Bhagwan Valmiki Tirath Sthal : भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल को विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए पंजाब सरकार 17.72 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। यह ऐलान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 26 अक्टूबर को अमृतसर में किया।
भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल पर महर्षि भगवान श्री वाल्मीकि जी के प्रगट दिवस के अवसर पर अमृतसर में राज्य स्तरीय समारोह आयोजित हुआ। इसमें मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शिरकत करते हुए पवित्र स्थल की विरासत की सुरक्षा और उनकी शिक्षाओं के प्रसार के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
मुख्यमंत्री ने नतमस्तक होते हुए घोषणा की कि इस पवित्र स्थल के सौंदर्यीकरण के लिए 17.72 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। देखा जाए तो यह राशि सिर्फ निर्माण कार्य नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं के अनुभव को बेहतर बनाने की पूरी योजना को दर्शाती है।
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17.72 करोड़ की योजना में क्या-क्या शामिल
अगर गौर करें तो इस राशि का इस्तेमाल कई अलग-अलग कामों में हो रहा है। मुख्य मंदिर की इमारत की मरम्मत और सौंदर्यीकरण के साथ-साथ नए साउंड सिस्टम की स्थापना की जा रही है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं।
पवित्र सरोवर की सफाई और उससे जुड़े अन्य कार्य भी इसी योजना का हिस्सा हैं। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को चालू करने तथा मंदिर और सराय में एयर कंडीशनर लगाने जैसे कामों पर अकेले 2.60 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
| विकास कार्य | विवरण |
|---|---|
| मुख्य मंदिर | इमारत की मरम्मत और सौंदर्यीकरण |
| साउंड सिस्टम | नई व्यवस्था की स्थापना |
| सुरक्षा | सीसीटीवी कैमरे लगाए गए |
| पवित्र सरोवर | सफाई और संबंधित कार्य |
| सीवरेज व आवास | सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, AC व्यवस्था (2.60 करोड़ रुपये) |
| कुल बजट (2026-27) | 17.72 करोड़ रुपये |
‘एक्स’ पर मुख्यमंत्री का संदेश: नफरत का बीज कभी नहीं उगेगा
सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (ट्विटर) पर समारोह की झलकियां साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लिखा कि अमृतसर में महर्षि भगवान वाल्मीकि जी के पवित्र प्रकाश पर्व पर नतमस्तक होने का सौभाग्य मिला। इस स्थान के विकास के लिए 17.5 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
उन्होंने लिखा कि धार्मिक स्थानों का प्रबंधन राजनेताओं के बजाय धार्मिक हस्तियों और विद्वानों द्वारा किया जाना चाहिए। इसका मतलब है कि सरकार धार्मिक संस्थाओं के स्वायत्त प्रबंधन के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि पंजाब में हर बीज अंकुरित हो सकता है, लेकिन नफरत का बीज इस पवित्र धरती पर कभी नहीं उग सकता।
पहले से पूरे हो चुके बड़े प्रोजेक्ट
समझने वाली बात यह है कि यह विकास कार्य अचानक शुरू नहीं हुआ, बल्कि पहले से चली आ रही एक सिलसिलेवार योजना का हिस्सा है। महर्षि भगवान वाल्मीकि जी के जीवन और शिक्षाओं को दर्शाने वाला एक आकर्षक पैनोरमा वर्ष 2024 में 25 करोड़ रुपये की लागत से श्रद्धालुओं को समर्पित किया गया था।
इसके अलावा तीर्थ स्थल की सुंदरता बढ़ाने के लिए फसाड लाइटिंग भी लगाई जा चुकी है, जिससे रात के समय यह स्थल बेहद आकर्षक दिखाई देता है। राहत की बात यह है कि इन दोनों प्रोजेक्ट के बाद अब सरकार और आगे बढ़कर नई सुविधाएं जोड़ रही है।
रामायण के आदि कवि: मुख्यमंत्री ने क्यों कहा ‘शिक्षाएं पूरी मानवता के लिए’
मुख्यमंत्री ने सभा को संबोधित करते हुए महर्षि भगवान वाल्मीकि जी को संस्कृत साहित्य का पितामह और आदि कवि बताया। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा रचित अमर महाकाव्य रामायण ने हजारों सालों से मानवता को धर्म का रास्ता दिखाया है।
उनके मुताबिक यह रचना बुराई पर सच की जीत का सदाबहार संदेश देती है और सच, नैतिकता, करुणा तथा नैतिक आचरण के लिए एक प्रकाश-स्तंभ के रूप में काम करती है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि महर्षि भगवान वाल्मीकि जी की शिक्षाएं किसी विशेष काल या समुदाय तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता से संबंधित हैं।
इसी कड़ी में उन्होंने बताया कि पंजाब को गर्व है कि महर्षि भगवान वाल्मीकि जी ने इसी पवित्र धरती पर प्रभु श्री राम जी के पुत्रों लव और कुश को ज्ञान और शिक्षा दी थी। हैरान करने वाली बात यह है कि यह ऐतिहासिक जुड़ाव अमृतसर के इस तीर्थ स्थल को और भी खास बनाता है।
मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना से जुड़ा लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ के तहत श्रद्धालुओं को अमृतसर के अन्य प्रमुख पवित्र स्थलों के साथ-साथ भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल के दर्शन करने की सुविधा भी दी जा रही है। इससे श्रद्धालुओं को इन पवित्र स्थलों पर माथा टेकने का सौभाग्य मिल रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पवित्र भूमि के विकास के लिए धन की कोई कमी नहीं है और सरकार अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। सवाल उठता है कि आने वाले समय में श्रद्धालुओं की संख्या कितनी बढ़ेगी, जिसका जवाब इन्हीं सुविधाओं पर टिका है।
जानें पूरा मामला
पूरा आयोजन अमृतसर में महर्षि भगवान वाल्मीकि जी के प्रगट दिवस पर हुए राज्य स्तरीय समारोह से जुड़ा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस पवित्र स्थल पर नतमस्तक होकर देश-विदेश के श्रद्धालुओं को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार महर्षि भगवान वाल्मीकि जी द्वारा दिखाए गए धर्म, समानता और मानवता के मार्ग पर चलकर एक समतावादी समाज का निर्माण कर रही है, जहां हर व्यक्ति को सम्मान और बराबर के अवसर मिलें। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि धार्मिक संस्थाओं का प्रबंधन बिना किसी अनावश्यक राजनीतिक हस्तक्षेप के संबंधित धर्मों से जुड़े लोगों द्वारा ही किया जाना चाहिए।
समारोह के अंत में मुख्यमंत्री ने लोगों से आह्वान किया कि महर्षि भगवान वाल्मीकि जी को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम उनकी शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाएं और समानता, करुणा, सदाचार तथा आपसी सम्मान जैसे मूल्यों को बढ़ावा दें।
मुख्य बातें (Key Points)
- भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल पर 2026-27 में 17.72 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
- मुख्य मंदिर मरम्मत, साउंड सिस्टम, सीसीटीवी, सरोवर सफाई और AC सुविधा शामिल हैं।
- 2024 में 25 करोड़ रुपये की लागत से पैनोरमा पहले ही समर्पित किया जा चुका है।
- मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत श्रद्धालुओं को इस स्थल के दर्शन की सुविधा मिल रही है।










