Mansa Jhota Murder Case : मानसा में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या के 11 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक उनका पोस्टमॉर्टम तक नहीं हो पाया है। यह अपने आप में हैरान करने वाली बात है। परिवार और एक्शन कमेटी अपनी 10 मांगों पर टस से मस नहीं हो रहे।
झोटा की पत्नी मनप्रीत कौर ने साफ लहजे में कह दिया है कि जब तक पंजाब सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाती, अंतिम संस्कार नहीं होगा। दूसरी ओर, मामले के मुख्य आरोपी अश्वनी कुमार को लेकर भी एक बड़ा फैसला सामने आया है।
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फार्मासिस्ट रजिस्ट्रेशन हुआ रद्द
पंजाब फार्मेसी काउंसिल की कार्यकारी कमेटी ने 20 अक्टूबर 2026 को हुई बैठक में अश्वनी कुमार का फार्मासिस्ट रजिस्ट्रेशन रद्द करने का फैसला ले लिया। इसके दो दिन बाद यानी 22 अक्टूबर को रजिस्ट्रार ने इस बारे में पत्र जारी कर दिया।
आदेश के मुताबिक अश्वनी का नाम पंजीकृत फार्मासिस्टों के आधिकारिक रजिस्टर से हटा दिया गया है। समझने वाली बात है कि यह कार्रवाई सीधे उसके पेशेवर करियर पर चोट है।
2020 में मिला था रजिस्ट्रेशन, अब हुआ खत्म
पंजाब फार्मेसी काउंसिल के रिकॉर्ड के अनुसार, अश्वनी कुमार पुत्र देस राज, निवासी वार्ड नंबर 19, गुरुद्वारा स्ट्रीट, मोहल्ला वीर नगर, मानसा का रजिस्ट्रेशन नंबर 51464 था। यह 10 जुलाई 2020 को जारी हुआ था।
दिलचस्प बात यह है कि छह साल बाद ही यह रजिस्ट्रेशन हमेशा के लिए खत्म हो गया। रद्द करने का आदेश 20 अक्टूबर 2026 से प्रभावी माना जाएगा।
निहंग बाबा बोले- पत्नी को लड़वाओ चुनाव
गुरुवार को धरने में निहंग बाबा राजा राज सिंह भी पहुंचे। उन्होंने भावुक होकर कहा कि अगर झोटा आज जिंदा होते, तो हम उन्हें चुनाव मैदान में उतारते। अफसोस कि वह अब हमारे बीच नहीं रहे।
उन्होंने एक बड़ा प्रस्ताव रख दिया: अब झोटा की पत्नी मनप्रीत कौर को विधायक का चुनाव लड़वाया जाए। उनका मानना है कि झोटा ने नशे को खत्म करने का जो सपना देखा था, उसे मनप्रीत कौर ही पूरा कर सकती हैं।
“सत्ता मिले तो मानसा होगा नशामुक्त”
निहंग बाबा ने कहा कि अगर मनप्रीत कौर के हाथ में ताकत आती है, तो किसी भी डीएसपी या एसएचओ की हिम्मत नहीं होगी कि वह मानसा शहर में नशा बिकने दे।
अगर गौर करें तो यह बयान सीधे प्रशासन पर सवाल खड़े करता है। उनका कहना था कि अगर मनप्रीत कौर को सत्ता मिलती है, तो वह पूरे मानसा जिले को नशामुक्त कर देंगी। उन्होंने सभी पक्षों से एक मंच पर एकजुट होकर मनप्रीत कौर को कामयाब बनाने की अपील की।
CBI ने घरों पर मारे 8 घंटे छापे
उधर, CBI ने जांच की रफ्तार तेज कर दी है। गुरुवार को सीबीआई की अलग-अलग टीमों ने मुख्य आरोपी अश्विनी कुमार और उसके साथी विपिन कुमार के घरों में करीब 8 घंटे तक तलाशी अभियान चलाया।
इसी बीच CBI ने श्मशान घाट रोड पर मौजूद मानसा मेडिकल हॉल की भी चेकिंग की और आसपास के दुकानदारों से पूछताछ की। यह दर्शाता है कि जांच एजेंसी इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है।
चारों आरोपी 5 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में
अदालत ने हत्याकांड के चारों आरोपियों को 5 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उम्मीद की किरण यह है कि अब जांच आगे बढ़ रही है, मगर परिवार के लिए असली राहत तब होगी जब उनकी मांगें पूरी होंगी।
आम लोगों पर क्या असर
यह मामला सिर्फ एक परिवार की लड़ाई नहीं, बल्कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों के लिए एक चेतावनी बन गया है। आम जनता के मन में सवाल उठ रहा है कि क्या सामाजिक कार्यकर्ताओं को इंसाफ मिलने में इतनी देरी होनी चाहिए।
जानें पूरा मामला
एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद से परिवार और एक्शन कमेटी लगातार 10 मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं और पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर रहे हैं। मुख्य आरोपी अश्विनी कुमार फार्मासिस्ट था, जिसका अब रजिस्ट्रेशन रद्द हो चुका है, जबकि CBI जांच में जुटी है और चारों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड में 11 दिन बाद भी पोस्टमॉर्टम नहीं हुआ
- मुख्य आरोपी अश्वनी कुमार का फार्मासिस्ट रजिस्ट्रेशन पंजाब फार्मेसी काउंसिल ने रद्द किया
- निहंग बाबा राजा राज सिंह ने मनप्रीत कौर को विधानसभा चुनाव लड़वाने की मांग उठाई
- CBI ने आरोपियों के घरों पर छापेमारी की, चारों आरोपी 5 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में













