Rahul Gandhi Sangrur Rally: संगरूर की रैली में राहुल गांधी ने कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को साफ संदेश दिया कि पार्टी पर हमले की जगह चेहरे पहचानकर उन पर निशाना साधें। उन्होंने खुद भी आम आदमी पार्टी की जगह सीधे पंजाब के सबसे बड़े चेहरे, मुख्यमंत्री भगवंत मान, पर हमला बोला।
रैली में कांग्रेस ने कार्यकर्ताओं का जोश बढ़ाने के लिए अपना पांच सूत्री एजेंडा भी रखा। पार्टी इसी एजेंडे पर विधानसभा चुनाव लड़ने की बात कर रही है।
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भगवंत मान पर निशाना क्यों
राहुल गांधी को पता है कि पंजाब में आम आदमी पार्टी को पछाड़ना है तो सबसे पहले मान की छवि को नुकसान पहुंचाना होगा। इसी रणनीति के तहत उन्होंने रैली में मान को शराबी तक कह दिया।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि पंजाब में नशा खत्म करना है तो ऐसा मुख्यमंत्री चुनना होगा जो शाम को शराब न पीए। राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि राहुल गांधी ने पिछले कुछ समय से राष्ट्रीय स्तर पर भी बड़े चेहरों को घेरने की राजनीति शुरू की है, और संगरूर में भी यही दिखा।
राजनीतिक विशेषज्ञ क्या कहते हैं
| विशेषज्ञ | उनकी राय |
|---|---|
| वैवस्वत वेंकट | AAP ने मान को सीएम फेस बनाया, अकाली दल सुखबीर बादल और भाजपा नरेंद्र मोदी के नाम पर मैदान में है। इसलिए राहुल बड़े चेहरों की छवि बिगाड़ने की रणनीति पर चल रहे हैं, जिसका नुकसान संबंधित पार्टी और फायदा कांग्रेस को होगा। |
| पवनदीप शर्मा | रैली में बड़े मुद्दों से ज्यादा जोर निजी हमलों पर रहा। पंजाब AAP में मान सबसे बड़ा चेहरा हैं और लोग उन्हें अब भी पसंद करते हैं, जबकि पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से खासी नाराजगी है। |
| प्रमोद बातिश | भाजपा पूरे देश में मोदी-शाह के नाम पर लड़ रही है। राहुल ने पंजाब में भी मोदी-शाह पर सीधा हमला कर उनकी छवि एंटी-पंजाबी बनाने की कोशिश की। |
वैवस्वत वेंकट ने यह भी कहा कि एक और दल अमृतपाल के नाम पर चुनाव लड़ रहा है। उनके अनुसार इसी वजह से राहुल बड़े चेहरों पर निजी हमले की रणनीति पर चल रहे हैं।
दिलचस्प बात यह है कि राहुल गांधी ने अरविंद केजरीवाल और AAP के दूसरे वरिष्ठ नेताओं पर कुछ नहीं कहा। पंजाब भाजपा के बारे में भी उन्होंने एक शब्द नहीं बोला।
मान को घेरने वाला पांच सूत्री एजेंडा
| मुद्दा | राहुल गांधी का आरोप या दावा |
|---|---|
| लॉ एंड ऑर्डर | मान सरकार ने सिद्धू मूसेवाला की सिक्योरिटी हटाई और बात सार्वजनिक की, और उसके बाद उनकी हत्या हो गई। पंजाब में सिर्फ कांग्रेस ही कानून-व्यवस्था संभाल सकती है। |
| नशा | रोज शाम को शराब पीने वाला मुख्यमंत्री राज्य को नशामुक्त नहीं कर सकता। |
| किसानों को MSP | फसलों पर MSP न देने का मुद्दा उठाकर मान के खेतों तक पानी पहुंचाने के दावे को खारिज करने की कोशिश। |
| इंडस्ट्री डेवलपमेंट | इंडस्ट्री को प्रोत्साहन नहीं मिला, रोज फिरौती की धमकी भरी कॉल आ रही हैं, कारोबार बंद होने की कगार पर है, युवाओं के पास रोजगार कम है। |
