ED Raid Patiala Mohali – गैर-कानूनी कॉल सेंटरों और साइबर ठगी करने वाले गिरोहों के खिलाफ छेड़ी गई मुहिम के तहत Enforcement Directorate (ED) की टीमों ने Patiala के अर्बन एस्टेट स्थित ‘DM Web Solutions’ पर की गई छापेमारी 14 घंटे गुजर जाने के बाद भी जारी है। देखा जाए तो यह कार्रवाई साइबर फ्रॉड के खिलाफ सरकार की गंभीरता को दर्शाती है।
सूत्रों के अनुसार ED को इन फर्मों के जरिए करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन का सुराग मिला था, जिसके बाद मोहाली और पटियाला में एकसाथ यह कार्रवाई की गई। दिलचस्प बात यह है कि यह कार्रवाई एकदम सुनियोजित तरीके से की गई और दोनों जगहों पर एक साथ शिकंजा कसा गया।
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मंगलवार देर शाम शुरू हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार ED की टीमें मंगलवार देर शाम इन ठिकानों पर पहुंचीं। नकली कॉल सेंटरों की जांच कर रही ED की टीमों ने Mohali और Patiala के दो ठिकानों पर एक साथ शिकंजा कसा।
सीनियर अधिकारियों ने पुष्टि की है कि पटियाला के अर्बन एस्टेट फेज 2 में स्थित दो शोरूमों को सील कर दिया गया है और ED टीमें मौके पर मौजूद हैं। समझने वाली बात यह है कि इतने लंबे समय तक छापेमारी का मतलब है कि मामला काफी गंभीर और जटिल है।
कुछ नामी लोगों की भूमिका की भी जांच
एक सीनियर अधिकारी ने बताया, “ये दोनों कॉल सेंटर पिछले कुछ समय से चल रहे थे और इसमें कुछ नामी लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।”
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि अधिकारी ने ‘नामी लोगों’ की बात कही है। इससे साफ होता है कि यह मामला सिर्फ छोटे-मोटे ठगों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कुछ प्रभावशाली लोगों का भी हाथ हो सकता है।
करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन का सुराग
सूत्रों के मुताबिक, ED को इन फर्मों के जरिए करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन की जानकारी मिली थी। ये कॉल सेंटर विदेशी नागरिकों को निशाना बनाकर साइबर फ्रॉड कर रहे थे।
और बस यहीं से शुरू हुई असली कहानी। जब ED ने गहराई से जांच की तो पता चला कि ये सिर्फ छोटे-मोटे स्कैम नहीं थे, बल्कि एक बड़ा ऑर्गनाइज्ड क्राइम नेटवर्क था।
पिछले महीने भी हुई थी कार्रवाई
उल्लेखनीय है कि पिछले महीने भी Enforcement Directorate ने रोपड़ जिले के एक कारोबारी के घर छापा मारा था। यह कार्रवाई विदेशी नागरिकों के साथ कथित तौर पर 100 करोड़ रुपये की साइबर ठगी मारने वाले एक कॉल सेंटर से जुड़े मामले के संबंध में की गई थी।
इससे साफ होता है कि पंजाब में साइबर फ्रॉड का नेटवर्क काफी बड़ा है और ED लगातार इस पर शिकंजा कस रही है।
कैसे काम करते हैं ये फर्जी कॉल सेंटर?
आमतौर पर ये फर्जी कॉल सेंटर विदेशी नागरिकों, खासकर अमेरिका और यूरोप के लोगों को निशाना बनाते हैं। वे खुद को टैक्स अधिकारी, बैंक अधिकारी या टेक सपोर्ट के रूप में पेश करते हैं।
फिर वे लोगों को डराकर या झांसा देकर उनसे पैसे ऐंठते हैं। पैसे मनी ट्रांसफर, गिफ्ट कार्ड या क्रिप्टोकरेंसी के जरिए लिए जाते हैं, जिन्हें ट्रेस करना मुश्किल होता है।
मनी लॉन्ड्रिंग का भी आरोप
ED की कार्रवाई में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला भी जुड़ा हुआ है। साइबर फ्रॉड से कमाए पैसे को कानूनी दिखाने के लिए इन्हें विभिन्न कंपनियों और बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाता है।
अगर गौर करें तो यह पूरा तंत्र बेहद व्यवस्थित और professional तरीके से काम करता है। इसमें IT professionals, कॉल सेंटर एजेंट, और पैसे को transfer करने वाले लोग शामिल होते हैं।
पंजाब में क्यों फल-फूल रहे फेक कॉल सेंटर?
विशेषज्ञों का मानना है कि पंजाब में अच्छी इंटरनेट कनेक्टिविटी, शिक्षित युवा जो English बोल सकते हैं, और बेरोजगारी – ये तीन कारण हैं जिनकी वजह से यहां फेक कॉल सेंटर पनप रहे हैं।
कई युवाओं को यह भी नहीं पता होता कि वे जो काम कर रहे हैं वह अवैध है। उन्हें अच्छी सैलरी का लालच देकर इस धंधे में फंसाया जाता है।
क्या कहता है कानून?
साइबर फ्रॉड और फेक कॉल सेंटर चलाना भारतीय कानून के तहत गंभीर अपराध है। इसमें:
- IT Act 2000 के तहत सजा
- Indian Penal Code की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत कार्रवाई
- Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के तहत मनी लॉन्ड्रिंग का मामला
ED की कार्रवाई PMLA के तहत हो रही है, जिसमें संपत्ति कुर्क करने और लंबी सजा के प्रावधान हैं।
आगे क्या होगा?
छापेमारी अभी जारी है और ED दस्तावेजों, कंप्यूटर डेटा और फाइनेंशियल रिकॉर्ड की जांच कर रही है। आने वाले दिनों में कुछ बड़े खुलासे हो सकते हैं।
अगर ‘नामी लोगों’ की भूमिका साबित होती है तो यह मामला और भी सनसनीखेज हो सकता है। पंजाब पुलिस भी ED के साथ समन्वय कर रही है।
मुख्य बातें (Key Points)
✅ ED ने पटियाला और मोहाली में फेक कॉल सेंटर पर मारा छापा
✅ 14 घंटे से जारी है छापेमारी, दो शोरूम सील
✅ करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन का मिला सुराग
✅ कुछ नामी लोगों की भूमिका की भी जांच जारी
✅ पिछले महीने रोपड़ में भी 100 करोड़ के फ्रॉड का मामला
✅ विदेशी नागरिकों को बनाया जाता था निशाना












