Chandigarh Student Murder Case : चंडीगढ़ के सेक्टर-22 इलाके में गुरुवार शाम वो हुआ जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। 17 साल के छात्र नैतिक को बाइक सवार एक नाबालिग ने ऑटो में पीछा करके गोली मार दी। घटना के कुछ ही घंटों बाद अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया। और इसी के साथ एक परिवार का इकलौता बेटा हमेशा के लिए छिन गया।
देखा जाए तो यह सिर्फ एक गोलीकांड नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर पनपी रंजिश के खौफनाक अंजाम की कहानी है। पुलिस के मुताबिक, एक वायरल वीडियो ने इस पूरे विवाद को इतना बड़ा मोड़ दे दिया कि एक जिंदगी ही खत्म हो गई।
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स्कूल के दिनों से शुरू हुई थी दुश्मनी
नैतिक पहले सेंट जोसफ स्कूल में पढ़ता था। यहीं से आरोपी नाबालिग के साथ उसकी अनबन शुरू हुई थी। दोनों के बीच अक्सर गाली-गलौज होती रहती थी।
बात यहीं नहीं रुकी। एक-दूसरे के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालना जैसे रोज़ की बात हो गई थी। हालात इतने बिगड़े कि नैतिक के परिजनों को मजबूरन उसका स्कूल बदलवाना पड़ा। इसके बाद वह सेक्टर-32 के एसडी स्कूल में 11वीं कक्षा में पढ़ने लगा था। दिलचस्प बात यह है कि पुलिस अब एक क्लासमेट छात्रा को लेकर हुए विवाद के एंगल की भी जांच कर रही है।
सेक्टर-34 में पिटाई, वीडियो वायरल होते ही बदला प्लान
गुरुवार शाम सेक्टर-34 में नैतिक और उसका दोस्त आरोपी के सामने आ गए। आरोप है कि दोनों ने आरोपी की पिटाई कर दी और इसका वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर डाल दिया।
बस यहीं से शुरू हुई असली कहानी। वीडियो वायरल होते ही आरोपी ने अपने दोस्तों को बुलाया और नैतिक का पीछा करना शुरू कर दिया। समझने वाली बात है कि यह कोई अचानक हुई वारदात नहीं थी, बल्कि गुस्से में लिया गया सोचा-समझा फैसला था। करीब एक घंटे बाद ही सेक्टर-22 में फायरिंग हो गई।
ऑटो पर तीन गोलियां, एक सीधे छाती में
नैतिक अपने दोस्त के साथ ऑटो में बैठकर सेक्टर-34 से घर लौट रहा था। जैसे ही ऑटो सनातन धर्म मंदिर के सामने पहुंचा, बाइक सवार आरोपी ने पीछे से फायरिंग शुरू कर दी।
| घटनाक्रम | विवरण |
|---|---|
| जगह | सेक्टर-22, सनातन धर्म मंदिर के सामने |
| गोलियां चलीं | कुल 3 |
| पहली गोली | ऑटो चालक सिकंदर पासवान के कंधे में |
| दूसरी गोली | नैतिक की छाती में |
| हथियार बरामद | .32 बोर पिस्टल |
| आरोपी की उम्र | 17 वर्ष (नाबालिग) |
एक गोली ऑटो चालक सिकंदर पासवान के कंधे को चीरते हुए आगे के शीशे से निकल गई। दूसरी गोली सीधे नैतिक की छाती में जा धंसी। उसका दोस्त बाल-बाल बच गया, यह राहत की बात रही, मगर नैतिक के लिए वक्त पहले ही निकल चुका था।
गोली लगते ही मंदिर की तरफ भागा नैतिक
गोली लगने के बाद नैतिक खुद ऑटो से उतरा और लड़खड़ाते हुए मंदिर के गेट की तरफ भागा। वहां से पास की एक फूल की दुकान तक पहुंच गया।
दुकानदार ने उसे पानी पिलाया और टैक्सी से अस्पताल भिजवाने में मदद की। अस्पताल में डॉक्टरों ने पूरी कोशिश की, मगर उसे बचाया नहीं जा सका। चिंता का विषय यह है कि नैतिक अपने परिवार का इकलौता बेटा था। उसके पिता रामदरबार फेज-2 में लकड़ी का काम करके घर चलाते हैं।
ऑटो चालक की जुबानी: “नैतिक ने कहा था, गाड़ी तेज भगाओ”
