Pargat Singh Bhagwant Mann विवाद अब पंजाब की सियासत में नया मोड़ ले चुका है। पंजाब कांग्रेस प्रधान और जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह ने बेअदबी कानून के मुद्दे पर मुख्यमंत्री भगवंत मान पर विधानसभा को गुमराह करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां को विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव सौंपा है।
समझने वाली बात है कि यह कोई मामूली राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि सीधे विधानसभा की कार्यवाही से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।

श्री अकाल तख्त साहिब की मौजूदगी में बनी थी सहमति
परगट सिंह के अनुसार, श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदारों की मौजूदगी में सभी विधायकों के बीच सहमति बन चुकी थी, इसके बावजूद आम आदमी पार्टी सरकार कानून में जरूरी संशोधन करने और इस पर सदन में चर्चा कराने से पीछे हट रही है। उन्होंने इसे सरकार की गंभीरता पर सवाल खड़े करने वाला रवैया बताया।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि जब सभी पक्षों में सहमति बन चुकी थी, तो फिर कानून पर चर्चा से बचने की जरूरत क्यों पड़ी।
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सरकार का रवैया शुरू से ढुलमुल: परगट सिंह
कांग्रेस विधायक ने सोशल मीडिया पर साझा पोस्ट में आरोप लगाया कि बेअदबी से संबंधित कानूनों को लेकर सरकार का रवैया शुरू से ही ढुलमुल रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि मुख्यमंत्री पहले भी विधानसभा से राष्ट्रपति कार्यालय भेजे गए महत्वपूर्ण दस्तावेजों और फाइलों के संबंध में सदन को गलत जानकारी दे चुके हैं।
परगट सिंह का कहना है कि इस तरह का व्यवहार विधानसभा की गरिमा और लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है। इससे साफ होता है कि कांग्रेस अब इस मुद्दे को सिर्फ बयानबाजी तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि औपचारिक कार्रवाई की दिशा में बढ़ रही है।
स्पीकर को भेजा गया औपचारिक नोटिस
परगट सिंह ने बताया कि विधानसभा सचिव राम लोक खटाना के माध्यम से स्पीकर को नोटिस सौंपा गया है। यह मामला सीधे तौर पर ‘पंजाब एंटी-सेक्रिलेज बिल, 2018’ से जुड़ा हुआ है। उनका आरोप है कि मुख्यमंत्री ने इस संवेदनशील मुद्दे पर सदन को जानबूझकर गुमराह किया, इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
‘जानें पूरा मामला’
पंजाब एंटी-सेक्रिलेज बिल 2018 में पेश किया गया था, जिसका मकसद धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी के मामलों में सख्त सजा का प्रावधान करना था। यह मुद्दा पंजाब की राजनीति में बेहद संवेदनशील माना जाता है, क्योंकि इससे सीधे धार्मिक भावनाएं जुड़ी हैं। अब परगट सिंह के ताजा आरोपों के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि विधानसभा स्पीकर इस विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव पर क्या रुख अपनाते हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- Pargat Singh Bhagwant Mann विवाद में कांग्रेस प्रधान ने CM पर गुमराह करने का आरोप लगाया।
- स्पीकर कुलतार सिंह संधवां को विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव सौंपा गया।
- मामला पंजाब एंटी-सेक्रिलेज बिल, 2018 से जुड़ा हुआ है।
- परगट सिंह ने सरकार के रवैये को शुरू से ढुलमुल बताया।













