GMADA Corruption –एक बार फिर Aam Aadmi Party के सांसद Malvinder Singh Kang ने अपनी ही पार्टी की पंजाब सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है। आनंदपुर साहिब से सांसद कंग ने Greater Mohali Area Development Authority (GMADA) को भ्रिष्टाचार का अड्डा करार दिया है। उन्होंने मोहाली के पिंड सैणी माजरा में GMADA अधिकारियों द्वारा की गई “दुकानों की चुनिंदा तोड़फोड़” पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
यह पहली बार नहीं है जब मलविंदर सिंह कंग ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोला हो। दिलचस्प बात यह है कि कंग लगातार पंजाब सरकार की नीतियों और अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते रहे हैं। इससे पार्टी के भीतर असंतोष की खबरें भी सामने आती रही हैं।
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क्या है सैणी माजरा विवाद?
बीते दिनों मोहाली के पिंड सैणी माजरा में GMADA अधिकारियों ने कुछ दुकानों की तोड़फोड़ की। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह तोड़फोड़ चुनिंदा तरीके से की गई। जिन दुकानदारों ने रिश्वत दी, उनकी दुकानें बची रहीं। जिन्होंने पैसे नहीं दिए, उनकी दुकानें पीला पंजा (पीले एक्सकेवेटर) से तोड़ दी गईं।
समझने वाली बात है कि सैणी माजरा पिंड आनंदपुर साहिब लोक सभा क्षेत्र का हिस्सा है, जहां से कंग सांसद हैं। इसलिए उन्होंने इस मामले को गंभीरता से लिया और GMADA अधिकारियों को फोन करके निष्पक्षता बरतने को कहा।
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कंग ने क्या कहा?
मलविंदर सिंह कंग ने कहा, “मुझे पिंड के लोगों के कई फोन आए कि यह तोड़फोड़ चुन कर की गई है। मैंने अथॉरिटी के अधिकारियों को फोन करके कहा कि उन्हें निष्पक्ष होना चाहिए। या तो सभी के नाजायज कब्जे हटाए जाएं या फिर सबको चेतावनी देकर छोड़ दिया जाए।”
उन्होंने आगे कहा, “मैं मुख्यमंत्री का ध्यान इस ओर खींचना चाहता हूं कि अथॉरिटी में भ्रिष्टाचार बहुत बढ़ गया है और हमें वहां भ्रिष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की जरूरत है। जो अधिकारी दुकानदारों से रिश्वत लेते हैं, उन्हें छोड़ दिया जाता है। और जो पैसे नहीं देते, उनकी दुकानें तोड़ दी जाती हैं। ये गरीब लोग हैं जो मुश्किल से अपना पेट भरने जोगा कमाते हैं।”
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि कंग ने गुरुवार को GMADA अधिकारियों के खिलाफ रोष प्रदर्शन की अगुवाई करने की चेतावनी भी दी है।
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कंग का विद्रोही तेवर: यह पहली बार नहीं
अगर गौर करें तो मलविंदर सिंह कंग की यह राजनीतिक शैली नई नहीं है। वे बार-बार अपनी ही पार्टी की सरकार पर हमला करते रहे हैं। आइए देखें कंग के पिछले विवादास्पद बयानों की एक झलक:
1. राज्यसभा सांसदों का पलटा (2024):
जब सात AAP राज्यसभा सदस्यों ने इस्तीफा देकर BJP जॉइन कर ली, तो कंग ने पार्टी में कुछ व्यक्तियों के पास ताकत केंद्रित होने और आंतरिक संवाद की कमी को जिम्मेदार ठहराया था।
2. बठिंडा में किसानों पर लाठीचार्ज:
कंग ने बठिंडा में प्रदर्शन कर रहे किसानों के खिलाफ पंजाब पुलिस की कार्रवाई की आलोचना की थी। यह उनकी अपनी पार्टी की सरकार थी।
3. अवैध रेत खनन:
कंग ने AAP सरकार वाले पंजाब में गैर-कानूनी रेत माइनिंग के कामों पर सवाल उठाए थे।
