Mawan Dhiyan Satkar Yojana – राखी के पावन पर्व पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज ‘भाई’ का फर्ज निभाते हुए 1.37 लाख ‘सत्कार सखियों’ के खातों में 52.20 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। गोइंदवाल साहिब में आयोजित ‘सत्कार सखी सम्मान समारोह’ को वर्चुअल रूप से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ को सफल बनाने में सत्कार सखियों के अथक योगदान की भरपूर सराहना की।
देखा जाए तो यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सत्कार सखियों की कड़ी मेहनत की बदौलत 75 लाख से अधिक महिलाओं का पंजीकरण संभव हो सका है। यह केवल आंकड़े नहीं हैं, बल्कि 75 लाख परिवारों की जिंदगी में बदलाव की कहानी है।
अगर गौर करें तो यह देश की इकलौती योजना है जो 18 साल से अधिक उम्र की हर महिला को बिना किसी शर्त के सम्मान राशि देती है। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा, “जब तक पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार है, मावां-धीयां सत्कार योजना बंद नहीं होगी।”
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सत्कार सखियों की कमाई – प्रति पंजीकरण 300 रुपये
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि यह योजना दोहरा फायदा दे रही है। एक तरफ महिला लाभार्थियों को सम्मान राशि मिल रही है, तो दूसरी तरफ सत्कार सखियों को भी अच्छी कमाई का मौका मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि हर पंजीकरण पर सत्कार सखियों को 300 रुपये मिलेंगे। पहली किस्त में 100 रुपये प्रति पंजीकरण के हिसाब से 52.20 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
समझने वाली बात यह है कि सरकार ने एक करोड़ महिलाओं को सत्कार योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को पूरा करने पर सत्कार सखियों को 200 करोड़ रुपये से अधिक की आय होगी। यह एक बड़ा आर्थिक सशक्तिकरण का अवसर है।
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अब तक की उपलब्धि – 76 लाख पंजीकरण, 2381 करोड़ भेजे
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने योजना की प्रगति बताते हुए कहा:
- 76.11 लाख महिलाओं का पंजीकरण हो चुका है
- इनमें से 68.06 लाख महिलाओं के खातों में सम्मान राशि भेजी जा चुकी
- अब तक कुल 2,381 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए हैं
- 18+ महिलाओं को 1,000 रुपये प्रति माह
- अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह
- पंजाब की 97% महिलाओं को मिलेगा लाभ
- बजट में 9,300 करोड़ रुपये का प्रावधान
दिलचस्प बात यह है कि यह राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में भेजी जा रही है, जिससे बीच में कोई भ्रष्टाचार या लीकेज नहीं है।
| विवरण | आंकड़े |
|---|---|
| कुल पंजीकृत महिलाएं | 76.11 लाख |
| राशि प्राप्त कर चुकी महिलाएं | 68.06 लाख |
| अब तक भेजी गई कुल राशि | 2,381 करोड़ रुपये |
| सत्कार सखियां | 1.37 लाख |
| पहली किस्त (सत्कार सखियों को) | 52.20 करोड़ रुपये |
| प्रति पंजीकरण सत्कार सखी को | 300 रुपये |
| सामान्य महिलाओं को प्रति माह | 1,000 रुपये |
| SC महिलाओं को प्रति माह | 1,500 रुपये |
| लक्षित लाभार्थी | 1 करोड़ महिलाएं |
| कुल बजट प्रावधान | 9,300 करोड़ रुपये |
राखी पर विशेष तोहफा – भाई का फर्ज निभाया
X (पूर्व में Twitter) पर जानकारी साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लिखा: “राखी के पवित्र त्यौहार पर हमारी सरकार बहनों से किए वादे को पूरा कर रही है। आज मैंने गोइंदवाल साहिब में ‘सत्कार सखी सम्मान समारोह’ में वर्चुअल रूप से शिरकत की।”
