Milk Price Hike को लेकर देशभर के उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है। कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (KMF) ने अपने नंदिनी ब्रांड के दूध की कीमतों में ₹8 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की घोषणा कर दी है। नई दरें 1 नवंबर से लागू होंगी, जिससे कर्नाटक के लाखों घरों का बजट सीधे प्रभावित होगा।
देखा जाए तो यह बढ़ोतरी अकेले कर्नाटक की कहानी नहीं है। महाराष्ट्र में दूध की कीमत एक झटके में ₹100 प्रति लीटर के आंकड़े को पार कर गई है, वहीं तमिलनाडु में भी दूध की कीमतों में अच्छा उछाल देखने को मिला है।
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₹46 से बढ़कर ₹54 प्रति लीटर होगा नंदिनी दूध
इस बढ़ोतरी के बाद नंदिनी दूध का दाम ₹46 से बढ़कर ₹54 प्रति लीटर हो जाएगा। रिपोर्ट से मिली जानकारी के मुताबिक बढ़ाए गए ₹8 में से ₹7 किसानों को दिए जाएंगे, जबकि ₹1 KMF के पास जाएगा। यानी इस बढ़ोतरी का बड़ा हिस्सा सीधे दूध उत्पादक किसानों की जेब में जाएगा।
डेयरी सहकारी समितियां उत्पादन लागत में बढ़ोतरी और पड़ोसी राज्यों की दरों के बीच बढ़ते अंतर से जूझ रही हैं। दिलचस्प बात यह है कि नंदिनी दूध की कीमतों में हाल के सालों में यह पांचवीं बार बढ़ोतरी होगी।
| बढ़ोतरी का समय | कीमत में वृद्धि |
|---|---|
| नवंबर 2022 | ₹3 प्रति लीटर |
| जुलाई 2023 | ₹3 प्रति लीटर |
| जून 2024 | ₹2 प्रति लीटर |
| मार्च 2025 | ₹4 प्रति लीटर |
| नवंबर 2026 | ₹8 प्रति लीटर |
चुनाव नतीजों के बाद हुआ ऐलान
ध्यान देने वाली बात यह है कि बढ़ोतरी की यह घोषणा कर्नाटक विधान परिषद चुनाव के नतीजे घोषित होने के एक दिन बाद हुई है। चुनाव से पहले राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू थी, जिसके चलते शायद यह फैसला टाला गया था।
पिछले कुछ महीनों में कई राज्यों में दूध की कीमतों में भारी बढ़ोतरी देखने को मिली है। इसका सबसे बड़ा कारण दूध की उत्पादन लागत बढ़ना है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक मक्के और सोयाबीन का इंडस्ट्रियल इस्तेमाल बढ़ने से इनके दाम बढ़े हैं, जिससे पशु आहार महंगा हुआ है। इसके साथ ही हरे और सूखे चारे की कीमत ने भी पशुपालकों की लागत बढ़ा दी है।
जानें पूरा मामला
संबंधित संस्थाओं का तर्क है कि इस बढ़ोतरी से दुग्ध उत्पादकों की बढ़ती लागत को कम किया जा सकेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। हालांकि आम उपभोक्ता के लिए यह सीधा आर्थिक झटका है, खासकर उन परिवारों के लिए जो रोजाना दूध का इस्तेमाल करते हैं।
विशेषज्ञ विश्लेषण
अगर गौर करें तो यह बढ़ोतरी सिर्फ एक राज्य की घटना नहीं बल्कि पूरे देश में दूध उत्पादन लागत के संकट का संकेत है। मक्का और सोयाबीन जैसी फसलों का औद्योगिक इस्तेमाल बढ़ना यह दर्शाता है कि कृषि और डेयरी क्षेत्र आपस में गहराई से जुड़े हुए हैं। इसका मतलब है कि आने वाले महीनों में अन्य राज्यों में भी दूध की कीमतों में इसी तरह की बढ़ोतरी देखी जा सकती है।
मुख्य बातें (Key Points)
- KMF ने नंदिनी दूध की कीमत में ₹8 प्रति लीटर बढ़ोतरी की घोषणा की, 1 नवंबर से लागू।
- नई कीमत ₹46 से बढ़कर ₹54 प्रति लीटर होगी।
- ₹8 में से ₹7 किसानों को और ₹1 KMF को मिलेगा।
- यह पांचवीं बार है जब नंदिनी दूध की कीमत बढ़ाई गई है।













