Youth Congress CEC Gyanesh Kumar Removal Petition: इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए एक देशव्यापी ऑनलाइन नागरिक पेटिशन शुरू की है। इस दौरान यूथ कांग्रेस ने देश के नागरिकों, खासकर नौजवानों को चुनाव पारदर्शिता, जवाबदेही और लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान किया है।
यह पेटिशन चुनाव आयोग के कामकाज और आंतरिक फैसला लेने की प्रक्रियाओं पर सवाल उठाने वाली हालिया रिपोर्टों के बीच शुरू की गई है। देखा जाए तो यह एक बड़ा राजनीतिक कदम है जो चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है।
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यूथ कांग्रेस ने कहा कि जब उस संस्था के कामकाज के बारे में सवाल उठते हैं जो हर नागरिक के वोट पाने के अधिकार की रक्षा करती है, तो पूरी पारदर्शिता और जनता के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
पांच प्रमुख मांगें
नागरिक पेटिशन के माध्यम से भारतीय युवा कांग्रेस ने पांच प्रमुख मांगें रखी हैं:
पहली मांग – ज्ञानेश कुमार को हटाना:
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाए क्योंकि उनके कार्यकाल में चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठे हैं।
दूसरी मांग – गिरफ्तारी और मुकदमा:
ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ मुकदमा चलाया जाए।
तीसरी मांग – वोटिंग प्रक्रिया की जांच:
वोटर सूची और संबंधित प्रक्रियाओं समेत पूरी वोटिंग श्रृंखला और चुनाव प्रक्रिया की व्यापक जांच की जानी चाहिए।
चौथी मांग – कथित गठजोड़ की जांच:
रिपोर्टों के अनुसार कथित मोदी-शाह-भाजपा गठजोड़, जिसका इस मुहिम में जिक्र किया गया है, की जांच की जानी चाहिए।
पांचवीं मांग – सार्वजनिक दस्तावेज:
सारे चुनाव रिकॉर्ड और आंतरिक आपत्तियां सार्वजनिक की जानी चाहिए ताकि नागरिक चुनाव आयोग की फैसला लेने की प्रक्रिया और इसके कामकाज को समझ सकें।
यूथ कांग्रेस का तर्क
यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी मनीष शर्मा ने कहा कि “वोट पाने का अधिकार हमारे लोकतंत्र की नींव है। चुनाव आयोग किसी सरकार या व्यक्ति की संपत्ति नहीं है। यह भारत के लोगों की एक संस्था है। जब इस संस्था के कामकाज के बारे में सवाल उठते हैं, तो नागरिकों को पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग करने का पूरा अधिकार है।”
दिलचस्प बात यह है कि यूथ कांग्रेस ने इस पेटिशन को एक व्यापक नागरिक आंदोलन का रूप देने की कोशिश की है।
पृष्ठभूमि – इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट
यह पेटिशन उस समय आई है जब इंडियन एक्सप्रेस ने रिपोर्ट की थी कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और अन्य दो चुनाव आयुक्तों – डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी – के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर असहमति रही है।
पिछले 10 महीनों में दोनों चुनाव आयुक्तों ने कम से कम 14 बार औपचारिक रूप से आपत्ति दर्ज कराई थी। ये आपत्तियां नए मतदाताओं को जोड़ने, मतदाताओं को हटाने, फॉर्म 6, ERO नेट, ECI नेट जैसे कई मुद्दों को लेकर थीं।
विपक्ष का समर्थन
कई विपक्षी दलों ने यूथ कांग्रेस की इस पहल का समर्थन किया है। उनका कहना है कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता लोकतंत्र की रीढ़ है और इसमें किसी भी तरह का समझौता स्वीकार्य नहीं है।
आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने पहले ही CEC ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग कर चुके हैं और कहा था कि उनके कार्यकाल में हुए सभी चुनाव दोबारा कराए जाएं।
सरकार का पक्ष
हालांकि, सरकार और चुनाव आयोग की तरफ से इस पेटिशन पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
पहले चुनाव आयोग ने कहा था कि आंतरिक नोट्स और असहमति लोकतंत्र का हिस्सा हैं और अंतिम निर्णय तीनों आयुक्तों की सहमति से लिए गए हैं।
ऑनलाइन पेटिशन का असर
यह पेटिशन सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और हजारों लोग इसे साइन कर चुके हैं। यूथ कांग्रेस का दावा है कि यह संख्या लाखों में पहुंचने की उम्मीद है।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि ऑनलाइन पेटिशन कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं होती, लेकिन यह जनमत को प्रभावित करने और दबाव बनाने का एक माध्यम जरूर है।
लोकतंत्र और संस्थागत विश्वास
अगर गौर करें तो यह मामला केवल एक व्यक्ति या पद का नहीं है। यह लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता के विश्वास का मामला है। चुनाव आयोग जैसी संस्था की निष्पक्षता पर सवाल उठना लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है।
साथ ही, यह भी जरूरी है कि किसी भी आरोप की जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हो।
मुख्य बातें (Key Points)
• यूथ कांग्रेस ने CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए ऑनलाइन पेटिशन शुरू की
• पांच मुख्य मांगें – हटाना, गिरफ्तारी, जांच, गठजोड़ की जांच और दस्तावेज सार्वजनिक करना
• इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के बाद यह कदम, जिसमें आयुक्तों के बीच असहमति का खुलासा हुआ
• विपक्षी दलों ने समर्थन किया, सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार











