Patiala ED Raid: प्रवर्तन निदेशालय यानी ED (Enforcement Directorate) ने बुधवार को पटियाला के दो ठिकानों से चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इन पर अमेरिकी नागरिकों से कथित ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का हिस्सा होने का आरोप है।
यह गिरोह पटियाला, चंडीगढ़/मोहाली और हैदराबाद से कॉल सेंटर चला रहा था। गिरफ्तार आरोपियों के नाम हर्षिल नयनभाई रावल, जसवंत सिंह, चेतन मुंजाल और प्रणव पिठाड़िया हैं।
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पटियाला में गिरफ्तारी और हैदराबाद तक का सफर
चारों को पटियाला के दो ठिकानों से पकड़ा गया। इसके बाद एजेंसी ने स्थानीय अदालत से उनका ट्रांजिट रिमांड लिया और उन्हें हैदराबाद ले गई। उन पर अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाने, धोखाधड़ी करने और अपराध की कमाई को खुर्द-बुर्द यानी मनी लॉन्ड्रिंग करने का आरोप है।
गिरफ्तारी प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 की धारा 19(1) के तहत हुई है। यानी मामला सिर्फ ठगी का नहीं, ठगी के पैसे को घुमाने और छिपाने का भी है।
हैदराबाद के माधापुर से पटियाला कैसे पहुंचा गिरोह
यह गिरोह पहले तेलंगाना के हैदराबाद में, टेक्नोलॉजी हब माधापुर से फर्जी कॉल सेंटर चला रहा था। पुलिस की छापेमारी हुई तो आरोपियों ने कथित तौर पर अपना कामकाज पटियाला में शिफ्ट कर लिया।
देखा जाए तो यह पुरानी चाल है: एक जगह पकड़े जाने का डर हो तो दुकान दूसरी जगह खोल लो। लेकिन इस बार जांच एजेंसी उनके पीछे-पीछे पटियाला तक आ पहुंची।
सात हुई गिरफ्तारियों की गिनती
इससे पहले इसी मामले में तीन और आरोपी पकड़े जा चुके थे। ताजा गिरफ्तारियों के बाद कुल आंकड़ा सात हो गया है।
| आरोपी | गिरफ्तारी की तारीख |
|---|---|
| विकास निमार | 27 जुलाई |
| ताराचंद निमार | 5 अगस्त |
| इमरान असगरी | 10 अक्टूबर |
| हर्षिल नयनभाई रावल, जसवंत सिंह, चेतन मुंजाल, प्रणव पिठाड़िया | बुधवार (पटियाला से) |
15 सितंबर की छापेमारी में क्या-क्या निकला
ED के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, एजेंसी ने 15 सितंबर को PMLA की धारा 17 के तहत पटियाला, पुणे और चंडीगढ़ में चार ठिकानों पर छापेमारी की थी। पटियाला में दो और पुणे में एक कॉल सेंटर चलता मिला। इनमें करीब 220 लोग काम कर रहे थे।
जांच में 79 डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच की गई। कॉल सेंटर की चैट, लेजर, कॉल डेटा, पीड़ितों के ब्योरे और क्रिप्टोकरंसी वॉलेट बरामद हुए। पटियाला से जाली सरकारी दस्तावेज और जाली पहचान पत्र भी जब्त किए गए।
261 करोड़ की कमाई कहां लगाई गई
एजेंसी का कहना है कि गिरोह ने अपराध से कमाया पैसा रियल एस्टेट, सोने, वाहनों और अलग-अलग कारोबारों में लगाया। अपराध की कुल कमाई 261 करोड़ रुपये बताई गई है। इसका एक हिस्सा चंडीगढ़ के आसपास रियल एस्टेट में निवेश होने की बात सामने आई है।
20 लाख नंबर और बुजुर्गों पर निशाना: ठगी का पूरा ढांचा
ED अधिकारियों ने पाया कि गिरोह ने लोगों के नाम, पते और उम्र के साथ करीब 20 लाख (दो मिलियन) अमेरिकी फोन नंबर खरीदे थे। निशाना बने कई लोग बुजुर्ग नागरिक थे। यह डेटा जर्मनी और फिनलैंड के सर्वरों पर होस्ट किए गए ऑटो-डायलरों पर अपलोड किया गया था।
अब तक जांचकर्ताओं ने 549 पीड़ितों की पहचान की है, जिनमें कई 1940 के दशक में पैदा हुए थे। 6,463 अमेरिकी फोन नंबरों पर कथित तौर पर कॉल या संदेश भेजे गए।
| जांच में सामने आए आंकड़े | संख्या |
|---|---|
| कॉल सेंटर में काम कर रहे लोग | करीब 220 |
| फॉरेंसिक जांच वाले डिजिटल उपकरण | 79 |
| खरीदे गए अमेरिकी फोन नंबर | करीब 20 लाख |
| पहचाने गए पीड़ित | 549 |
| कॉल/संदेश भेजे गए नंबर | 6,463 |
| अपराध की कुल कमाई | 261 करोड़ रुपये |
इन आंकड़ों के पीछे की असली कहानी
दिलचस्प बात यह है कि ठगी का यह जाल बहुत सोच-समझकर बुना गया था। पहले उम्र और पते वाला डेटा खरीदा गया, फिर विदेशी सर्वरों पर ऑटो-डायलर चलाए गए। जाली सरकारी दस्तावेज और पहचान पत्र बरामद होने से साफ होता है कि भरोसा जीतने के लिए नकली पहचान का सहारा लिया जाता रहा होगा।
यहां ध्यान देने वाली बात यह भी है कि पैसा रियल एस्टेट, सोने और वाहनों में लगाया गया। यानी कमाई को असली संपत्ति में बदलने की कोशिश हुई। ED का अगला कदम इसी संपत्ति की कड़ियां जोड़ना होगा।
आम आदमी के लिए इसके मायने
इस मामले में पीड़ित अमेरिकी बुजुर्ग हैं, लेकिन ठिकाना पटियाला जैसा शहर निकला। इससे सवाल उठता है कि हमारे अपने शहरों में ऐसे कितने ठिकाने चल रहे होंगे। जांच अभी जारी है, इसलिए आगे और खुलासे संभव हैं।
जानें पूरा मामला
ED ने पटियाला, चंडीगढ़/मोहाली और हैदराबाद के कॉल सेंटरों के जरिए अमेरिकी नागरिकों से कथित ठगी वाले गिरोह की जांच शुरू की थी। 15 सितंबर की छापेमारी के बाद एक-एक कर गिरफ्तारियां हुईं। बुधवार की गिरफ्तारियों के साथ अब तक सात आरोपी पकड़े जा चुके हैं। आगे की जांच जारी है।
मुख्य बातें (Key Points)
- ED ने बुधवार को पटियाला के दो ठिकानों से चार आरोपियों को PMLA की धारा 19(1) के तहत गिरफ्तार किया।
- गिरोह ने हैदराबाद के माधापुर से कामकाज पटियाला में शिफ्ट किया था।
- अपराध की कुल कमाई 261 करोड़ रुपये बताई गई है, जो रियल एस्टेट, सोने और वाहनों में लगाई गई।
- 549 पीड़ितों की पहचान हो चुकी है, जिनमें कई बुजुर्ग हैं। इस मामले में अब तक कुल 7 गिरफ्तारियां हुई हैं।













