Punjab Census 2026 : पंजाब में जनगणना का दूसरा फेज अगले महीने से शुरू होने जा रहा है। यह खबर हर घर से जुड़ी है, क्योंकि इस बार सवालों की लिस्ट काफी लंबी और व्यक्तिगत है। 16 से 30 नवंबर तक लोग घर बैठे ऑनलाइन अपनी जानकारी भर सकेंगे।
दिलचस्प बात यह है कि इस बार जाति, शादी, धर्म और बैंक खातों से जुड़े सवाल भी पूछे जाएंगे। कुल 40 सवालों में यह भी पूछा जाएगा कि आपने अपना ठिकाना क्यों बदला और कोरोना का टीका लगवाया या नहीं।
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पहली बार डिजिटल साक्षरता पर भी सवाल
खास बात यह है कि देश में पहली बार डिजिटल साक्षरता के बारे में भी जानकारी जुटाई जाएगी। इसमें पूछा जाएगा कि आपको मोबाइल, कंप्यूटर और इंटरनेट चलाना आता है या नहीं।
यह दर्शाता है कि सरकार अब सिर्फ पारंपरिक आंकड़ों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि डिजिटल इंडिया की तस्वीर भी साफ करना चाहती है। इसके बाद 1 दिसंबर से 4 जनवरी 2027 तक कर्मचारी घर-घर जाकर जनगणना करेंगे।
2027 चुनाव से पहले पूरा करने का टारगेट
पंजाब में अफसरों ने इसकी तैयारी पहले ही शुरू कर दी है। समझने वाली बात है कि इसे पंजाब में 2027 में होने वाले चुनाव से पहले पूरा करने का टारगेट रखा गया है।
इसका मतलब है कि आने वाले महीनों में सरकारी मशीनरी पूरी तरह इसी काम में जुटी रहेगी।
तीन चरणों में पूरी होगी जनगणना
| चरण | समयसीमा | प्रक्रिया |
|---|---|---|
| ऑनलाइन | 16-30 नवंबर 2026 | लोग खुद वेबसाइट पर जानकारी भरेंगे |
| ऑफलाइन | 1 दिसंबर – 4 जनवरी 2027 | कर्मचारी घर आकर 40 सवाल पूछेंगे |
| संशोधन | 5 जनवरी – 9 जनवरी 2027 | गलतियां सुधारने का मौका मिलेगा |
पहले चरण में लोग जनगणना की वेबसाइट se.census.gov.in पर जाकर ऑनलाइन जानकारी भर सकते हैं। सभी 40 सवालों का जवाब देने के बाद जनगणना पूरी मानी जाएगी। फॉर्म जमा होने के बाद एक यूनिक रेफरेंस नंबर मिलेगा।
वहीं, जो लोग ऑफलाइन प्रक्रिया अपनाना चाहते हैं, उनके घर 1 दिसंबर से सरकारी कर्मचारी आएंगे और सभी 40 सवालों के जवाब पूछेंगे। इसी बीच 5 जनवरी से छूटे हुए लोगों और गलतियों को सुधारने का मौका भी दिया जाएगा।
ऑनलाइन फॉर्म भरने का तरीका जानें
अगर गौर करें तो ऑनलाइन प्रक्रिया बहुत सीधी रखी गई है। सबसे पहले se.census.gov.in पोर्टल पर जाना होगा, जो 16 नवंबर से 30 नवंबर तक खुला रहेगा।
इसके बाद ‘State/UT’ के ड्रॉपडाउन मेन्यू में Punjab चुनकर CAPTCHA दर्ज करना होगा। फिर परिवार के मुखिया का नाम और एक सक्रिय मोबाइल नंबर डालना होगा। ध्यान देने वाली बात यह है कि एक परिवार के लिए केवल एक ही मोबाइल नंबर मान्य होगा और मुखिया का नाम फॉर्म सबमिट होने के बाद बदला नहीं जा सकेगा।
इसके बाद जिला, शहर या गांव, मोहल्ला, लैंडमार्क और पिन कोड भरना होगा। डिजिटल मैप पर अपने मकान की सटीक लोकेशन भी मार्क करनी होगी, जिसके लिए लैपटॉप या कंप्यूटर इस्तेमाल करना ज्यादा सुविधाजनक रहेगा। फॉर्म पूरा भरने के बाद एक बार अच्छी तरह जांच लें, उसके बाद ही सबमिट करें। सबमिट होते ही स्क्रीन पर एक आईडी दिखेगी, जिसे संभालकर रखना जरूरी है।
आपकी जानकारी कितनी सुरक्षित रहेगी
चिंता का विषय नहीं, बल्कि राहत की बात यह है कि जनगणना कानून, 1948 के तहत इकट्ठा की गई सभी व्यक्तिगत जानकारियां पूरी तरह गुप्त रखी जाएंगी। इसका इस्तेमाल सिर्फ सरकारी आंकड़े तैयार करने और योजनाएं बनाने के लिए ही किया जाएगा।
आम लोगों पर क्या असर
इससे साफ होता है कि अगले कुछ महीनों में हर पंजाबी परिवार को अपने दस्तावेज और जानकारी तैयार रखनी होगी। जिनके पास इंटरनेट की सुविधा नहीं है, उनके लिए ऑफलाइन विकल्प राहत की बात है, लेकिन सही और सटीक जानकारी देना हर नागरिक की जिम्मेदारी होगी।
जानें पूरा मामला
पंजाब में जनगणना का यह दूसरा राउंड तीन चरणों में पूरा होगा, जिसमें 16 से 30 नवंबर तक ऑनलाइन, 1 दिसंबर से 4 जनवरी 2027 तक ऑफलाइन और 5 से 9 जनवरी 2027 तक संशोधन की प्रक्रिया चलेगी। इसमें कुल 40 सवाल पूछे जाएंगे, जिनमें जाति, धर्म, शादी, बैंक खाते और डिजिटल साक्षरता जैसे विषय शामिल हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- पंजाब में जनगणना का दूसरा फेज 16 नवंबर से शुरू होगा, कुल 40 सवाल पूछे जाएंगे
- जाति, धर्म, शादी, बैंक खाते और डिजिटल साक्षरता से जुड़े सवाल पहली बार शामिल
- ऑफलाइन प्रक्रिया 1 दिसंबर से 4 जनवरी 2027 तक चलेगी, कर्मचारी घर-घर जाएंगे
- जनगणना कानून 1948 के तहत सभी जानकारी गोपनीय रखी जाएगी












