Ranjitgarh Development Authority Bill को सोमवार को चंडीगढ़ में आयोजित एक उच्च स्तरीय कैबिनेट बैठक में पंजाब सरकार द्वारा ऐतिहासिक हरी झंडी दे दी गई है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य मंत्रिमंडल ने रणजीत सागर और शाहपुर कंडी बांध क्षेत्रों के टिकाऊ व योजनाबद्ध विकास के साथ-साथ सरकारी कर्मचारियों के कल्याण के लिए कई युगांतरकारी फैसले लिए हैं। इस अहम बैठक में पर्यटन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने के साथ-साथ संविदा कर्मचारियों को नियमित करने का मार्ग भी पूरी तरह प्रशस्त कर दिया गया है।
देखा जाए तो इस फैसले के बाद पंजाब के पर्यटन क्षेत्र की पूरी सूरत बदलने की तैयारी कर ली गई है। अगर गौर करें, तो कैबिनेट ने रणजीत सागर बांध और शाहपुर कंडी बांध के आसपास के प्राकृतिक रूप से समृद्ध इलाकों को पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने के लिए ‘रणजीतगढ़ डेवलपमेंट अथॉरिटी’ (RDA) के गठन को वैधानिक मंजूरी दी है। यह अथॉरिटी पूरी तरह से पर्यटन और सांस्कृतिक मामले विभाग के सीधे प्रशासनिक नियंत्रण में काम करेगी।
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‘रणजीतगढ़ विकास प्राधिकरण को मिली व्यापक प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियां’
समझने वाली बात यह है कि इस नई अथॉरिटी के पास न केवल योजना बनाने के अधिकार होंगे, बल्कि इसे भूमि प्रबंधन, परियोजनाओं के क्रियान्वयन और पर्यटन स्थलों के प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक प्रशासनिक, वित्तीय और नियामक शक्तियां भी दी गई हैं। दिलचस्प बात यह है कि आर.डी.ए. की कमान सीधे मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के हाथों में होगी जो इसके चेयरमैन होंगे, जबकि पर्यटन मंत्री इसके वाइस-चेयरमैन का दायित्व संभालेंगे। दैनिक कामकाज और अंतर-विभागीय समन्वय की देखरेख मुख्य सचिव के नेतृत्व वाली एक विशेष कार्यकारी समिति करेगी।
‘कैबिनेट बैठक के प्रमुख फैसले और उनका स्वरूप’
इस महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक में लिए गए विभिन्न नीतिगत और प्रशासनिक निर्णयों का विवरण नीचे दी गई तालिका से आसानी से समझा जा सकता है:
| विभाग / क्षेत्र | स्वीकृत प्रस्ताव व नीतिगत बदलाव | लाभार्थियों / प्रभाव का दायरा |
|---|---|---|
| पर्यटन एवं संस्कृति | रणजीतगढ़ डेवलपमेंट अथॉरिटी (RDA) विधेयक, 2026 की स्थापना | रणजीत सागर और शाहपुर कंडी बांध क्षेत्र का ई-टूरिज्म विकास |
| आईटी एवं शिक्षा | ‘पिक्ट्स’ (PICTES) के संविदा गैर-शिक्षण कर्मचारियों का नियमितीकरण | निर्धारित सरकारी वेतनमान के साथ स्थायी नौकरी का लाभ |
| चिकित्सा शिक्षा | पंजाब नर्सिंग एजुकेशन सर्विस रूल्स 2016 के नियमों में संशोधन | अमृतसर और पटियाला कॉलेजों में स्टाफ नर्सों की ट्यूटर पदोन्नति |
| चुनाव विभाग | मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में ड्राइवरों के नए पदों का सृजन | चपरासी व मुहर्रिर के पुराने स्थायी पदों को सरेंडर कर नई भर्ती |
‘चुनाव कार्यालय में ड्राइवरों की नई भर्ती और सुचारू प्रशासनिक ढांचा’
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सी.ई.ओ.), पंजाब के कार्यालय के कामकाज को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए मंत्रिमंडल ने नए पदों के सृजन को मंजूरी दी है। इस फैसले के तहत कार्यालय में ड्राइवरों के नए पद सृजित किए जाएंगे, जिसके लिए कुल 19 स्थायी पदों में से सेवादारों (चपरासी) के कुछ पदों और मुहर्रिर के एक स्थायी पद को सरेंडर किया गया है। यह दर्शाता है कि सरकार पुराने ढांचों को आधुनिक कार्यशैली के अनुसार ढालने के लिए कितनी गंभीर है।
