LIVE | ...
मंगलवार, 29 सितम्बर 2026
🏅 सोना ... | 🥈 चांदी ...
The News Air
📈 NIFTY 50 ... | 🏦 NIFTY BANK ...
No Result
View All Result
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - Breaking News - बच्चों के Social Media अकाउंट पर Supreme Court सख्त, बड़ा फैसला आने वाला

बच्चों के Social Media अकाउंट पर Supreme Court सख्त, बड़ा फैसला आने वाला

13 साल के बच्चे का अकाउंट कैसे खोल रही हैं विदेशी कंपनियां? सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब

Ajay Kumar by Ajay Kumar
मंगलवार, 29 सितम्बर 2026
in Breaking News, NEWS-TICKER, काम की बातें, राष्ट्रीय
A A
0
Social Media
104
SHARES
690
VIEWS
ShareShareShareShareShare

Social Media Ban For Children Supreme Court –देश की सबसे बड़ी अदालत Supreme Court ने नाबालिगों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर सबसे बड़ा सवाल उठा दिया है। कोर्ट ने साफ-साफ पूछा है—जब भारत का कानून 18 साल से कम उम्र के बच्चे को जमीन का टुकड़ा या साइकिल तक खरीदने का कानूनी अधिकार नहीं देता, तो Facebook, Instagram, Snapchat जैसी विदेशी कंपनियां 13 साल के बच्चे का अकाउंट कैसे बनवा रही हैं?

आज बात आपके घर के सबसे बड़े खतरे की। बात आपके उस बच्चे की, जिसके हाथ में दिन-रात स्मार्टफोन चिपका रहता है। बात उस Instagram रील्स की, उस Snapchat की, उस Facebook और TikTok जैसी दुनिया की जहां आपके मासूम बच्चे हर सेकंड एक बड़े जाल में फंस रहे हैं।

लेकिन अब… अब देश की सबसे बड़ी अदालत ने इस पर सबसे बड़ा प्रहार किया है। कानून की धज्जियां उड़ाकर यह डिजिटल कंपनियां हमारे बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कैसे कर सकती हैं?

🔍 यह भी पढ़ें- Social Media Ban 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर पाबंदी, बड़ा फैसला

28 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ?

दरअसल 28 सितंबर को Supreme Court के Chief Justice Suryakant, Justice Joy Malya Bakshi और Justice V Mohana की पीठ में एक बहुत बड़ी याचिका पर सुनवाई हुई।

याचिका किसने लगाई? एक NGO Just Rights for Children Alliance ने। अदालत में याचिकाकर्ता के वकील सीनियर एडवोकेट HS Phoolka ने जो बात रखी, उसने केंद्र सरकार से लेकर टेक कंपनियों तक की नींद उड़ा दी।

वकील ने क्या कहा जिसने कोर्ट रूम में हलचल मचा दी?

सीनियर एडवोकेट फूलका ने अदालत से कहा: “साहब, Indian Contract Act के तहत 18 साल से कम उम्र का बच्चा कोई कानूनी समझौता कर ही नहीं सकता। जब वह समझौता कर ही नहीं सकता, तो यह टेक कंपनियां नियम-शर्तों वाले बॉक्स पर टिक करवाकर 13 साल के बच्चे का अकाउंट कैसे खोल रही हैं? यह पूरी तरह से void है।”

यानी कानून की नजर में अमान्य है, गैरकानूनी है। देखा जाए तो यह सीधे-सीधे बड़ी टेक कंपनियों के खिलाफ एक बड़ा आरोप था।

सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से क्या कहा?

और जानते हैं इस पर अदालत ने क्या कहा? Justice Joy Malya Bakshi ने केंद्र सरकार के Solicitor General Tushar Mehta से सीधे-सीधे कहा: “सिर्फ खोखली गाइडलाइन से काम नहीं चलेगा। दिशा-निर्देश तो सिर्फ कागज का टुकड़ा बनकर रह जाते हैं। अब वक्त आ गया है कि इसे IT नियमों के तहत एक बाध्यकारी कानूनी प्रावधान बनाया जाए।”

अदालत का सीधा आदेश था: “अपनी टेक्नोलॉजी और सॉफ्टवेयर को भारतीय कानून के मुताबिक ढालिए। सॉफ्टवेयर भारत के संविधान और कानून से ऊपर नहीं हो सकता।”

यह दर्शाता है कि सुप्रीम कोर्ट अब बड़ी टेक कंपनियों की मनमानी बर्दाश्त नहीं करेगा।

सरकार का क्या जवाब आया?

इस पर सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि सरकार इस मुद्दे को बेहद गंभीरता से ले रही है और इस पर कड़ा कानूनी ढांचा तैयार करेगी।

अब आप सोच रहे होंगे कि अगर यह कानून बन गया तो बदलाव क्या आएगा?

