Axis Bank Fake Currency Notes Meerut Chest: बैंकों में नकदी के लेन-देन और सुरक्षा को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। मेरठ में एक्सिस बैंक के करेंसी चेस्ट (नकदी तिजोरी / मुख्य नकदी घर) में विभिन्न शाखाओं से आई रकम की जांच के दौरान ₹4,63,650 मूल्य के 1,323 जाली नोट बरामद हुए हैं।
इस मामले में बैंक प्रबंधक की शिकायत पर अनपहचाने व्यक्तियों के खिलाफ अपराधिक मामला दर्ज करके पुलिस ने गंभीरता से जांच शुरू कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि ये नकली नोट असल में कहां से और किन शाखाओं के माध्यम से सिस्टम में दाखिल हुए हैं। देखा जाए तो यह मामला बैंकिंग सुरक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल उठाता है।
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बैंक के करेंसी चेस्ट प्रबंधक सरताज सिंह की शिकायत के अनुसार, 1 दिसंबर 2024 से 31 दिसंबर 2025 के बीच विभिन्न शाखाओं से भेजी गई रकम की जांच के दौरान जाली नोट पाए गए।
किन नोटों में मिली जालसाजी?
प्राथमिकी (FIR) के मुताबिक, इन जाली नोटों में 500, 200, 100 और 50 रुपये के नोट शामिल हैं। इनकी कुल गिनती 1,323 और कुल मूल्य ₹4,63,650 बताया गया है।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि ये नोट एक्सिस बैंक की विभिन्न शाखाओं से आए थे, जिससे यह सवाल उठता है कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में नकली नोट बैंकिंग सिस्टम में कैसे आ गए।
पुलिस ने दर्ज किया केस
पुलिस ने बुधवार को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 178, 179, 180, 181 और 182 के तहत मामला दर्ज किया है। ये धाराएं नकली करेंसी से संबंधित अपराधों से जुड़ी हैं।
मामले की जांच उप-निरीक्षक दलीप सेंगर को सौंपी गई है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि:
• ये नकली नोट किन-किन शाखाओं से आए
• किन ग्राहकों ने ये नोट जमा किए
• क्या यह कोई संगठित गिरोह की करतूत है
• बैंक कर्मचारियों की कोई भूमिका तो नहीं
पुलिस कमिश्नर का बयान
पुलिस कमिश्नर (शहर) विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि किन-किन बैंक शाखाओं में किस तरह से नकली नोट पहुंचे, इसका पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है।
उन्होंने कहा, “हम हर शाखा के रिकॉर्ड को खंगाल रहे हैं। जो भी ग्राहक इन नोटों को जमा करने में शामिल होंगे, उनकी पहचान की जाएगी। अगर कोई संगठित गिरोह इसके पीछे है, तो उसे भी पकड़ा जाएगा।”
बैंक ने कब दी शिकायत?
बैंक सूत्रों के मुताबिक, सरताज सिंह ने 16 सितंबर को इस संबंध में सीनियर पुलिस कमिश्नर बी.बी.जी.टी.एस. मूर्ति को शिकायत की थी।
बैंक प्रबंधक का कहना है कि वह थाना मेडिकल क्षेत्र स्थित मंगल पांडे नगर स्थित बैंक शाखा में काम कर रहे हैं और उनके चेस्ट से एक्सिस बैंक की कई शाखाएं जुड़ी हुई हैं।
करेंसी चेस्ट क्या होता है?
करेंसी चेस्ट एक ऐसी सुविधा है जहां बैंकों की विभिन्न शाखाओं से आई नकदी को केंद्रीय रूप से स्टोर और जांच किया जाता है। यह रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की निगरानी में काम करता है।
सामान्यतः यहां पर:
• नकदी की गिनती होती है
• नोटों की प्रामाणिकता की जांच होती है
• क्षतिग्रस्त नोटों को अलग किया जाता है
• RBI को रिपोर्ट भेजी जाती है
दिलचस्प बात यह है कि इतनी सख्त प्रक्रिया के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में नकली नोट सिस्टम में आ गए।
बैंकिंग सुरक्षा पर सवाल
यह मामला बैंकिंग सुरक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल उठाता है। अगर गौर करें तो:
• क्या शाखाओं में नोट जांचने की मशीनें ठीक से काम नहीं कर रही हैं?
• क्या बैंक कर्मचारी लापरवाही बरत रहे हैं?
• क्या जालसाज इतने एडवांस हो गए हैं कि मशीनें भी धोखा खा जाती हैं?
नकली नोटों का खतरा
नकली नोटों का प्रचलन देश की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा है। यह:
• वास्तविक मुद्रा की विश्वसनीयता घटाता है
• आतंकवाद और अपराध को बढ़ावा देता है
• आम जनता को आर्थिक नुकसान पहुंचाता है
• बैंकिंग सिस्टम में अविश्वास पैदा करता है
आम जनता को सलाह
पुलिस और बैंक अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि:
• बड़े नोटों को ध्यान से जांचें
• ATM से निकले नोटों को भी वेरिफाई करें
• संदिग्ध नोट मिलने पर तुरंत बैंक या पुलिस को सूचित करें
• नकली नोट रखना या चलाना अपराध है
मुख्य बातें (Key Points)
• मेरठ में एक्सिस बैंक के करेंसी चेस्ट में ₹4.63 लाख के 1,323 नकली नोट बरामद
• 1 दिसंबर 2024 से 31 दिसंबर 2025 के बीच विभिन्न शाखाओं से आई रकम में मिले
• 500, 200, 100 और 50 रुपये के नोटों में जालसाजी
• पुलिस ने BNS की धारा 178-182 के तहत केस दर्ज किया, जांच जारी










