Daljit Singh Death Case: मानसा जिले के गांव भम्मे कलां के दलजीत सिंह उर्फ जीता की मौत का मामला अब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है। उनकी बहन अमरजीत कौर ने याचिका दायर कर अदालत से दखल की मांग की है, जिस पर सोमवार (2 नवंबर) को सुनवाई होगी।
परिवार चाहता है कि मामले की जांच CBI से हो और चंडीगढ़ PGI के डॉक्टरों का बोर्ड दोबारा पोस्टमार्टम करे। साथ ही परिवार को पुलिस सुरक्षा भी मांगी गई है।
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‘AIIMS बठिंडा में रखा शव, मानसा में तनाव’
दलजीत की मौत के बाद से मानसा में तनाव का माहौल है। उनका शव AIIMS बठिंडा में रखा है और परिवार ने अब तक अंतिम संस्कार नहीं किया।
पत्नी परमजीत कौर, मां शिंदरपाल कौर और बहन अमरजीत कौर मानसा में परविंदर सिंह झोटा के इंसाफ मोर्चे में शामिल हैं। पिता जरनैल सिंह गांव में घर पर हैं।
’27 अक्टूबर को खेत में मिला था शव’
27 अक्टूबर की सुबह दलजीत का शव मानसा के गांव रामानंदी के पास खेत में मिला। पुलिस के मुताबिक शुरुआती जांच में मामला हत्या का लगा।
पिता जरनैल सिंह की शिकायत पर मानसा पुलिस ने रामानंदी गांव के तीन लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया और तीनों को गिरफ्तार किया। पर परिवार की कहानी अलग है। उनका आरोप है कि मौत नशे की ओवरडोज से हुई।
पत्नी के मुताबिक दलजीत पहले नशे का आदी था, लेकिन करीब तीन सप्ताह से उसने नशा छोड़ दिया था। परिवार ने गांवों में नशे की बिक्री पर सवाल उठाते हुए तस्करों पर कार्रवाई की मांग की है।
‘शव ले जाते समय पुलिस से टकराव’
27 अक्टूबर को परिवार और ग्रामीण शव लेकर इंसाफ मोर्चे में शामिल होने जा रहे थे। रामदित्तेवाला चौक के पास पुलिस ने उन्हें रोक लिया, और बस यहीं से हालात बिगड़ गए। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ।
पुलिस ने शव अपने कब्जे में लेकर AIIMS बठिंडा पहुंचाया। इस दौरान लाठीचार्ज के आरोप भी लगे। 28 अक्टूबर को AIIMS बठिंडा में पोस्टमार्टम हुआ। पुलिस ने बताया था कि मौत का असली कारण विसरा रिपोर्ट आने के बाद साफ होगा। पुलिस टीम पर हमले के आरोप में हत्या के प्रयास का अलग केस भी दर्ज किया गया।
‘अंतिम संस्कार पर गतिरोध: एक नज़र में घटनाक्रम’
| तारीख | घटना |
|---|---|
| 27 अक्टूबर | खेत में शव मिला, हत्या का केस दर्ज, तीन आरोपी गिरफ्तार |
| 27 अक्टूबर | शव ले जाते समय पुलिस से टकराव, शव AIIMS बठिंडा भेजा गया |
| 28 अक्टूबर | AIIMS बठिंडा में पोस्टमार्टम |
| 1 नवंबर | परिवार ने फिर अंतिम संस्कार से इनकार किया |
| 2 नवंबर (सोमवार) | हाईकोर्ट में याचिका पर सुनवाई |
परिवार की मांग है कि शव उन्हें सौंपा जाए और प्रदर्शन के दौरान दर्ज किए गए केस रद्द हों। गांव की पंचायत ने भी बातचीत की, पर सहमति नहीं बनी। अब सबकी नजरें सोमवार की सुनवाई पर हैं।
‘दो कहानियां, एक सवाल: असल वजह क्या थी?’
अगर गौर करें, तो इस मामले में दो अलग कहानियां चल रही हैं। पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर तीन लोगों को पकड़ा है, जबकि परिवार नशे की ओवरडोज की बात कर रहा है। और असली कारण विसरा रिपोर्ट के बाद ही साफ होगा।
सवाल उठता है कि जब रिपोर्ट अभी बाकी है, तो दोबारा पोस्टमार्टम और स्वतंत्र जांच की मांग का वजन कितना होगा? यह अदालत तय करेगी। फिलहाल इतना साफ है कि भरोसे की कमी ही अंतिम संस्कार रोके हुए है। आम गांववालों के लिए यह सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं, नशे की बिक्री पर उठे सवालों का भी मामला है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- दलजीत सिंह की बहन अमरजीत कौर की याचिका पर हाईकोर्ट में सोमवार को सुनवाई।
- परिवार की मांग: CBI जांच, PGI बोर्ड से पोस्टमार्टम और पुलिस सुरक्षा।
- शव AIIMS बठिंडा में है, परिवार ने अंतिम संस्कार से इनकार किया है।
- पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर तीन को गिरफ्तार किया, परिवार ओवरडोज का आरोप लगा रहा है।