याचिका में मांगे गए तीन बड़े बदलाव

याचिका में तीन बेहद कड़े और बड़े सुझाव दिए गए हैं:

1. माता-पिता की मर्जी अनिवार्य
18 साल से कम उम्र का कोई भी बच्चा बिना अपने माता-पिता की लिखित या डिजिटल सहमति के सोशल मीडिया पर अकाउंट नहीं बना पाएगा।

2. अभिभावकों की eKYC जरूरी
सिर्फ एक क्लिक करने से काम नहीं चलेगा। बच्चे के अकाउंट के लिए माता-पिता का eKYC यानी Aadhaar या सरकारी पहचान पत्र अनिवार्य होगा।

3. उम्र का कड़ा वेरिफिकेशन
टेक कंपनियों को ऑटोमेटेड Age Verification और Content Filtering Tool लगाने होंगे।

आज क्या है हकीकत?

आज Facebook और Snapchat जैसे प्लेटफार्म 13 साल की उम्र में ही बच्चे को अकाउंट बनाने की छूट दे देते हैं। बच्चा अपनी फर्जी उम्र डालता है और साइबर दुनिया के गहरे दलदल में कूद जाता है।

चिंता का विषय यह है कि यह लड़ाई सिर्फ एक अकाउंट खोलने या बंद करने की नहीं है। यह लड़ाई हमारे बच्चों की सुरक्षा की है।

बच्चों पर क्या खतरा है?

याचिका में साफ-साफ कहा गया है कि सख्त से सख्त कानून के बावजूद यह इंटरनेट प्लेटफार्म बच्चों को Child Sexual Abuse Material (CSAM) और अश्लील कंटेंट को फैलाने से रोकने में पूरी तरह नाकाम साबित हुए हैं।

इसके अलावा:

  • ऑनलाइन बुलिंग और साइबर स्टॉकिंग का खतरा
  • डार्क वेब का जाल
  • मानसिक Depression और आत्महत्या के मामले

18 साल से कम उम्र के बच्चे मानसिक रूप से इतने परिपक्व नहीं होते कि वो इन डिजिटल दरिंदों का सामना कर सकें।

जब कानून वोट नहीं देने देता, तो सोशल मीडिया क्यों?

सीनियर एडवोकेट HS Phoolka ने कोर्ट में बहुत पते की बात कही: “जब कानून उन्हें वोट देने का अधिकार 18 साल से पहले नहीं देता, जब कानून उन्हें गाड़ी चलाने का लाइसेंस 18 साल से पहले नहीं देता, तो फिर सोशल मीडिया के इस खतरनाक जाल में उन्हें अकेले बिना पहरेदार के कैसे छोड़ा जा सकता है?”

समझने वाली बात यह है कि हमें नए Data Protection Bill का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। मौजूदा भारतीय कानून ही नाबालिगों के कॉन्ट्रैक्ट पर रोक लगाता है।

अब गेंद सरकार के पाले में

Supreme Court का रुख एकदम साफ है। टेक कंपनियों की मनमानी अब भारत में नहीं चलेगी। विदेशी कंपनियों को अपने सॉफ्टवेयर और अपनी बिजनेस मॉडल को भारत के कानूनों के हिसाब से बदलना होगा।

यह भी पढे़ं 👇

Bank Holiday

अक्टूबर 2026 में 16 दिन Bank Holiday, देखें पूरी लिस्ट

मंगलवार, 29 सितम्बर 2026
Premanand Maharaj के शिष्य Rasik Dula

संत Premanand Maharaj के शिष्य Rasik Dula की मौत पर उठे सवाल

मंगलवार, 29 सितम्बर 2026
Best Breakfast Options

पेट की सेहत के लिए 7 Best Breakfast Options, Gut Health होगी मजबूत

मंगलवार, 29 सितम्बर 2026
Chandigarh Thar Accident Dhanas

नशे में लड़की ने Thar से बाइक को मारी टक्कर, फरार

मंगलवार, 29 सितम्बर 2026

बच्चों के हाथों में स्मार्टफोन की आजादी हो या उनकी सुरक्षा का मजबूत कवच—फैसला अब आने वाला है।

हैरान करने वाली बात यह है कि ऑस्ट्रेलिया, यूरोपीय देशों में पहले से ही बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर सख्त कानून हैं। लेकिन भारत में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया था।

उम्मीद की किरण यह है कि अब सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद सरकार जल्द ही एक मजबूत कानूनी ढांचा तैयार करेगी।


मुख्य बातें (Key Points)
  • सुप्रीम कोर्ट ने पूछा—18 साल से कम उम्र के बच्चे कानूनी समझौता नहीं कर सकते, तो सोशल मीडिया अकाउंट कैसे बना रहे हैं?
  • Just Rights for Children Alliance की याचिका पर सुनवाई
  • कोर्ट ने कहा—सॉफ्टवेयर भारतीय संविधान से ऊपर नहीं
  • माता-पिता की अनुमति, eKYC और Age Verification अनिवार्य करने की मांग
  • Child Sexual Abuse Material, साइबर बुलिंग और डिप्रेशन का बढ़ता खतरा

FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. सुप्रीम कोर्ट ने बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 18 साल से कम उम्र के बच्चे कानूनी समझौता नहीं कर सकते, इसलिए सोशल मीडिया कंपनियों को भारतीय कानून के मुताबिक अपनी पॉलिसी बदलनी होगी और माता-पिता की सहमति अनिवार्य करनी होगी।

2. क्या भारत में बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन हो जाएगा?

पूरी तरह बैन नहीं, लेकिन सख्त नियम लागू होंगे। बच्चों को सोशल मीडिया इस्तेमाल करने के लिए माता-पिता की अनुमति, eKYC और उम्र का सत्यापन जरूरी हो सकता है।

3. किन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर असर होगा?

Facebook, Instagram, Snapchat, TikTok जैसे सभी प्लेटफॉर्म्स पर यह नियम लागू होंगे जो भारत में बच्चों को सेवाएं देते हैं।

ताज़ा खबरों के लिए हमसे जुड़ें
Google News
WhatsApp
Telegram
Previous Post

संत Premanand Maharaj के शिष्य Rasik Dula की मौत पर उठे सवाल

Next Post

अक्टूबर 2026 में 16 दिन Bank Holiday, देखें पूरी लिस्ट

Ajay Kumar

Ajay Kumar

पत्रकारिता में एक दशक से अधिक का ठोस अनुभव रखने वाले अजय कुमार 'शोर से ज़्यादा सार' की पत्रकारिता पर दृढ़ विश्वास करते हैं। वर्तमान में वे The News Air में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं, जहां वे समाचारों की रणनीति, लेखन, तथ्य-सत्यापन (Fact-Checking) और सटीक प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं।पत्रकारिता का सफर और अनुभव - अजय कुमार का करियर ग्राउंड ज़ीरो की रिपोर्टिंग से लेकर न्यूज़ डेस्क के कुशल प्रबंधन तक विस्तृत है। The News Air में पिछले 3 वर्षों से नेतृत्व करने से पहले, उन्होंने 'दैनिक जागरण' और 'सिटी न्यूज़' जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। पत्रकारिता में उनकी मजबूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि ने उनके काम करने के तरीके को बेहद व्यावहारिक और तथ्य-आधारित बनाया है।विशेषज्ञता और कार्यक्षेत्र (Expertise & Beats) - वे जटिल राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को सरल भाषा, स्पष्ट तथ्यों और निष्पक्ष तरीके से पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं। उनकी पत्रकारिता की मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है:राजनीतिक कवरेज: लोकसभा चुनावों और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की ग्राउंड और डेस्क रिपोर्टिंग।कानूनी और संसदीय खबरें: संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों की नियमित और रियल-टाइम कवरेज।खोजी पत्रकारिता: ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ रिपोर्टिंग के जरिए अंदरूनी खबरों की पड़ताल।विश्वसनीयता और डिजिटल योगदान (Trust & Authority) - सटीक और प्रामाणिक ख़बरों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें पाठकों के बीच एक विश्वसनीय पत्रकार बनाती है। डिजिटल न्यूज़ इकोसिस्टम को बेहतर बनाने और फेक न्यूज़ से लड़ने की दिशा में, अजय कुमार गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

Related Posts

Bank Holiday

अक्टूबर 2026 में 16 दिन Bank Holiday, देखें पूरी लिस्ट

मंगलवार, 29 सितम्बर 2026
Premanand Maharaj के शिष्य Rasik Dula

संत Premanand Maharaj के शिष्य Rasik Dula की मौत पर उठे सवाल

मंगलवार, 29 सितम्बर 2026
Best Breakfast Options

पेट की सेहत के लिए 7 Best Breakfast Options, Gut Health होगी मजबूत

मंगलवार, 29 सितम्बर 2026
Chandigarh Thar Accident Dhanas

नशे में लड़की ने Thar से बाइक को मारी टक्कर, फरार

मंगलवार, 29 सितम्बर 2026
Sunil Jakhar

बड़ा विवाद: Sunil Jakhar को Government Bungalow बाहर पुलिस ने रोका

मंगलवार, 29 सितम्बर 2026
September 29 Historical Events

29 सितंबर का इतिहास: जॉन डी रॉकफेलर से लेकर Willie Mays के ‘The Catch’ तक

मंगलवार, 29 सितम्बर 2026
Next Post
Bank Holiday

अक्टूबर 2026 में 16 दिन Bank Holiday, देखें पूरी लिस्ट

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

Google News Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।