4. लैंड पूलिंग पॉलिसी का विरोध (2024):
पिछले साल कंग AAP में पहले व्यक्ति थे जो लैंड पूलिंग नीति के खिलाफ बोले। इस पॉलिसी का किसानों ने जोरदार विरोध किया था।
5. 2024 चुनावी हार पर टिप्पणी:
2024 की आम चुनावों में AAP के खराब प्रदर्शन के बाद कंग ने विधायकों और वोटरों के बीच दूरी को जिम्मेदार ठहराया था। AAP 13 सीटों में से सिर्फ 3 ही जीत सकी थी।
| मुद्दा | कंग का रुख | साल |
|---|---|---|
| GMADA भ्रिष्टाचार | सरकार पर हमला, CM से हस्तक्षेप की मांग | 2025 |
| 7 राज्यसभा सांसदों का पलटा | आंतरिक संवाद की कमी को जिम्मेदार ठहराया | 2024 |
| लैंड पूलिंग पॉलिसी | पहले AAP नेता जिन्होंने विरोध किया | 2024 |
| बठिंडा लाठीचार्ज | पुलिस कार्रवाई की आलोचना | 2025 |
| अवैध रेत खनन | सरकार पर सवाल उठाए | 2025 |
| 2024 चुनावी हार | विधायक-वोटर दूरी को कारण बताया | 2024 |
कंग का राजनीतिक सफर
मलविंदर सिंह कंग मूल रूप से BJP से थे। 2020 में उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों के विरोध में BJP से इस्तीफा दे दिया था। इन्हीं तीन कानूनों के खिलाफ किसानों ने दिल्ली की सीमाओं पर साल भर संघर्ष किया था। इसके बाद कंग AAP में शामिल हो गए।
लेकिन AAP में आने के बाद भी कंग का स्वतंत्र और मुखर तेवर बना रहा। वे किसी भी मुद्दे पर पार्टी लाइन से हटकर बोलने में नहीं हिचकते।
GMADA में वाकई भ्रिष्टाचार है?
GMADA मोहाली क्षेत्र की विकास प्राधिकरण है जो भूमि आवंटन, शहरी योजना और अवैध निर्माण की निगरानी करती है। लेकिन लंबे समय से इसके खिलाफ भ्रिष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं।
स्थानीय दुकानदारों और छोटे व्यापारियों का आरोप है कि अधिकारी पहले पैसे मांगते हैं और अगर नहीं मिले तो तोड़फोड़ की कार्रवाई करते हैं। देखा जाए तो यह आरोप नया नहीं है, बल्कि पिछली सरकारों में भी ऐसी शिकायतें आती रही हैं।
कंग ने GMADA चीफ को लगाई फटकार
सांसद ने बताया कि उन्होंने बीती देर रात इस मुद्दे पर GMADA के मुख्य प्रशासक (Chief Administrator) संदीप रिशी से बात की और भ्रिष्टाचार को रोकने में असफल रहने के लिए उन्हें फटकार लगाई।
कंग ने कहा, “अब समय आ गया है कि मुख्यमंत्री गरीब लोगों पर हो रहे इस जुल्म को रोकें और सभी भ्रिष्ट अधिकारियों का तबादला करें।”
AAP में आंतरिक कलह का संकेत?
कंग के लगातार विद्रोही बयानों से यह सवाल उठता है कि क्या AAP के भीतर सब ठीक है? क्या पार्टी में असंतोष बढ़ रहा है? या फिर कंग अपने क्षेत्र के मुद्दों को उठाकर जनता में अपनी छवि मजबूत कर रहे हैं?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कंग का यह रुख उनके किसान पृष्ठभूमि और जमीनी राजनीति से जुड़ा है। वे चुनावी फायदे से ज्यादा अपने क्षेत्र के लोगों के सवालों को तरजीह देते हैं। लेकिन यह AAP नेतृत्व के लिए चिंता का विषय भी है।
मुख्य बातें (Key Points)
- AAP सांसद Malvinder Singh Kang ने GMADA को भ्रिष्टाचार का अड्डा बताया
- मोहाली के सैणी माजरा में चुनिंदा तोड़फोड़ का आरोप
- रिश्वत देने वालों की दुकानें बची, न देने वालों की तोड़ी गईं
- गुरुवार को विरोध प्रदर्शन का ऐलान
- यह पहली बार नहीं: कंग लगातार अपनी सरकार को घेरते रहे हैं
- 2020 में कृषि कानूनों के विरोध में BJP से इस्तीफा दिया था
- GMADA Chief Administrator संदीप रिशी को लगाई फटकार













