Amritsar Drug Bust – मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann के निर्देशों के अनुसार पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए चलाई जा रही मुहिम के दौरान नशीले पदार्थों और अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए Counter Intelligence (CI) Amritsar ने सीमा पार से तस्करी के मॉड्यूल को नाकाम करते हुए 27 किलोग्राम हेरोइन, एक अत्याधुनिक विदेशी .30 बोर PX 5 पिस्तौल और तीन कारतूसों सहित चार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।
देखा जाए तो यह एक बड़ी सफलता है। 27 किलो हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये में होगी। दिलचस्प बात यह है कि इस ऑपरेशन में हथियार भी बरामद हुए हैं, जो दर्शाता है कि यह सिर्फ ड्रग्स तस्करी नहीं, बल्कि एक व्यापक आपराधिक नेटवर्क है।
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गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
Director General of Police (DGP) Punjab Gaurav Yadav ने बताया कि गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान:
- विशाल सिंह उर्फ शालू – निवासी भल्ला कॉलोनी, छेहरटा, अमृतसर
- मनप्रीत सिंह उर्फ सन्नी – निवासी भल्ला कॉलोनी, छेहरटा, अमृतसर
- स्मार्टप्रीत सिंह – निवासी भल्ला कॉलोनी, छेहरटा, अमृतसर
- करण सिंह – निवासी गांव भुस्से, तरनतारन
समझने वाली बात यह है कि सभी आरोपी पंजाब के ही हैं। यह दर्शाता है कि स्थानीय तत्व अंतरराष्ट्रीय तस्करों के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं।
क्या-क्या बरामद हुआ?
बरामदगी की सूची:
- 27 किलोग्राम हेरोइन
- एक .30 बोर PX 5 पिस्तौल (विदेशी, अत्याधुनिक)
- 3 कारतूस
- एक काले रंग का स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (PB 02-CW-6647)
- ग्रे रंग का होंडा एक्टिवा (PB 02-EX-4503)
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि विदेशी पिस्तौल की बरामदगी चिंताजनक है। ऐसे हथियार आमतौर पर गंभीर आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल होते हैं।
दुबई कनेक्शन और सीमा पार तस्करी
DGP गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आरोपी Dubai स्थित संचालक और सीमा पार से तस्करों के साथ तालमेल करके काम कर रहे थे।
और बस यहीं से खुलती है असली कहानी। यह एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क है जहां:
1. Dubai में मास्टरमाइंड बैठा है जो पूरे ऑपरेशन को कंट्रोल करता है
2. Pakistan से ड्रोन द्वारा हेरोइन और हथियार भेजे जाते हैं
3. भारतीय सीमा पर स्थानीय एजेंट इन्हें रिसीव करते हैं
4. आगे डिस्ट्रीब्यूशन के लिए नेटवर्क तैयार है
DGP ने बताया कि नशीले पदार्थों और अवैध हथियारों की खेप प्राप्त करने के बाद गिरफ्तार आरोपियों ने अपने हैंडलरों के निर्देशों पर इसे आगे सप्लाई करना था।
एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन का इस्तेमाल
DGP ने बताया कि जांच से यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी पुलिस से बचने के उद्देश्य से अपने हैंडलरों से संपर्क के लिए एन्क्रिप्टेड संचार प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे थे।
अगर गौर करें तो यह दर्शाता है कि ड्रग तस्कर कितने sophisticated तरीके अपना रहे हैं। सामान्य फोन कॉल या WhatsApp की जगह वे एन्क्रिप्टेड ऐप इस्तेमाल कर रहे हैं जिन्हें ट्रैक करना मुश्किल होता है।
कैसे हुई गिरफ्तारी?
कार्रवाई का विवरण साझा करते हुए DGP ने बताया कि CI अमृतसर की टीमों को पुख्ता जानकारी मिली थी कि संदिग्ध विशाल, मनप्रीत, स्मार्टप्रीत और करण ने भारत-पाक सीमा क्षेत्र Attari से ड्रोन के माध्यम से गिराई गई हेरोइन और हथियारों की बड़ी खेप प्राप्त की है।
जानकारी यह भी थी कि यह खेप Adda Khasa, Amritsar के पास किसी अन्य पक्ष को सौंपनी है।
तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीमों ने छापेमारी कर उन्हें बस शेल्टर, खासा के पास काबू कर लिया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 27 किलोग्राम हेरोइन, पिस्तौल और कारतूस बरामद हुए।
Attari बॉर्डर से ड्रोन द्वारा तस्करी
यह मामला फिर से उस सवाल को उठाता है जो AAP ने भाजपा से पूछा था – Attari के पास 55 किलोमीटर का इलाका BSF के अधीन है। फिर वहां से ड्रोन कैसे आ रहे हैं?
दिलचस्प बात यह है कि तस्कर अब ड्रोन का इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं क्योंकि:
- सीमा पर बाड़ और निगरानी के बावजूद ड्रोन उड़ सकते हैं
- रात के अंधेरे में ड्रोन का पता लगाना मुश्किल है
- एक बार में कई किलो हेरोइन ड्रोन से भेजी जा सकती है
हालांकि, पंजाब सरकार ने एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किया है, लेकिन पूरी सीमा को कवर करना चुनौतीपूर्ण है।
आगे की जांच जारी
DGP ने बताया कि तस्करी नेटवर्क में शामिल सभी व्यक्तियों की पहचान करने और इस मामले में आगे-पीछे के संबंधों का पूरी तरह पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।
समझने वाली बात यह है कि यह सिर्फ चार लोगों की गिरफ्तारी नहीं है। पुलिस पूरे नेटवर्क को उजागर करना चाहती है:
- Dubai में कौन बैठा है?
- Pakistan से कौन भेज रहा है?
- भारत में कितने लोग इस नेटवर्क में शामिल हैं?
- पैसे का लेन-देन कैसे हो रहा है?
कानूनी कार्रवाई
इस संबंध में थाना State Special Operation Cell, Amritsar में NDPS Act की धाराओं 21, 25, 29 और Arms Act की धारा 25 के तहत दिनांक 15-09-2026 को FIR नंबर 58 दर्ज की गई है।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि NDPS Act की धारा 21 में commercial quantity के लिए सजा का प्रावधान है, जो कम से कम 10 साल की कठोर कारावास तक हो सकती है।
मुख्य बातें (Key Points)
✅ CI अमृतसर ने 27 किलो हेरोइन और विदेशी पिस्तौल के साथ 4 गिरफ्तार
✅ Attari बॉर्डर से ड्रोन द्वारा आई तस्करी की खेप
✅ Dubai कनेक्शन का खुलासा, एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म से संपर्क
✅ बस शेल्टर खासा के पास की गिरफ्तारी
✅ NDPS और Arms Act के तहत केस दर्ज
✅ आगे-पीछे के संबंधों की जांच जारी











