Punjab Congress New President Pargat Singh –विधानसभा चुनाव 2027 की आहट के बीच पंजाब कांग्रेस में एक बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला है। कांग्रेस हाईकमान ने पूर्व ओलंपियन और जालंधर कैंट से विधायक पर्गट सिंह को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। आलाकमान का यह फैसला पार्टी के भीतर लंबे समय से चली आ रही गुटबाजी को खत्म करने और आगामी चुनाव में जीत का रास्ता तैयार करने के मकसद से लिया गया है।
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— Pargat Singh (@PargatSOfficial) October 3, 2026
| मुख्य पहलू (Key Aspect) | विवरण (Details) |
| नया पद | पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) अध्यक्ष |
| नेता की उम्र व पद | 61 वर्ष, विधायक (जालंधर कैंट) |
| खेल पृष्ठभूमि | भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान (2 बार कप्तानी) |
| कांग्रेस में प्रवेश | दिसंबर 2016 (डॉ. नवजोत कौर सिद्धू के साथ) |
| पूर्व प्रशासनिक अनुभव | पंजाब के पूर्व खेल एवं शिक्षा मंत्री |
| मुख्य चुनौती | आचार संहिता से पहले बचे ~100 दिनों में गुटबाजी खत्म करना |
‘टीम की कप्तानी का अनुभव: मैदान से राजनीति तक’
अगर गौर करें तो 61 वर्षीय पूर्व ओलंपियन पर्गट सिंह के लिए नेतृत्व कोई नया काम नहीं है। भारतीय हॉकी टीम की दो बार कप्तानी कर चुके पर्गट सिंह ने साफ कर दिया है कि वे मैदान की तरह राजनीति में भी पूरी टीम को साथ लेकर चलेंगे।
देखा जाए तो जालंधर कैंट से विधायक पर्गट सिंह ने कमान संभालते ही स्पष्ट संदेश दिया कि उनका एकमात्र लक्ष्य 2027 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की सरकार बनाना है। उन्होंने खुलकर कहा कि वे टीम वर्क की ताकत को अच्छी तरह समझते हैं और सभी वरिष्ठ नेताओं को एकजुट रखकर काम करेंगे।
‘राहुल गांधी का बड़ा रणनीतिक दांव’
समझने वाली बात यह है कि पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस बार एक बेहद अलग और रणनीतिक कदम उठाया है। उन्होंने पार्टी के पुराने और पारंपरिक दिग्गज नेताओं जैसे सुखजिंदर सिंह रंधावा, प्रताप सिंह बाजवा और सुखबिंदर सिंह सरकारीया की जगह तुलनात्मक रूप से नए चेहरे पर भरोसा जताया है।
और बस यहीं से शुरू हुई असली कहानी: पर्गट सिंह दिसंबर 2016 में 2017 के चुनाव से ठीक पहले पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू के साथ कांग्रेस में शामिल हुए थे। इससे पहले वे पंजाब में खेल और शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
‘आलाकमान का आभार और आगे का शेड्यूल’
नया पद मिलते ही पर्गट सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट शेयर कर पार्टी हाईकमान का आभार व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि वे पूरी निष्ठा, समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ राज्य के लोगों की सेवा करेंगे और पंजाब में पार्टी संगठन को हर स्तर पर मजबूत बनाएंगे।
इसी बीच: वे दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे। इसके बाद सोमवार को वे राज्य प्रभारियों और महासचिवों की बैठक में हिस्सा लेंगे और फिर अपने सहयोगियों के साथ अमृतसर स्थित श्री हरिमंदिर साहिब में नतमस्तक होकर आशीर्वाद लेंगे।
‘100 दिनों की समयसीमा और अंदरूनी असंतोष’
राहत की बात यह है कि कांग्रेस को एक नया नेतृत्व मिल गया है: लेकिन चुनौतियों का पहाड़ अब भी सामने खड़ा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने में अब महज 100 दिनों के आसपास का वक्त बचा है। इतने कम समय में बिखरे हुए संगठन को फिर से खड़ा करना कोई आसान काम नहीं होगा।
चिंता का विषय यह भी है कि इस नई नियुक्ति से पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के खेमे में थोड़ी नाराजगी देखी जा रही है। वे अपने गुट के किसी नेता को कमान मिलने की उम्मीद लगाए बैठे थे। हालांकि, अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि पार्टी प्रभारी भूपेश बघेल और निवर्तमान अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के हटने के बाद अब सभी नेताओं के पास हाथ मिलाने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है।
‘क्या है पृष्ठभूमि’
पंजाब कांग्रेस लंबे समय से अंदरूनी गुटबाजी और नेताओं के बीच खींचतान से जूझती आ रही है। 2022 के चुनावों में मिली करारी हार के बाद से ही पार्टी के भीतर बड़े स्तर पर सांगठनिक फेरबदल की मांग उठ रही थी। ऐसे में 2027 के चुनावी समर में उतरने से ठीक पहले हाईकमान ने पूर्व हॉकी कप्तान पर दांव खेलकर पार्टी को एक नया और आक्रामक चेहरा देने की कोशिश की है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
पूर्व ओलंपियन और विधायक पर्गट सिंह को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
पर्गट सिंह ने 2027 विधानसभा चुनाव जीतकर राज्य में कांग्रेस की सरकार बनाने का संकल्प जताया है।
राहुल गांधी ने पारंपरिक दिग्गजों को दरकिनार कर नए चेहरे पर्गट सिंह पर भरोसा जताया है।
आचार संहिता लागू होने में महज ~100 दिन बचे हैं, जिससे पार्टी संगठन को एकजुट करना सबसे बड़ी चुनौती है।













