Congress Delhi Rally की तैयारियों को लेकर पंजाब में सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल रविवार देर शाम चंडीगढ़ पहुंचे, जहां कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। एयरपोर्ट पर उन्हें रिसीव करने के लिए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
समझने वाली बात है कि वेणुगोपाल के इस दौरे का मुख्य मकसद 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली विशाल रैली के लिए बड़ी संख्या में समर्थन जुटाना है। पंजाब प्रभारी सचिन पायलट भी उनके साथ मौजूद थे।
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‘वोट चोरी के मुद्दे पर राहुल गांधी लीड करेंगे रैली’
वोट चोरी के मुद्दे पर राहुल गांधी इस रैली को लीड करेंगे। इसमें INDIA ब्लॉक के अन्य नेता भी शामिल होंगे। रैली में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को जुटाने की तैयारी जोरों पर है।
दिलचस्प बात यह है कि पंजाब के नेताओं को कम से कम 50 हजार लोग दिल्ली लाने का टारगेट दिया गया है। इसके अलावा वेणुगोपाल पंजाब में होने वाली राहुल गांधी की रैली की तैयारियों को भी परख रहे हैं।
‘4 नवंबर को संगरूर में लॉन्च होगा कैंपेन’
4 नवंबर को राहुल गांधी की संगरूर में रैली प्रस्तावित है। इस रैली से वह पंजाब विधानसभा चुनाव का कैंपेन लॉन्च करेंगे। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह ने यह जानकारी दी है कि राहुल गांधी दिवाली से पहले पंजाब दौरे पर आ रहे हैं।
वह 4 नवंबर को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के गृहजिले संगरूर का दौरा करेंगे। इससे साफ होता है कि कांग्रेस पंजाब चुनाव से पहले सियासी जमीन मजबूत करने में जुट गई है।
वेणुगोपाल के एकदिवसीय दौरे में पंजाब के सभी सीनियर लीडर्स और जिला कमेटियों के नेताओं के साथ बैठकें भी शामिल हैं। शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वे दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।
‘विपक्ष का आरोप, वोट बचाओ-देश बचाओ का नारा’
INDIA ब्लॉक और कांग्रेस की अगुवाई में 1 नवंबर 2026 को दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में विशाल महारैली और जन मार्च का आयोजन हो रहा है। इस आंदोलन को कांग्रेस ने “वोट बचाओ-देश बचाओ” और “चलो दिल्ली” का नारा दिया है।
विपक्ष का आरोप है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभ्यास के दौरान मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां की गई हैं और मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। इस आधार पर विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़ा है।
नीचे टेबल में रैली से जुड़े आंकड़े देखे जा सकते हैं:
| राज्य | भीड़ जुटाने का टारगेट |
|---|---|
| हरियाणा | 1 लाख कार्यकर्ता |
| जम्मू-कश्मीर | करीब 5,000 कार्यकर्ता |
| पंजाब | करीब 50,000 लोग |
‘जानें पूरा मामला’
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सभी कांग्रेस सांसदों को 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक दिल्ली में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। राहुल गांधी समेत INDIA ब्लॉक के तमाम शीर्ष नेता इस मंच पर एकजुट दिखेंगे। कांग्रेस का दावा है कि रैली में लाखों लोग जुटेंगे। इसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए वेणुगोपाल और पंजाब के वरिष्ठ नेताओं की लगातार मैराथन बैठकें चल रही हैं।
अगर गौर करें तो यह रैली सिर्फ एक राजनीतिक आयोजन नहीं, बल्कि 2026 पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की ताकत दिखाने की एक बड़ी कोशिश मानी जा रही है। आम मतदाता के लिए यह समझना जरूरी है कि इस रैली का असर आने वाले चुनावी माहौल पर सीधा पड़ सकता है।
मुख्य बातें (Key Points)
- केसी वेणुगोपाल चंडीगढ़ पहुंचे, 1 नवंबर दिल्ली रैली के लिए समर्थन जुटाने आए
- पंजाब के नेताओं को 50 हजार लोग दिल्ली लाने का टारगेट दिया गया
- राहुल गांधी 4 नवंबर को संगरूर से पंजाब चुनाव कैंपेन लॉन्च करेंगे
- विपक्ष SIR में गड़बड़ियों का आरोप लगाकर CEC के इस्तीफे की मांग कर रहा है













