Punjab Power Distribution Modernization – पंजाब की बिजली वितरण प्रणाली में ऐतिहासिक बदलाव आ रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने रीवैंप्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (RDSS) के तहत लगभग 5,000 करोड़ रुपये के कार्य शुरू किए हैं।
बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने आज बताया कि इस व्यापक अभियान से पूरे प्रदेश में उपभोक्ताओं को विश्वसनीय, गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
देखा जाए तो सबसे बड़ी बात यह है कि मई माह से किसानों को 8 घंटे से अधिक निर्बाध बिजली मिल रही है।
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5,000 करोड़ का निवेश कहां जा रहा?
समझने वाली बात यह है कि यह राशि पूरे पंजाब में बिजली वितरण नेटवर्क को अपग्रेड करने के लिए सुचारू रूप से उपयोग की जा रही है।
RDSS योजना के तहत मुख्य कार्य:
| कार्य | संख्या/विवरण |
|---|---|
| नए 11 KV फीडर लगाए गए | 1,296 |
| नए डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर | 1,12,195 |
| 66 KV लाइनों का विस्तार/अपग्रेडेशन | 663 सर्किट किमी |
| नई 66 KV ट्रांसमिशन लाइनें | 355 सर्किट किमी |
| कुल निवेश | ₹5,000 करोड़ |
1.12 लाख ट्रांसफॉर्मर: बड़ा बदलाव
यहां ध्यान देने वाली बात है कि 1,12,195 नए डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर लगाए गए हैं।
क्यों जरूरी थे इतने ट्रांसफॉर्मर?
- बिजली वितरण नेटवर्क को मजबूत करने के लिए
- ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए
- ओवरलोडिंग से बचाव के लिए
- बेहतर वोल्टेज नियंत्रण के लिए
अगर गौर करें तो यह संख्या बहुत बड़ी है। इससे पूरे पंजाब में बिजली की सप्लाई बेहतर हुई है।
किसानों को 8 घंटे से अधिक बिजली
दिलचस्प बात यह है कि बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने स्पष्ट रूप से कहा:
“मई माह से किसानों को 8 घंटे से अधिक निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।”
किसानों के लिए क्यों जरूरी?
- ट्यूबवेल चलाने के लिए
- फसलों की सिंचाई के लिए
- खेती के अन्य कार्यों के लिए
- निर्धारित समय पर बिजली मिलना
समझने वाली बात यह है कि पंजाब कृषि प्रधान राज्य है। किसानों के लिए नियमित बिजली जीवनरेखा है।
बठिंडा क्षेत्र में विशेष कार्य
यहां ध्यान देने वाली बात है कि विधायक बलकार सिंह सिद्धू द्वारा लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर बिजली मंत्री ने बठिंडा क्षेत्र में चल रहे कार्यों का विस्तृत विवरण दिया।
फूल और भाई रूपा सब-स्टेशन का अपग्रेडेशन:
वर्तमान स्थिति:
- 66 KV फूल और भाई रूपा सब-स्टेशन को बिजली आपूर्ति
- 220 KV गुरु हरगोबिंद थर्मल प्लांट, लहरा मुहब्बत से लाइन
- मौजूदा लाइन पर बोझ अधिक था
समाधान:
- 220 KV गुरु हरगोबिंद थर्मल प्लांट से 66 KV फूल सब-स्टेशन तक नई समर्पित लाइन
- कुल लंबाई: 13.2 सर्किट किलोमीटर
- पूर्ण हुआ: 11.08 सर्किट किमी
- शेष कार्य शीघ्र पूरा होगा
शेष कार्य में शामिल:
- 8 ट्रांसमिशन टावरों को बदलना
- 220 KV लाइनों वाले 4 क्रॉसिंग ढांचों की ऊंचाई बढ़ाना
- सुरक्षा मानकों को बनाए रखना
अंतरिम प्रबंध से किसानों को राहत
अगर गौर करें तो सरकार ने तुरंत राहत के लिए अंतरिम उपाय भी किए।
PSPCL द्वारा उठाए गए कदम:
- 66 KV भाई रूपा, महराज और फूल सब-स्टेशनों के बीच लोड को संतुलित किया
- अस्थायी रूप से लोड शेयरिंग की व्यवस्था
- मई माह से किसानों को प्रतिदिन 8 घंटे से अधिक निर्बाध बिजली
नेटवर्क विश्वसनीयता में सुधार
समझने वाली बात यह है कि 1,296 नए 11 KV फीडर लगाए गए हैं।
फीडर क्यों जरूरी?
- नेटवर्क की विश्वसनीयता बढ़ती है
- मौजूदा सिस्टम पर ओवरलोडिंग कम होती है
- बिजली कटौती की समस्या कम होती है
- बेहतर वितरण सुनिश्चित होता है
66 KV ट्रांसमिशन नेटवर्क मजबूत
यहां ध्यान देने वाली बात है कि ट्रांसमिशन नेटवर्क को भी काफी मजबूत किया गया है:
| कार्य | विवरण |
|---|---|
| 66 KV लाइनों का विस्तार | 663 सर्किट किमी |
| नई 66 KV लाइनें | 355 सर्किट किमी |
| परिणाम | सिस्टम क्षमता और संचालन कुशलता में वृद्धि |
सरकार की प्रतिबद्धता
बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने कहा:
“बुनियादी ढांचे के चल रहे विकास कार्य कृषि, उद्योग, व्यापार और घरेलू उपभोक्ताओं की बढ़ती जरूरतों को पूरा करते हुए प्रदेश में बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता, कुशलता और गुणवत्ता में बड़ा सुधार करेंगे।”
दिलचस्प बात यह है कि सरकार हर वर्ग के उपभोक्ताओं का ध्यान रख रही है:
- किसानों के लिए 8+ घंटे बिजली
- घरेलू उपभोक्ताओं के लिए निर्बाध सप्लाई
- उद्योगों के लिए गुणवत्तापूर्ण बिजली
- व्यापारियों के लिए बेहतर वोल्टेज
मुख्य बातें (Key Points)
- RDSS योजना के तहत 5,000 करोड़ रुपये का निवेश
- 1,296 नए 11 KV फीडर लगाए गए
- 1,12,195 नए डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर स्थापित
- 663 सर्किट किमी 66 KV लाइनों का विस्तार/अपग्रेडेशन
- 355 सर्किट किमी नई 66 KV ट्रांसमिशन लाइनें
- मई से किसानों को 8 घंटे से अधिक निर्बाध बिजली
- फूल-भाई रूपा में 13.2 किमी की नई समर्पित लाइन
- 11.08 किमी कार्य पूर्ण, शेष शीघ्र होगा
- लोड संतुलन के लिए अंतरिम प्रबंध
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