Vijay Mallya Fugitive Claim: कथित भगौड़े कारोबारी विजय माल्या ने अपनी बेगुनाही का ऐलान करते हुए दावा किया है कि उन्हें कानून द्वारा यूनाइटेड किंगडम छोड़ने की इजाजत नहीं है। एक्स (X) पर कई पोस्ट में उन्होंने भारत सरकार पर उनके साथ बहुत ज्यादा बेइंसाफी करने का आरोप लगाया है।
देखा जाए तो यह पहली बार नहीं है जब विजय माल्या ने अपना पक्ष रखा है। लेकिन इस बार उन्होंने कुछ दस्तावेज और आंकड़े भी साझा किए हैं जिनमें दावा किया गया है कि ED ने खुद बॉम्बे हाई कोर्ट में माना है कि उनसे 14,131.60 करोड़ रुपये की रिकवरी हो चुकी है। फिर भी उन्हें धोखेबाज कहा जा रहा है – यह उनकी शिकायत है।
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UK का स्थायी निवासी हूं, छोड़ नहीं सकता
माल्या ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा, “उन सबके लिए जो कहते हैं कि मैं भारत आने से इनकार करने वाला भगौड़ा हूं, कृपया जान लें कि मैं 1992 से यूनाइटेड किंगडम का स्थायी निवासी हूं और वर्तमान में कानूनी तौर पर इस देश को छोड़ने से प्रतिबंधित हूं।”
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि माल्या का दावा है कि वे भगौड़े नहीं हैं, बल्कि UK का कानून उन्हें वहां से निकलने नहीं दे रहा। उनके अनुसार यह सब भारत सरकार की “poster boy वाली हरकतों” की वजह से हुआ है।
समझने वाली बात यह है कि भारत ने माल्या को वापस लाने के लिए UK से प्रत्यर्पण (extradition) की मांग की थी। UK की अदालतों में लंबी कानूनी लड़ाई चली। और अब माल्या का कहना है कि कानूनी प्रक्रिया के कारण वे UK नहीं छोड़ सकते।
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14,131 करोड़ की रिकवरी का दावा
मंगलवार को एक पोस्ट में माल्या ने एक कथित हलफनामे का जिक्र किया जो ED ने बॉम्बे हाई कोर्ट में दाखिल किया था। इसमें 14,131.60 करोड़ रुपये की रिकवरी का उल्लेख है।
माल्या ने लिखा, “माननीय बॉम्बे हाई कोर्ट में ED द्वारा दाखिल किया गया हलफनामा। पैरा 7 डिक्रीड कर्जा है और पैरा 17 में 2021 में 14,131.60 करोड़ रुपये की रिकवरी दिखाई गई है!! 5 साल बीत जाने पर भी मुझे अभी भी एक धोखेबाज के रूप में जाना जाता है जिसने बैंकों के साथ धोखा किया।”
दिलचस्प बात यह है कि अगर यह आंकड़ा सही है, तो सवाल उठता है कि माल्या को अभी भी धोखेबाज क्यों कहा जा रहा है? उन्होंने एक टेबल भी शेयर की जिसमें रिकवरी का पूरा ब्रेकअप दिया गया।
असली कर्जा 6,203 करोड़, वसूली 14,100 करोड़?
माल्या ने अगस्त में भी एक पोस्ट में दावा किया था, “बैंकों और सरकार ने 6,203 करोड़ रुपये के judgment debt के मुकाबले मुझसे 14,100 करोड़ रुपये वसूलने की बात स्वीकार की है। कई और कर्जदारों ने बहुत कम हिस्से में समझौता कर लिया है। मैं अंदाजा लगाता हूं कि यही भारतीय कर्जा समाधान न्याय है। कोई मीडिया सवाल नहीं।”
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि माल्या का कहना है कि उनका असली कर्जा 6,203 करोड़ रुपये था, लेकिन उनसे 14,100 करोड़ रुपये वसूल लिए गए। यानी कर्जे से दोगुना से भी ज्यादा!
अगर यह सच है, तो माल्या का सवाल जायज है – “क्या मैं अब भी उस तरीके का हकदार हूं जिस तरह मुझे मीडिया में कोसा जाता है?”
Kingfisher के कर्मचारियों को ED ने दिए 350 करोड़
माल्या ने एक और दिलचस्प बात बताई। उन्होंने लिखा, “कृपया स्वतंत्र रूप से सत्यापित करें कि ED ने मेरे अटैच किए गए फंडों में से Kingfisher के कर्मचारियों को भुगतान करने के लिए 350 करोड़ रुपये से ज्यादा जारी किए थे। मैं भुगतान नहीं कर सकता था क्योंकि ED ने मेरी संपत्ति/फंड अटैच कर लिए थे।”
समझने वाली बात यह है कि जब Kingfisher Airlines बंद हुई, तो हजारों कर्मचारियों की तनख्वाह बकाया थी। माल्या का कहना है कि वे भुगतान करना चाहते थे, लेकिन ED ने उनकी संपत्ति जब्त कर ली थी।
बाद में ED ने ही उन्हीं जब्त फंडों से कर्मचारियों को 350 करोड़ रुपये दिए। तो सवाल यह है कि अगर माल्या धोखेबाज था, तो ED ने उसके फंड से कर्मचारियों को क्यों दिया?