‘सरकारी नर्सिंग कॉलेजों में ट्यूटर पदोन्नति के नियमों में बड़ा बदलाव’
चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता सुधारने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए मंत्रिमंडल ने ‘पंजाब नर्सिंग एजुकेशन Service Rules (Group B), 2016’ के परिशिष्ट-बी में संशोधन को मंजूरी दे दी है। इस नीतिगत बदलाव से सरकारी नर्सिंग कॉलेज, पटियाला और अमृतसर में ट्यूटर के खाली पदों को अब नियमित स्टाफ नर्सों और नर्सिंग सिस्टर्स में से पदोन्नति (प्रमोशन) के जरिए भरा जा सकेगा। इसके लिए एम.एससी. (नर्सिंग) की योग्यता और कम से कम एक वर्ष का शिक्षण अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
‘पिक्ट्स के सैकड़ों संविदा कर्मचारियों को मिली स्थायी नौकरी की बड़ी सौगात’
और बस यहीं से शुरू हुई असली कहानी: जब पंजाब सरकार ने ‘पंजाब इंफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी एजुकेशन सोसाइटी’ (पिक्ट्स) के अधीन लंबे समय से अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) पर काम कर रहे गैर-शिक्षण स्टाफ की सेवाओं को नियमित करने का बहुप्रतीक्षित फैसला लिया। इन नियमित किए गए कर्मचारियों को अब पिक्ट्स के अधीन निर्धारित वेतनमान का पूरा लाभ मिलेगा, जिससे उनके जीवन में वित्तीय स्थिरता आएगी।
‘मान सरकार के इन दूरगामी प्रशासनिक फैसलों का गहरा प्रभाव’
अगर निष्पक्ष पत्रकारिता के दृष्टिकोण से इस कैबिनेट बैठक का गहरा विश्लेषण किया जाए, तो यह स्पष्ट होता है कि मान सरकार ने एक ही बैठक में विकास, रोजगार और प्रशासनिक सुधार का एक उत्कृष्ट संतुलन साधे रखने की कोशिश की है। रणजीत सागर और शाहपुर कंडी बांध क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन को विकसित करने से न केवल राज्य के राजस्व में भारी वृद्धि होगी, बल्कि मालवा और सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थानीय रोजगार के हजारों नए अवसर भी पैदा होंगे। संविदा कर्मचारियों को नियमित करने और सरकारी नर्सिंग कॉलेजों में योग्यता आधारित पदोन्नति की व्यवस्था करने से सीधे तौर पर सरकारी कर्मियों के भीतर कार्यकुशलता और संतुष्टि का स्तर बढ़ेगा।
‘क्या है पृष्ठभूमि’
पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटन की अपार संभावनाएं होने के बावजूद ढांचागत सुविधाओं और एक केंद्रीय विनियामक संस्था की कमी के कारण रणजीत सागर बांध क्षेत्र का अपेक्षित विकास नहीं हो पा रहा था। इसी कमी को दूर करने के लिए पंजाब कैबिनेट ने वर्ष 2026 में विशेष विधायी शक्तियों के साथ रंजनगढ़ विकास प्राधिकरण के गठन को मंजूरी दी है, ताकि इस पूरे बेल्ट को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित किया जा सके।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- RDA की स्थापना: पर्यटन विकास को गति देने के लिए रणजीतगढ़ विकास प्राधिकरण को मिली मंजूरी, मुख्यमंत्री होंगे चेयरमैन।
- संविदा कर्मचारी हुए नियमित: ‘पिक्ट्स’ के अंतर्गत कार्यरत गैर-शिक्षण संविदा स्टाफ को स्थायी कर निर्धारित वेतनमान देने का ऐतिहासिक निर्णय।
- ट्यूटर पदों पर पदोन्नति: अमृतसर और पटियाला सरकारी कॉलेजों में योग्यता प्राप्त स्टाफ नर्सों को ट्यूटर के रूप में पदोन्नत किया जा सकेगा।
- प्रशासनिक बदलाव: पंजाब चुनाव कार्यालय में पुराने अनुपयोगी पदों को सरेंडर कर ड्राइवरों के नए पदों के सृजन को स्वीकृति।










