।
डॉ. संदीप पाठक ने आगे कहा कि इन 12 सालों में भाजपा ने हमारी पार्टी को तोड़ने के लिए पूरी कोशिश कर ली। जब इन्होंने हमारी पार्टी के लगभग सभी शीर्ष नेताओं को जेल में डाल दिया, तब इन्हें लगा होगा कि इनका प्लान काम करेगा और पार्टी टूट जाएगी। लेकिन इन्हें सपने में भी उम्मीद नहीं थी कि इस संकट के बाद आम आदमी पार्टी और भी मजबूत होकर निकलेगी। जिस समय इन्होंने षड्यंत्र के तहत हमारे नेताओं को जेल में डाला था, उस कठिन समय में मैं उन एक-एक कार्यकर्ताओं को नमन करता हूं, जिन्होंने एकजुट होकर पार्टी की रक्षा की और इसे आगे बढ़ाया। भाजपा अपने षड्यंत्र करती रहेगी और हम उनसे लड़ते रहेंगे। उन्हें जो करना है, करें; हम अच्छा कर रहे हैं, अच्छा करेंगे और आने वाले समय में इससे भी बेहतर करेंगे, देश के लिए काम करेंगे।
जब देश के लोगों ने मान लिया था कि राजनीति में कुछ नहीं हो सकता है, तब अरविंद केजरीवाल ने एक उम्मीद की एक किरण जलाई है- गोपाल राय
आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश संयोजक गोपाल राय ने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के नेतृत्व में भारत के संविधान का आज स्थापना दिवस है और उसी दिन आम आदमी पार्टी की स्थापना हुई। यह संयोग नहीं था। सोच समझकर इस देश के अंदर भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के गर्भ से पैदा हुई आम आदमी पार्टी का नाम रखा गया था। हमें इस बात की खुशी है कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में भारत के अंदर संविधान दिवस के अवसर पर आम आदमी पार्टी बनी। जब भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन चल रहा था तो बहुत सारे लोग कहते थे कि जब तक लोगों को सत्ता नहीं मिलती है, तब तक सभी ईमानदारी के नारे लगाते हैं। लेकिन जब अवसर मिल जाता है तो बेईमानी के रास्ते खुल जाते हैं। लेकिन आज इस मुल्क के अंदर एक संदेश गया है कि सत्ता के बाद भी कोई पार्टी ईमानदार रह सकती है।
गोपाल राय ने कहा कि मैं जिम्मेदारी से कहना चाहता हूं कि मुख्यमंत्री छोड़ दो, मंत्री छोड़ दो, अगर भाजपा के एक पार्षद का ईमानदारी से जांच हो जाए, भाजपा का एक भी नेता नहीं है जिसके खिलाफ सबूत ना मिल जाए। लेकिन अकेली आम आदमी पार्टी है, इन तमाम तूफान के बाद भी चट्टान की तरह सीना तान करके खड़ी है। भाजपा के पास सीबीआई, ईडी की ताकत है, पैसे की ताकत है, नफरत की ताकत है। लेकिन आम आदमी पार्टी के पास कल भी ईमानदारी की ताकत थी, आज भी ईमानदारी की ताकत है और आम आदमी पार्टी भी कल भी ईमानदारी की ताकत से भारत के अंदर राजनीति की इबारत लिखेगी। भाजपा और देश के तमाम नेताओं को अरविंद केजरीवाल के शरीर से डर नहीं लगता। इन सभी हुक्मरानों को अरविंद केजरीवाल के विचारों से डर लगता है। क्योंकि जब लोगों ने मान लिया था कि राजनीति में कुछ नहीं हो सकता है तब अरविंद केजरीवाल ने इस देश के अंदर दिल्ली के अंदर से उम्मीद की एक किरण जलाई है। पूरा देश एक ही चाहत रखता है कि दिल्ली के अंदर जो राजनीति में नई उम्मीद की दीया जला है, यह पूरे मुल्क को रौशन करे। लेकिन कुछ लोगों की जिद है कि यह दीया दिल्ली में बुझ जाए। आगामी चुनाव इस बात का संकेत देने वाला है कि यह दीया ना बुझने वाला है, ना रुकने वाला है। देश की राजधानी से शुरू हुआ है तो देश के कोने-कोने में जाने वाला है।








