Driving Licence New Rules को लेकर केंद्र सरकार ने एक बड़ा प्रस्ताव पेश किया है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने लाइसेंस में पता, मोबाइल नंबर और ईमेल अपडेट कराने पर लगने वाली फीस खत्म करने का ड्राफ्ट जारी किया है। साथ ही आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाने और निपटारे की समयसीमा तय करने की भी तैयारी है।
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‘क्यों लाया गया यह ड्राफ्ट’
आरटीओ के चक्कर काटना, लंबी लाइनों में खड़े रहना और छोटी-छोटी जानकारियों को अपडेट कराने के लिए फीस चुकाना, जल्द ही यह सब बीते दिनों की बात हो सकती है। केंद्र सरकार ने सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स में संशोधन के लिए यह नया ड्राफ्ट जारी किया है।
ध्यान रहे, यह बदलाव अभी सिर्फ प्रस्तावित हैं, लागू नहीं हुए हैं। मंत्रालय ने इन प्रस्तावित बदलावों पर आम लोगों से 30 दिन के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं।
‘सबसे बड़ी राहत, फीस होगी खत्म’
सबसे पहली और बड़ी राहत जुड़ी है आपके बजट से। नए प्रस्ताव के मुताबिक अब ड्राइविंग लाइसेंस में पता, मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी अपडेट कराने पर लगने वाला शुल्क पूरी तरह खत्म किया जा सकता है। इसके अलावा आधार के जरिए ऑनलाइन ऑथेंटिकेशन या वेरिफिकेशन करने पर मिलने वाली डिजिटल सेवाओं को भी मुफ्त करने का सुझाव दिया गया है।
नौकरी बदलने, घर शिफ्ट करने या नए शहर में बसने वाले लाखों लोगों के लिए यह एक बड़ी आर्थिक राहत साबित हो सकता है।
‘अब तय होगी आवेदन निपटारे की डेडलाइन’
अक्सर देखा जाता है कि आरटीओ में आवेदन जमा करने के बाद महीनों तक स्थिति साफ नहीं होती। लेकिन अब सरकार आवेदनों के निपटारे की डेडलाइन तय करने जा रही है।
| आवेदन का प्रकार | तय समयसीमा |
|---|---|
| नाम और विवरण में बदलाव | 15 दिन के भीतर निर्णय |
| पते में बदलाव | 30 दिन, न होने पर स्वतः स्वीकृत (डीम्ड अप्रूव्ड) |
| वाहन कैटेगरी हटाना | 7 दिन के भीतर ऑटोमेटिक कार्रवाई |
इससे साफ होता है कि अब आवेदन सरकारी फाइलों में बेवजह नहीं अटकेंगे।
‘सारथी पोर्टल होगा और स्मार्ट’
ड्राइविंग लाइसेंस का आधिकारिक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म यानी सारथी पोर्टल भी अब और ज्यादा यूजर फ्रेंडली होने जा रहा है। नए ड्राफ्ट के तहत पोर्टल पर जानकारी अपने आप भरने यानी ऑटो-फिल की व्यवस्था सुझाई गई है, जिससे आवेदकों को बार-बार एक ही डिटेल दर्ज नहीं करनी पड़ेगी।
साथ ही लाइसेंस रिन्यू कराने, डुप्लीकेट लाइसेंस बनवाने या नई वाहन श्रेणी जोड़ने जैसी सेवाओं के लिए एक एकीकृत फॉर्म 2A लाने की तैयारी है।
‘इमरजेंसी कॉन्टैक्ट और अंगदान का विकल्प’
सड़क दुर्घटना या किसी आपात स्थिति में पीड़ित की पहचान और उसके परिजनों तक तुरंत पहुंचने के लिए नए आवेदन फॉर्म में इमरजेंसी कॉन्टैक्ट की जानकारी देना अनिवार्य करने का प्रस्ताव है।
इसके साथ ही समाज में अंगदान को बढ़ावा देने के मकसद से आवेदकों को अंगदान की इच्छा दर्ज करने का विकल्प भी दिया जाएगा। यह एक छोटी सी पहल उम्मीद की किरण बनकर कई जिंदगियां बचाने में मददगार साबित हो सकती है।
‘आम लोगों पर क्या असर’
अगर ये नियम लागू होते हैं, तो आम लोगों को लाइसेंस से जुड़े छोटे-छोटे कामों के लिए न तो फीस देनी पड़ेगी और न ही आरटीओ के महीनों लंबे इंतजार से जूझना पड़ेगा।
‘जानें पूरा मामला’
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स में संशोधन के लिए एक ड्राफ्ट जारी किया है, जिसमें लाइसेंस में पता, मोबाइल और ईमेल अपडेट पर फीस खत्म करने, आवेदनों के निपटारे की समयसीमा तय करने और सारथी पोर्टल को यूजर फ्रेंडली बनाने के प्रस्ताव शामिल हैं। मंत्रालय ने इस ड्राफ्ट पर जनता और विशेषज्ञों से 30 दिन के भीतर सुझाव मांगे हैं, जिसके बाद ही अंतिम नोटिफिकेशन जारी होगी और नियम पूरे देश में लागू होंगे।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- ड्राइविंग लाइसेंस में पता, मोबाइल, ईमेल अपडेट पर फीस खत्म करने का प्रस्ताव।
- पता बदलाव आवेदन पर 30 दिन में फैसला न आने पर स्वतः मंजूरी (डीम्ड अप्रूव्ड)।
- सारथी पोर्टल पर ऑटो-फिल सुविधा और एकीकृत फॉर्म 2A लाने की तैयारी।
- इमरजेंसी कॉन्टैक्ट देना अनिवार्य होगा, अंगदान का विकल्प भी जोड़ा जाएगा।










