इंदौर, 19 मार्च (The News Air) लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस बार कांग्रेस का प्रदर्शन कैसा रहेगा? क्या देश की सबसे पुरानी पार्टी इस बार भाजपा और नरेंद्र मोदी के चेहरे को चुनौती दे पाएगी या 2014 और 2019 की तरह ध्वस्त हो जाएगी?
2014 लोकसभा चुनावों में कांग्रेस ने 44 सीट जीती थी, जबकि 2019 में सिर्फ 52 सीटों से संतोष करना पड़ा था। पिछले चुनावों में कांग्रेस सिर्फ एक राज्य (केरल) में दहाई के अंक (15 सीट) तक पहुंच सकी थी। पार्टी ने पंजाब और तमिलनाडु में आठ-आठ सीटें जीती थीं।
इतने राज्यों में शून्य पर सिमट गई थी कांग्रेस
- 1. राजस्थान: 25 सीट
- 2. आंध्र प्रदेश: 25 सीट
- 3. गुजरात: 26 सीट
- 4. जम्मू और कश्मीर: 6 सीट
- 5. हिमाचल प्रदेश: 4 सीट
- 6. हरियाणा: 10 सीट
- 7. दिल्ली: 7 सीट
- 8. उत्तराखंड: 5 सीट
- 9. अंडमान और निकोबार: सीट
- 10. दादरा और नगर हवेली: 1 सीट
- 11. दमन और दीव: 1 सीट
- 12. लक्षद्वीप: 1 सीट
- 13. मणिपुर: 2 सीट
- 14. मिजोरम: 1 सीट
- 15. सिक्किम: 1 सीट
- 16. त्रिपुरा: 2 सीट
- 17. अरुणाचल प्रदेश: 2 सीट
- 18. चंडीगढ़: 1 सीट
2024 लोकसभा चुनाव: मुश्किल समीकरणों में कांग्रेस के सामने खाता खोलने की चुनौती
गुजरात (26 सीट): सभी 26 सीटों पर एक ही चरण में 7 मई को वोटिंग होगी। इस बार यहां भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है। नरेंद्र मोदी का गृह प्रदेश होने के कारण गुजरात में भाजपा मजबूत है। कांग्रेस को कहीं-कहीं अंदरूनी कहल से भी जूझना पड़ रहा है।
राजस्थान (25 सीट): सभी 25 सीटों पर दो चरणों, 19 अप्रैल (12 सीट) और 26 अप्रैल (13 सीट) पर वोटिंग होगी। भाजपा ने 2019 में 25 में से 24 सीट जीती थी, जबकि 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सत्ता में वापसी करने में कामयाब रही थी। इस बार भाजपा फिर राजस्थान में सत्ता में है। मुख्य मुकाबला भाजपा-कांग्रेस के बीच ही है। यहां कांग्रेस एक बार फिर अपनी खोई जमीन पाने की कोशिश में है।
आंध्र प्रदेश (25 सीट): सभी 25 सीटों पर एक ही चरण में 13 मई को वोटिंग होगी। 2019 में वाईएसआरसीपी ने 22 सीटें जीतीं थी, जबकि 3 सीटें चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी के खाते में गई थी। इस बार भाजपा ने टीडीपी और पवन कल्याण की पार्टी जनसेना के साथ गठबंधन किया है। कांग्रेस को यहां भी त्रिकोणीय मुकाबले का सामना करना है।
हरियाणा (10 सीट): सभी 10 सीटों पर 25 मई को छठे चरण में वोटिंग होगी। भाजपा ने छह सीटों पर उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। आम आदमी पार्टी भी कुरुक्षेत्र से मैदान में है। कांग्रेस ने अभी तक एक भी सीट पर प्रत्याशी का एलान नहीं किया है।
कुल मिलाकर इस बार का लोकसभा चुनाव भी कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती वाला है। गांधी परिवार समेत पार्टी के शीर्ष नेताओं की साख दांव पर है।