माल्या के दावे vs सरकारी रिकॉर्ड
| विषय | माल्या का दावा | सरकार का रुख |
|---|---|---|
| स्टेटस | UK का स्थायी निवासी, कानूनी रूप से UK छोड़ नहीं सकते | भगौड़ा आर्थिक अपराधी (FEO) |
| कर्जा | 6,203 करोड़ रुपये | हजारों करोड़ की धोखाधड़ी |
| रिकवरी | 14,131 करोड़ रुपये | अभी भी बकाया है |
| कर्मचारी भुगतान | ED ने 350 करोड़ दिए | कोई टिप्पणी नहीं |
15 लोगों को FEO घोषित किया गया
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने अक्टूबर 2025 में लोक सभा को सूचित किया था कि Fugitive Economic Offenders Act, 2018 (FEOA) के तहत 15 लोगों को भगौड़े आर्थिक अपराधी (FEOs) के रूप में नामित किया गया है।
इस सूची में नीरव मोदी और विजय माल्या समेत कई मशहूर हस्तियां शामिल थीं। लेकिन माल्या का दावा है कि उन्हें गलत तरीके से भगौड़ा करार दिया गया है।
विदेश मंत्रालय: भगौड़ों को वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध
पिछले साल दिसंबर में विदेश मंत्रालय ने कहा था कि वह यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है कि भारत में लोड़ीदे भगौड़े वापस लौटें और उन पर मुकदमा चलाया जाए।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा था, “हम भारतीय कानून द्वारा लोड़ीदे भगौड़ों की वापसी के लिए पूरी तरह वचनबद्ध हैं। हम इस खास वापसी को लेकर कई सरकारों के साथ बातचीत कर रहे हैं।”
लेकिन माल्या का कहना है कि वे भगौड़े नहीं हैं, इसलिए उन्हें “वापस लाने” की बात ही गलत है।
आम लोगों से क्या कनेक्शन?
यह मामला आम लोगों से इसलिए जुड़ा है क्योंकि यह बैंकों के पैसे का मामला है। और बैंकों का पैसा अंततः जनता का ही पैसा होता है।
Kingfisher Airlines को बैंकों से हजारों करोड़ का कर्जा मिला था। जब एयरलाइन बंद हुई, तो वह पैसा डूब गया। बैंकों को नुकसान हुआ, जिसका असर आम जनता पर पड़ता है।
इसीलिए माल्या का मामला इतना चर्चित है। लोग जानना चाहते हैं कि उनके पैसे का क्या हुआ।
सच क्या है?
हैरान करने वाली बात यह है कि इस मामले में दोनों पक्षों के दावे बिल्कुल उलटे हैं। माल्या कहते हैं कि उन्होंने कर्जे से ज्यादा पैसा लौटा दिया। सरकार कहती है कि वे धोखेबाज हैं और भगौड़े हैं।
सच क्या है? यह तो अदालत ही तय करेगी। लेकिन आम आदमी के मन में सवाल तो हैं:
• अगर 14,131 करोड़ की रिकवरी हो चुकी है, तो क्यों नहीं बताया जाता?
• अगर माल्या झूठ बोल रहे हैं, तो सरकार खुलकर सफाई क्यों नहीं देती?
• क्या माल्या को रिफंड मिलना चाहिए अगर ज्यादा पैसा वसूला गया?
मीडिया ट्रायल का आरोप
माल्या ने यह भी कहा कि मीडिया में उन्हें “एक पत्रकार की स्क्रिप्ट की शुरुआत में ही एक धोखेबाज के रूप में संबोधित किया जाता है।”
यह सच है कि मीडिया में अक्सर माल्या को “फ्यूजिटिव” या “भगौड़ा” कहकर संबोधित किया जाता है। लेकिन क्या यह सही है?
कानूनी रूप से, जब तक अदालत किसी को दोषी नहीं ठहरा देती, तब तक उसे निर्दोष माना जाता है। लेकिन मीडिया ट्रायल में यह सिद्धांत अक्सर भूल जाता है।
मुख्य बातें (Key Points)
• विजय माल्या ने दावा किया कि वे 1992 से UK के स्थायी निवासी हैं और कानूनी रूप से वहां से नहीं निकल सकते
• उनका दावा है कि ED ने बॉम्बे हाई कोर्ट में 14,131 करोड़ रुपये की रिकवरी स्वीकार की है
• असली कर्जा 6,203 करोड़ था, लेकिन वसूली 14,100 करोड़ हुई – माल्या ने रिफंड की मांग की
• ED ने Kingfisher कर्मचारियों को माल्या के अटैच फंड से 350 करोड़ रुपये दिए
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