Cyclone Murasu Alert जारी हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के 2 नवंबर के बुलेटिन के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी के मध्य-पश्चिमी हिस्से में गंभीर चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ बना हुआ है। सुबह 8:30 बजे इसकी स्थिति 14.1 डिग्री उत्तर और 81.4 डिग्री पूर्व दर्ज हुई। असर आंध्र प्रदेश के तट से लेकर तेलंगाना, रायलसीमा, उत्तरी तमिलनाडु और दक्षिण ओडिशा तक बताया गया है।
सवाल उठता है कि यह तूफान कितना तेज है और कब तक असर दिखाएगा। बुलेटिन के आंकड़े इसका साफ जवाब देते हैं, और चिंता का विषय यह है कि तटीय आंध्र प्रदेश के लिए चेतावनी सबसे सख्त है।
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‘मुरासु अभी कहां है और कैसे कमजोर पड़ेगा’
2 नवंबर को 0300 UTC (सुबह 8:30 बजे) की स्थिति में तूफान चेन्नई से 180 किमी पूर्व-उत्तर-पूर्व में था। बाकी शहरों से इसकी दूरी इस तालिका में है।
| स्थान | दूरी और दिशा |
|---|---|
| चेन्नई | 180 किमी, पूर्व-उत्तर-पूर्व |
| मछलीपट्टनम | 240 किमी, दक्षिण-दक्षिण-पूर्व |
| ओंगोल | 210 किमी, दक्षिण-पूर्व |
| नेल्लोर | 160 किमी, पूर्व-दक्षिण-पूर्व |
| कावली | 180 किमी, पूर्व-दक्षिण-पूर्व |
आईएमडी के पूर्वानुमान में तूफान 2 नवंबर तक 55 नॉट (गंभीर चक्रवाती तूफान) की ताकत पर दिखाया गया है। उसके बाद यह तेजी से घटता है। एक नॉट 1.85 किमी/घंटा के बराबर है।
| समय (UTC / IST) | अनुमानित ताकत |
|---|---|
| 2 नवंबर 18:00 / 3 नवंबर 00:00 | 55 नॉट, गंभीर चक्रवाती तूफान |
| 3 नवंबर 00:00 / सुबह 5:30 | 40 नॉट, चक्रवाती तूफान |
| 3 नवंबर 12:00 / शाम 5:30 | 30 नॉट, डीप डिप्रेशन |
| 4 नवंबर 00:00 / सुबह 5:30 | 20 नॉट, डिप्रेशन |
‘तटीय आंध्र, रायलसीमा और तेलंगाना में बारिश का अलर्ट’
बारिश की चेतावनी 2 से 4 नवंबर तक फैली है। सबसे ज्यादा जोर 2 और 3 नवंबर को है, जब तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में कुछ जगह भारी से बहुत भारी और अलग-अलग जगह अत्यंत भारी बारिश हो सकती है।
| क्षेत्र | बारिश की चेतावनी |
|---|---|
| तटीय आंध्र प्रदेश | 2-3 नवंबर: कुछ जगह भारी से बहुत भारी, अलग-अलग जगह अत्यंत भारी। 4 नवंबर: अलग-अलग जगह भारी |
| रायलसीमा | तटीय आंध्र जैसी ही चेतावनी |
| तेलंगाना | 2 नवंबर: अलग-अलग जगह भारी से बहुत भारी। 3 नवंबर: बढ़कर कुछ जगह भारी से बहुत भारी और अलग-अलग जगह अत्यंत भारी। 4 नवंबर: अलग-अलग जगह भारी |
| उत्तरी तमिलनाडु | 2 नवंबर: अलग-अलग जगह भारी से बहुत भारी। 3 नवंबर: अलग-अलग जगह भारी |
| दक्षिण ओडिशा और दक्षिण छत्तीसगढ़ | 2-4 नवंबर: अलग-अलग जगह भारी |