घायल ऑटो चालक सिकंदर पासवान ने बताया कि घर के पास पहुंचते ही नैतिक ने बाहर बाइक सवार युवकों को देखा और घबराकर ऑटो तेज चलाने को कहा। ठीक उसी पल पीछे से गोलियां चलनी शुरू हो गईं।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि नैतिक को पहले ही खतरे का अंदाजा हो चुका था। अगर गौर करें तो यही कुछ सेकंड शायद जिंदगी और मौत के बीच का फासला बन गए। सिकंदर पासवान का जीएमएसएच-16 में इलाज चल रहा है।
डैशकैम फुटेज बना सबूत, नाबालिग गिरफ्तार
पुलिस स्टेशन-17 के एसएचओ सुदेश कुमार के मुताबिक, हत्या की वजह पुराना विवाद ही है। आरोपी नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया गया है।
इसमें सबसे अहम भूमिका निभाई ऑपरेशन सेल ने। एक कार के डैशकैम फुटेज और चश्मदीदों की गवाही के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची। इससे साफ होता है कि आधुनिक तकनीक अब अपराध जांच में कितनी निर्णायक साबित हो रही है। पुलिस ने हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।
सड़क पर खून के निशान, भीड़ ने बिगाड़े सबूत
वारदात के बाद मंदिर के गेट से फूल की दुकान तक सड़क और फर्श पर खून के निशान साफ दिखाई दे रहे थे। मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।
सवाल उठता है कि इतनी बड़ी वारदात के बाद भीड़ को संभालना इतना मुश्किल क्यों हो गया? लोगों के खून के निशानों के ऊपर से गुजरने के कारण फोरेंसिक सबूत प्रभावित होने की आशंका जताई गई। बाद में पुलिस ने रस्सी लगाकर इलाका घेरा और फोरेंसिक टीम ने मौके से सबूत जुटाए।
आम लोगों पर क्या असर
इस वारदात ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर बढ़ती किशोर रंजिश को सबके सामने ला दिया है। माता-पिता के लिए यह चिंता की बात है कि बच्चों के बीच छोटी-मोटी नोकझोंक कब बड़े हथियारों तक पहुंच जाए, कहना मुश्किल है। स्कूलों और परिवारों दोनों को अब बच्चों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर रखनी होगी।
वारदात की जड़ में सोशल मीडिया की रंजिश
देखा जाए तो यह मामला सिर्फ दो किशोरों की लड़ाई नहीं रह गया, बल्कि यह दिखाता है कि कैसे वीडियो वायरल करने जैसी आम सी लगने वाली आदत अब जानलेवा रूप ले रही है। इससे पहले भी शहरों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहां सोशल मीडिया पर अपमान का बदला हिंसा से लिया गया। यह दर्शाता है कि कानून व्यवस्था के साथ-साथ अब डिजिटल व्यवहार पर भी सख्ती की जरूरत है, वरना आगे भी ऐसे मासूम चेहरे शिकार बनते रहेंगे।
जानें पूरा मामला
नैतिक सेक्टर-32 स्थित एसडी स्कूल में 11वीं का छात्र था और पहले सेंट जोसफ स्कूल में पढ़ाई करता था, जहां से आरोपी के साथ उसका पुराना झगड़ा चला आ रहा था। गुरुवार शाम सेक्टर-34 में हुई मारपीट और उसके वायरल वीडियो ने आग में घी का काम किया, जिसके बाद आरोपी नाबालिग ने बाइक से नैतिक के ऑटो का पीछा करके उस पर गोलियां चला दीं। घायल होकर नैतिक अस्पताल पहुंचा, मगर जान नहीं बच सकी।
मुख्य बातें (Key Points)
- चंडीगढ़ सेक्टर-22 में 17 वर्षीय नैतिक की गोली मारकर हत्या, इकलौता बेटा था
- सेक्टर-34 में मारपीट का वायरल वीडियो बना वारदात की वजह
- ऑटो पर तीन गोलियां चलीं, एक चालक के कंधे में और दूसरी नैतिक की छाती में लगी
- डैशकैम फुटेज की मदद से पुलिस ने नाबालिग आरोपी को गिरफ्तार किया, .32 बोर पिस्टल बरामद













