IMD Weather Alert की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, India Meteorological Department ने 10 अक्टूबर 2026 को एक बड़ी प्रेस रिलीज जारी कर देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। बिहार में पिछले 24 घंटों में 12 से 20 सेंटीमीटर तक बारिश रिकॉर्ड की गई है, जबकि तमिलनाडु, केरल और ओडिशा के तटीय इलाकों में 7 से 11 सेंटीमीटर बारिश हो चुकी है। Ministry of Earth Sciences के तहत काम करने वाले IMD ने साफ कहा है कि अगले कुछ दिन मौसम का यह मिजाज और बिगड़ सकता है।
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बिहार में बारिश ने तोड़े रिकॉर्ड, मधुबानी में 13 सेमी पानी
अगर गौर करें तो बिहार की स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक है। मधुबानी में 13 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई है, जो इस सीजन में एक दिन की सबसे ज्यादा बारिश में से एक है। और बस यहीं से शुरू हुई असली कहानी, क्योंकि IMD के मुताबिक यह बारिश किसी एक सिस्टम की वजह से नहीं हो रही। आसमान में एक साथ कई मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं, जो मिलकर इस तबाही को अंजाम दे रहे हैं।
मन्नार की खाड़ी और दक्षिण तमिलनाडु के ऊपर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती घेरा बना हुआ है, जो निचले ट्रोपोस्फीयर स्तर तक फैला है। इसके अलावा ओडिशा के मध्य भाग, दक्षिण बांग्लादेश, हरियाणा और पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर भी अलग-अलग चक्रवाती घेरे काम कर रहे हैं। हिमाचल प्रदेश के ऊपर एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस भी सक्रिय है, जिसकी वजह से वहां और उत्तराखंड में ओलावृष्टि हुई है।
13 अक्टूबर तक बंगाल की खाड़ी में बन सकता है लो प्रेशर
दिलचस्प बात यह है कि सबसे बड़ा खतरा अभी आना बाकी है। थाईलैंड की खाड़ी के ऊपर बना एक चक्रवाती घेरा अब मलक्का जलडमरूमध्य की तरफ खिसक चुका है। IMD का अनुमान है कि 11 अक्टूबर के आसपास यह सिस्टम अंडमान सागर में उभरेगा और इसके प्रभाव से 13 अक्टूबर तक दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में एक निम्न दबाव का क्षेत्र बन सकता है।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि अगर यह लो प्रेशर सिस्टम मजबूत हुआ, तो तमिलनाडु, केरल, लक्षद्वीप और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में बारिश और तेज हो सकती है। 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिनका झोंका 60 किमी तक जा सकता है।
| राज्य/क्षेत्र | बारिश की मात्रा | अलर्ट स्तर | तारीख |
|---|---|---|---|
| बिहार | 12-20 सेमी (भारी-बहुत भारी) | ऑरेंज | 10 अक्टूबर |
| तमिलनाडु, पुडुचेरी | 7-11 सेमी (भारी) | ऑरेंज | 10 अक्टूबर |
| केरल, माहे | 7-11 सेमी (भारी) | ऑरेंज | 10 और 16 अक्टूबर |
| ओडिशा (तटीय) | 7-11 सेमी (भारी) | येलो | 10 अक्टूबर |
| नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा | भारी बारिश | ऑरेंज | 13 अक्टूबर |
| लक्षद्वीप | भारी बारिश | ऑरेंज | 10 अक्टूबर |
दिल्ली-NCR में अगले 4 दिन: बादल छाए, हवाओं का झोंका
दिल्ली वालों के लिए राहत की बात यह है कि शहर में भारी बारिश का कोई खतरा नहीं है, लेकिन मौसम पूरी तरह साफ भी नहीं रहेगा। 10 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 33-35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा, जो सामान्य के करीब है। न्यूनतम तापमान 21-24 डिग्री के बीच रहेगा, जो सामान्य से 1.6 से 3.0 डिग्री ऊपर है। यानी रातों में उमस बरकरार रहेगी।
लेकिन 12 अक्टूबर को हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा की रफ्तार 40-50 किमी प्रति घंटा और झोंके 60 किमी तक जा सकते हैं। पश्चिमी राजस्थान में भी 10-11 अक्टूबर को 30-40 किमी प्रति घंटे की हवाएं चलने की संभावना है।
मानसून की विदाई: अभी और इंतजार
समझने वाली बात है कि अक्टूबर का महीना मानसून की विदाई का वक्त होता है, लेकिन इस बार विदाई इतनी आसान नहीं हो रही। IMD ने बताया है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा अभी सुपौल, रांची, सुंदरगढ़, बरगढ़, बीजापुर, हैदराबाद, बेलगावी और पणजी से होकर गुजर रही है। अगले 2-3 दिनों में पूर्वी भारत और उत्तरी प्रायद्वीप के कुछ और हिस्सों से मानसून के लौटने की संभावना है, लेकिन पूरी तरह विदाई में अभी वक्त लगेगा।
किसानों के लिए IMD की अहम सलाह
यह खबर सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं है, गांव-देहात के किसानों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है। IMD ने बिहार के किसानों से कहा है कि धान के खेतों में जल निकासी तुरंत सुनिश्चित करें। मक्का, अरहर और सब्जी की नर्सरी से अतिरिक्त पानी निकालें, वरना फसल सड़ सकती है। पके हुए मक्के के भुट्टों की कटाई तब करें जब छिलके भूरे हो जाएं, और उन्हें अच्छी तरह सुखाकर सुरक्षित जगह रखें।
तमिलनाडु में धान, हल्दी, कपास और मक्का की फसलों में पानी जमा न होने दें। केरल में केला, नारियल, मिर्च, अदरक और हल्दी की फसलों को मजबूत सहारा दें ताकि तेज हवा से गिरने से बच सकें। बारिश के दौरान खाद और कीटनाशक का छिड़काव बिल्कुल न करें।
IMD ने क्या-क्या एहतियात बरतने को कहा है
देखा जाए तो IMD की चेतावनी काफी गंभीर है। भारी बारिश और तेज हवाओं की वजह से पेड़ों की डालियां टूट सकती हैं, केला, पपीता और सहजन जैसे छोटे पेड़ उखड़ सकते हैं। कच्चे मकानों, झोपड़ियों और सड़कों को नुकसान पहुंच सकता है। निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति बन सकती है। बिजली गिरने की संभावना भी है, इसलिए खुले मैदान और पेड़ों के नीचे शरण न लें। बिजली के उपकरण तुरंत अनप्लग करें और पानी के स्रोतों से दूर रहें।
मुख्य बातें (Key Points)
- बिहार में 12-20 सेमी बारिश रिकॉर्ड, मधुबानी में 13 सेमी, IMD का ऑरेंज अलर्ट
- तमिलनाडु, केरल, लक्षद्वीप में 10 और 16 अक्टूबर को भारी बारिश की चेतावनी
- 13 अक्टूबर तक दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर बनने की संभावना
- 12 अक्टूबर को दिल्ली-NCR, हरियाणा, पंजाब में 60 किमी/घंटा तक हवाओं का अलर्ट
- हिमाचल, उत्तराखंड और पश्चिमी यूपी में ओलावृष्टि दर्ज