देखा जाए तो तेलंगाना की तस्वीर दिलचस्प है। वहां बारिश 2 नवंबर के मुकाबले 3 नवंबर को बढ़ने का अनुमान है।
‘120 किमी/घंटा तक के झोंके: कहां कितनी रफ्तार’
मध्य-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में 100-110 किमी/घंटा की तेज हवा, झोंके 120 तक, 2 नवंबर की आधी रात तक रहने की आशंका है। लैंडफॉल के बाद यह घटकर 3 नवंबर की सुबह तक 70-80 (झोंके 90) और 4 नवंबर की सुबह तक 45-55 (झोंके 65) रह जाएगी।
| इलाका | हवा की रफ्तार (किमी/घंटा) |
|---|---|
| आंध्र प्रदेश तट | 2 नवंबर की रात से 3 की तड़के: 100-110 (झोंके 120)। 3 की सुबह: 70-80। 3 की शाम: 40-50 |
| दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी | 2 की शाम तक: 80-90 (झोंके 100)। 3 की शाम: 40-50 |
| उत्तरी तमिलनाडु-पुडुचेरी तट | 2 की दोपहर से 3 की तड़के: 60-70 (झोंके 80) |
| तेलंगाना के कुछ जिले और रायलसीमा (चित्तूर, तिरुपति) | 3 नवंबर तड़के से दोपहर से पहले: 70-80 (झोंके 90) |
| दक्षिण ओडिशा तट | 2 की शाम से 3 की दोपहर: 50-60 (झोंके 70) |
‘समुद्र में 14 मीटर की लहरें और स्टॉर्म सर्ज का खतरा’
तटीय आंध्र प्रदेश में समुद्र 2 नवंबर की सुबह से 3 नवंबर की सुबह तक “ऊंचा से बहुत ऊंचा” रहेगा, लहरें 9 से 14 मीटर तक हो सकती हैं और दृश्यता बुरी तरह प्रभावित रहेगी। नावों और जहाजों की आवाजाही असुरक्षित बताई गई है। रायलसीमा, दक्षिण ओडिशा और उत्तरी तमिलनाडु व तेलंगाना के कुछ हिस्सों में लहरें 4 से 6 मीटर तक रह सकती हैं।
अगर गौर करें तो सबसे डराने वाली चेतावनी स्टॉर्म सर्ज की है। लैंडफॉल के वक्त दक्षिणी तटीय आंध्र के निचले इलाकों में 1.5 से 2.0 मीटर ऊंचा पानी (सामान्य ज्वार से ऊपर) भर सकता है। सबसे ज्यादा असर बापटला, कृष्णा और प्रकाशम जिलों में बताया गया है।
‘मछुआरों के लिए चेतावनी: कब तक समुद्र से दूर रहें’
आईएमडी ने मछली पकड़ने की गतिविधियां पूरी तरह रोकने की सलाह दी है।
| समुद्री क्षेत्र | कब तक न जाएं |
|---|---|
| दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी | 2 नवंबर |
| दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी | 4 नवंबर की सुबह तक |
| मध्य-पश्चिम बंगाल की खाड़ी | 4 नवंबर की दोपहर तक |
| आंध्र प्रदेश तट | 2 नवंबर की सुबह से 4 की दोपहर तक |
| उत्तरी तमिलनाडु-पुडुचेरी तट | 4 नवंबर की सुबह तक |
| दक्षिण ओडिशा तट और उत्तर-पश्चिम खाड़ी के सटे इलाके | 2 की शाम से 4 की दोपहर तक |
‘क्या-क्या नुकसान की आशंका है’
तटीय आंध्र प्रदेश में कच्चे घरों और झोपड़ियों को भारी नुकसान की आशंका है। छतें उड़ सकती हैं और खुली धातु की चादरें उड़ सकती हैं। होर्डिंग गिरने और पेड़ उखड़ने का खतरा है, जबकि बिजली और संचार के खंभों को मामूली नुकसान संभव है।
