Punjab DA Case High Court Notice का इंतजार कर रहे मुलाजिमों और पेंशनरों के लिए बड़ी अपडेट आई है। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने सूबे के सरकारी मुलाजिमों का महंगाई भत्ता (डी.ए.) जारी न किए जाने से जुड़े अदालती हुक्म अदूली मामले में नोटिस ऑफ मोशन जारी कर दिया है।
यह याचिका पेंशनरों की तरफ से दायर की गई थी। हाईकोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख 27 अक्टूबर तय कर दी है।
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‘कौन-सा केस, किस पर बना है धिर’
यह मामला सी.ओ.सी.पी. (COCP) नंबर 4013/2026 ‘निर्मल सिंह धनोआ बनाम के.ए.पी. सिन्हा’ के नाम से दर्ज है। नाम से ही साफ है कि सवाल सीधे प्रशासन के सबसे ऊपरी स्तर तक पहुंचा है।
इस याचिका में पंजाब के मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा को धिर (पार्टी) बनाया गया है।
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‘तारीखों का पूरा सफर एक नजर में’
| ब्योरा | जानकारी |
|---|---|
| COCP नंबर | 4013/2026 |
| केस का नाम | निर्मल सिंह धनोआ बनाम के.ए.पी. सिन्हा |
| मूल केस | एल.पी.ए. (LPA) नंबर 1437/2026 |
| याचिका दायर | 3 अगस्त 2026 |
| हाईकोर्ट का कदम | नोटिस ऑफ मोशन जारी |
| अगली सुनवाई | 27 अक्टूबर |
बताने वाली बात है कि यह सी.ओ.सी.पी. हाईकोर्ट में 3 अगस्त 2026 को एल.पी.ए. नंबर 1437/2026 में महंगाई भत्ता जारी किए जाने संबंधी हुक्मों की पालना न करने के संबंध में दायर की गई थी।
’21 अगस्त की उम्मीद और फिर मायूसी’
हालांकि मुलाजिमों और पेंशनरों को आज 21 अगस्त को हाईकोर्ट से कोई सख्त हुक्म जारी होने की पूरी उम्मीद थी। मगर फिलहाल यह केस अब 27 अक्टूबर पर जा पड़ा है।
यह जानकारी पेंशनर आगू डॉ. एन.के. कलसी, शाम लाल शर्मा और गुरबख्श सिंह ने दी।
अगर गौर करें, तो यहीं सबसे बड़ी बात छिपी है : उम्मीद खत्म नहीं हुई, बस तारीख आगे सरक गई।
‘आम मुलाजिम की जेब पर असर’
डी.ए. सिर्फ एक तकनीकी शब्द नहीं है। यह सीधे रसोई, बच्चों की फीस और दवाओं के खर्च से जुड़ा हिसाब है।
समझने वाली बात है कि जब तक अदालती प्रक्रिया चलती रहेगी, हर महीने का इंतजार उन पेंशनरों के लिए भारी पड़ता रहेगा, जिनकी आमदनी का यही एकमात्र सहारा है।
‘इससे साफ क्या होता है’
नोटिस ऑफ मोशन जारी होने का मतलब है कि अदालत ने मामले को खारिज नहीं किया, बल्कि दूसरे पक्ष से जवाब मांगने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह पेंशनरों के लिए उम्मीद की किरण है।
वहीं दूसरी ओर, सुनवाई की तारीख दो महीने आगे जाने से यह भी दिखता है कि राहत तुरंत मिलने की संभावना कम है।
‘जानें पूरा मामला’
पंजाब के सरकारी मुलाजिमों और पेंशनरों का महंगाई भत्ता जारी न होने का मुद्दा अदालत तक पहुंचा। एल.पी.ए. नंबर 1437/2026 में महंगाई भत्ता जारी करने के हुक्म हुए थे, लेकिन पालना न होने पर 3 अगस्त 2026 को अवमानना याचिका (COCP 4013/2026) दायर की गई, जिसमें मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा को धिर बनाया गया। अब हाईकोर्ट ने नोटिस ऑफ मोशन जारी करते हुए सुनवाई 27 अक्टूबर तय की है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने डी.ए. अवमानना केस में नोटिस ऑफ मोशन जारी किया।
- केस COCP 4013/2026, ‘निर्मल सिंह धनोआ बनाम के.ए.पी. सिन्हा’ के नाम से दर्ज।
- मूल आदेश एल.पी.ए. 1437/2026 का, याचिका 3 अगस्त 2026 को दायर हुई थी।
- अगली सुनवाई 27 अक्टूबर, 21 अगस्त को सख्त हुक्म की उम्मीद पूरी नहीं हुई।