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि मुख्यमंत्री ने राखी के त्यौहार को चुना ताकि यह संदेश जाए कि सरकार महिलाओं की रक्षा और सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है, ठीक वैसे ही जैसे एक भाई अपनी बहन के लिए होता है।
मुख्यमंत्री ने आगे लिखा, “उन सभी ‘सत्कार सखियों’ का तहे दिल से धन्यवाद जिन्होंने जरूरतमंद परिवारों के पंजीकरण और फॉर्म भरने में मदद की। इस नेक सेवा के लिए आपका नाम इतिहास में दर्ज होगा।”
महिला सशक्तिकरण का सपना – वित्तीय आजादी जरूरी
गोइंदवाल साहिब में सत्कार सखियों को सम्मान राशि देने के लिए आयोजित समारोह के दौरान सभा को वर्चुअल रूप से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “परिवार के कल्याण, लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और सामाजिक एवं आर्थिक फैसले लेने में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए उनकी वित्तीय आजादी को मजबूत करना बहुत जरूरी है।”
समझने वाली बात यह है कि यह राशि शायद महिलाओं को अमीर तो न बनाए, लेकिन यह उन्हें मान-सम्मान और स्वाभिमान जरूर देगी। मुख्यमंत्री ने कहा, “महिलाएं सबसे अधिक सम्मान की हकदार हैं और मां-बहनों के आशीर्वाद दुनिया की हर चुनौती पर जीत हासिल करने में मदद कर सकते हैं।”
योजना की खासियत – कोई शर्त नहीं, सीधे खाते में पैसा
मुख्यमंत्री ने बताया, “18 साल से अधिक उम्र की महिला लाभार्थियों को 1,000 रुपये की वित्तीय सहायता के मोबाइल संदेश मिल रहे हैं, जबकि अनुसूचित जाति समुदाय की महिलाओं को 1,500 रुपये मिल रहे हैं। यह सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा रही है।”
दिलचस्प बात यह है कि यह देश की इकलौती ऐसी योजना है जो बिना किसी शर्त के हर पात्र महिला को सम्मान राशि देती है। कोई आय सीमा नहीं, कोई जाति भेद नहीं (SC महिलाओं को अधिक मिलता है), कोई अन्य पात्रता मानदंड नहीं।
अगर गौर करें तो पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही महिलाएं भी इस योजना के लिए पात्र हैं। यह इसे और अधिक समावेशी बनाता है।
सत्कार सखियों की भूमिका – केवल फॉर्म भरना नहीं, जीवन बदलना
मुख्यमंत्री ने सत्कार सखियों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा, “‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ को बड़ी सफलता दिलाने में सत्कार सखियों ने अहम भूमिका निभाई है। उनके सुहृदय प्रयासों से ही 75 लाख से अधिक महिलाओं का पंजीकरण संभव हुआ है।”
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि सत्कार सखियों ने केवल फॉर्म नहीं भरे, बल्कि घर-घर जाकर महिलाओं को इस योजना के बारे में बताया, उनके दस्तावेज इकट्ठे करवाए, बैंक खाते खुलवाने में मदद की और पूरी प्रक्रिया में उनका साथ दिया।
मुख्यमंत्री ने सत्कार सखियों को प्रेरित किया कि वे अपने द्वारा पंजीकृत किए गए परिवारों से हमेशा जुड़ी रहें और उनका ख्याल रखें। उन्होंने कहा, “उनकी भूमिका सिर्फ पंजीकरण तक ही सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि जरूरत पड़ने पर लाभार्थी परिवारों के साथ खड़ा होना चाहिए।”
लाभार्थियों के अनुभव – पैसे का सही इस्तेमाल
मुख्यमंत्री ने कहा, “जिन घरों में 3,000 से 4,500 रुपये पहले ही पहुंच चुके हैं, वहां सत्कार सखियों और महिला लाभार्थियों के बीच विश्वास का रिश्ता बन गया है। यह रिश्ता तब और मजबूत होगा, जब राखी पर नई किस्त जारी होने से लाभार्थियों के फोनों पर फिर संदेश आएंगे।”