| पंजाब से चलेगी सरकार | मान की सरकार दिल्ली से चल रही है, जबकि कांग्रेस की सरकार पंजाब से ही चलेगी। |
लॉ एंड ऑर्डर पर राहुल गांधी ने सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह को मंच पर बुलाया। उन्होंने कहा कि तब से नामचीन लोगों की हत्या करना “फैशन” बन गया है और पंजाब में जो भी टैलेंटेंड है, वह गैंगस्टर का शिकार हो रहा है। रोजगार की कमी पर उन्होंने कहा कि इसी वजह से युवा नशे के गर्त में फंस रहे हैं।
मंच के पीछे की कहानी: मूसेवाला के पिता और नेताओं से मुलाकात
राहुल गांधी मंच पर कई नेताओं से मिलते दिखे। उन्होंने परगट सिंह, चरणजीत सिंह चन्नी और प्रताप सिंह बाजवा से काफी देर बात की। फिर राजा वड़िंग से बातचीत की और आखिर में मंच पर मौजूद सभी नेताओं से हाथ मिलाया।
यहां ध्यान देने वाली बात है कि बलकौर सिंह राजा वड़िंग से नाराज चल रहे थे और सार्वजनिक मंचों पर भी भड़ास निकाल चुके थे। राहुल ने उनकी नाराजगी दूर करने के लिए उनसे बात की। भाषण शुरू करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि मूसेवाला के पिता से मिलने के बाद उन्होंने भाषण का प्लान बदल दिया।
चन्नी के समर्थन में हूटिंग, असहज दिखे राहुल
चरणजीत सिंह चन्नी भाषण देने डाइस की ओर गए तो उनके समर्थकों ने अचानक हूटिंग शुरू कर दी। चन्नी के भाषण के दौरान भी नारेबाजी चलती रही। यह देखकर राहुल गांधी कुछ असहज दिखे।
फिर जब राहुल ने भाषण में चन्नी का नाम लिया तो समर्थकों ने दोबारा जोर से नारे लगाए। उन्होंने राजा वड़िंग का नाम लिया तो दूसरे कोने से वड़िंग के समर्थन में नारेबाजी हुई।
रैली से निकला असली संदेश
अगर गौर करें तो इस रैली से दो बातें साफ निकलती हैं। पहली, कांग्रेस पंजाब में निजी हमले वाली रणनीति पर चलने वाली है। दूसरी, मंच पर नेताओं के समर्थकों की नारेबाजी बताती है कि पार्टी के भीतर चेहरों की होड़ भी मौजूद है।
समझने वाली बात है कि हमले का केंद्र मान को बनाकर कांग्रेस ने मुकाबले को दो चेहरों की लड़ाई की तरफ मोड़ने की कोशिश की है। अब देखना होगा कि वोटर पांच मुद्दों पर ध्यान देते हैं या बयानों के शोर पर।
जानें पूरा मामला
पंजाब में चुनाव की तैयारियां तेज हैं। AAP मान को चेहरा बनाकर, अकाली दल सुखबीर बादल और भाजपा नरेंद्र मोदी के नाम पर मैदान में है। इसी बीच कांग्रेस ने संगरूर रैली से अपने चुनावी अभियान को आक्रामक रुख दिया है।
मुख्य बातें (Key Points)
- राहुल गांधी ने संगरूर रैली में कार्यकर्ताओं से पार्टी की जगह चेहरे पहचानकर हमला करने को कहा।
- उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर सीधा निशाना साधा और पांच सूत्री एजेंडा पेश किया: लॉ एंड ऑर्डर, नशा, MSP, इंडस्ट्री डेवलपमेंट और “पंजाब से चलेगी सरकार”।
- मंच पर चन्नी और वड़िंग के समर्थकों की नारेबाजी से राहुल असहज दिखे।
- राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार यह रणनीति सीधे विरोधी पार्टियों के बड़े चेहरों की छवि पर चोट करने की है।