खेती पर चोट गहरी हो सकती है। खड़ी और तटीय फसलों, बागानों और बगीचों को भारी नुकसान की चेतावनी है। केला, पपीता और सहजन के पेड़ खास तौर पर प्रभावित हो सकते हैं। कच्ची और पक्की सड़कों को भारी नुकसान और बचाव के रास्तों में पानी भरने की बात भी कही गई है। रेल, ऊपर की बिजली लाइन और सिग्नल व्यवस्था में बाधा पड़ सकती है।
‘आम आदमी पर असर: सफर और घर की सुरक्षा’
आम इंसान के लिए सबसे सीधा असर सफर पर पड़ सकता है। बड़े शहरों में जलभराव से यातायात रुक सकता है और सफर का समय बढ़ सकता है। इसलिए निकलने से पहले अपने रास्ते की भीड़ और जाम की जानकारी जांच लें।
सलाह यह भी है कि तटीय झोपड़ियों में रहने वालों को सुरक्षित जगह ले जाया जाए और प्रभावित इलाकों के लोग घर के अंदर रहें। कमजोर ढांचे में न रुकें और अक्सर जलभराव वाले इलाकों में न जाएं।
‘अगले 48 घंटे: तटीय आंध्र बनाम बाकी इलाके’
अगर आने वाले दो दिनों की तस्वीर देखें तो 3 नवंबर की सुबह सबसे अहम है। तब तक समुद्र बहुत ऊंचा रहेगा, तटीय आंध्र में हवा 70-80 किमी/घंटा तक नीचे आएगी और 3 नवंबर की शाम तक 40-50 रह जाएगी। 4 नवंबर की सुबह तक समुद्र “बहुत उबड़-खाबड़ से उबड़-खाबड़” तक सुधरने का अनुमान है।
दिलचस्प बात यह है कि चेतावनी में दो स्तर साफ दिखते हैं। तटीय आंध्र के लिए लहरें 9-14 मीटर और समुद्र-तट के सभी काम पूरी तरह बंद करने की सलाह है। रायलसीमा, दक्षिण ओडिशा और उत्तरी तमिलनाडु व तेलंगाना के लिए लहरें 4-6 मीटर और काम “समझदारी से नियंत्रित” करने की बात है। यह दर्शाता है कि सबसे बड़ी मार तटीय आंध्र पर मानी जा रही है। अगला बुलेटिन 3 नवंबर को दोपहर 2:30 बजे आएगा, इसलिए उसी पर नजर रखना बेहतर होगा।
‘क्या है पृष्ठभूमि’
यह चेतावनी भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत आईएमडी ने 2 नवंबर 2026 को जारी की। बुलेटिन में बारिश, हवा, समुद्र की हालत, स्टॉर्म सर्ज, मछुआरों की चेतावनी और संभावित नुकसान के साथ सुझाए गए कदम दिए गए हैं। ताजा जानकारी आईएमडी की वेबसाइटों www.rsmcnewdelhi.imd.gov.in और www.mausam.imd.gov.in पर मिलेगी।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- गंभीर चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ 2 नवंबर को सुबह 8:30 बजे 14.1°N/81.4°E पर था। अनुमान है कि 4 नवंबर तक यह डिप्रेशन में बदल जाएगा।
- आंध्र तट पर 2 नवंबर की रात से 3 की तड़के 100-110 किमी/घंटा की हवा, झोंके 120 तक, और 1.5-2.0 मीटर के स्टॉर्म सर्ज की आशंका है।
- तटीय आंध्र और रायलसीमा में 2-3 नवंबर को अत्यंत भारी बारिश तक का अलर्ट है, तेलंगाना में 3 नवंबर को बारिश बढ़ेगी।
- मछुआरों को आंध्र तट पर 2 नवंबर की सुबह से 4 नवंबर की दोपहर तक समुद्र में न जाने की सलाह है।