समझने वाली बात यह है कि मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि महिलाएं इस पैसे का इस्तेमाल समझदारी से करेंगी – नए कपड़े खरीदने, दवाइयां लेने या कर्ज चुकाने के लिए। उन्होंने कहा, “मुझे यह देखकर खुशी हो रही है कि इस पैसे का सही इस्तेमाल हो रहा है।”
AAP महिला विंग की अध्यक्ष डॉ. अमनदीप कौर का संबोधन
इस दौरान AAP पंजाब के महिला विंग की अध्यक्ष और विधायक डॉ. अमनदीप कौर ने पंजाब भर की महिलाओं तक योजना पहुंचाने में सत्कार सखियों के समर्पित योगदान की सराहना की।
उन्होंने कहा, “ये बहनें सिर्फ महिलाओं के फॉर्म भरवाने में ही मदद नहीं कर रही हैं, बल्कि उनकी जिंदगी बदलने में एक बड़े सहारे का स्रोत बन रही हैं। महिला विंग आम आदमी पार्टी के लिए जमीनी स्तर पर काम करने वाली सबसे मजबूत ताकत के रूप में उभरा है।”
दिलचस्प बात यह है कि डॉ. अमनदीप कौर ने दावा किया कि 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों में पार्टी की सत्ता में वापसी को सुनिश्चित करने में महिला विंग सबसे अहम भूमिका निभाएगा।
पहली सरकार जिसने महिलाओं के बारे में सोचा – डॉ. अमनदीप कौर
विधायक डॉ. अमनदीप कौर ने एक महत्वपूर्ण सवाल उठाया: “मुझे बताओ, क्या कभी किसी सरकार ने महिलाओं के बारे में इतना सोचा है? यह पहली सरकार है जिसने महिलाओं के बारे में इतने ध्यान से सोचा है।”
उन्होंने AAP सरकार की महिला-केंद्रित योजनाओं की सूची गिनाई:
- मुफ्त बिजली
- रसोई के लिए योजनाएं
- बुजुर्गों के लिए तीर्थ यात्रा की सुविधाएं
- मोहल्ला क्लीनिकों के माध्यम से दवाइयों का खर्च घटाना
- 10 लाख रुपये तक की स्वास्थ्य बीमा योजना
- मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि डॉ. अमनदीप कौर ने यह भी बताया कि पंजाब में 11 महिला विधायक हैं और AAP सरकार ने महिलाओं को चेयरपर्सन, DC और SSP जैसे बड़े पदों पर भी तैनात किया है। पहले महिलाओं को पद देकर पीछे बैठा दिया जाता था, लेकिन अब महिलाएं जिम्मेदारी वाले पदों पर विराजमान हैं।
कैबिनेट मंत्रियों का भी संबोधन
कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा और हरभजन सिंह ETO ने पंजाब की तरक्की और लोगों की खुशहाली के लिए भगवंत सिंह मान सरकार द्वारा किए गए कई लोक-पक्षीय उपक्रमों पर रोशनी डाली।
उन्होंने कहा, “पंजाब के समझदार और निडर लोग राज्य सरकार का डटकर समर्थन कर रहे हैं, जिसके चलते AAP फिर भारी बहुमत से राज्य में सरकार बनाएगी।”
राजनीतिक संदेश – 2027 की तैयारी
अगर गौर करें तो यह केवल एक कल्याणकारी योजना नहीं है, बल्कि AAP की राजनीतिक रणनीति का भी हिस्सा है। 76 लाख पंजीकृत महिलाएं और उनके परिवार – यह एक बड़ा वोट बैंक है।
मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक AAP सरकार है, यह योजना बंद नहीं होगी। यह एक सीधा संदेश है कि अगर 2027 में AAP की सरकार वापस नहीं आती, तो यह योजना खतरे में पड़ सकती है।
मुख्य बातें (Key Points)
- राखी पर 1.37 लाख सत्कार सखियों को 52.20 करोड़ रुपये दिए
- 76.11 लाख महिलाओं का पंजीकरण, 68.06 लाख को राशि भेजी
- अब तक 2,381 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए
- प्रति पंजीकरण सत्कार सखियों को 300 रुपये मिलेंगे
- 1 करोड़ महिलाओं को जोड़ने का लक्ष्य
- सत्कार सखियों को 200 करोड़ से अधिक की आय होगी
- 18+ महिलाओं को 1,000 रुपये/माह, SC महिलाओं को 1,500 रुपये/माह
- 97% महिलाओं को लाभ, 9,300 करोड़ का बजट
- देश की इकलौती योजना जो बिना शर्त सम्मान राशि देती है
- AAP सरकार रहे तो योजना बंद नहीं होगी – CM की गारंटी










