IMD Heavy Rainfall Alert August में भारत मौसम विभाग ने उत्तर-पूर्व और पूर्वी भारत के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है। देखा जाए तो अगले 7 दिनों तक इन इलाकों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना है। विशेष रूप से अरुणाचल प्रदेश में 3 अगस्त को और असम-मेघालय में 4-5 अगस्त को अत्यधिक भारी वर्षा (≥21 सेमी) हो सकती है। सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी 4 अगस्त को इतनी ही भारी बारिश का अनुमान है।
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पिछले 24 घंटे में कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में (3 अगस्त की सुबह 8:30 तक):
अत्यधिक भारी वर्षा (≥21 सेमी):
- सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल: अलीपुरद्वार 22 सेमी
- कोंकण: माथेरान (रायगढ़) 23 सेमी
बहुत भारी वर्षा (12-20 सेमी):
- उत्तराखंड: हरिपुर 12 सेमी
- पश्चिम राजस्थान: जैतारण (पाली) 16 सेमी
- मध्य महाराष्ट्र: तामिनी-मुलशी (पुणे) 20 सेमी
- केरल: पीरमेड (इडुक्की) 15 सेमी
- तटीय कर्नाटक: जोईदा (उत्तर कन्नड़) 15 सेमी
अगर गौर करें तो पिछले 24 घंटों में देश के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई है, जो मानसून की सक्रियता को दर्शाती है।
मौसम प्रणालियां जो बारिश ला रही हैं
मौसम विभाग ने बताया कि निम्नलिखित मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं:
- मानसून ट्रफ (Monsoon Trough) का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण में और पूर्वी सिरा उत्तर में स्थित है
- उत्तर-पूर्व राजस्थान में निचले स्तर पर चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation)
- सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल में ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण
- जम्मू डिवीजन में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance)
- उत्तर-पूर्व असम में ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि जब इतनी सारी मौसम प्रणालियां एक साथ सक्रिय होती हैं, तो भारी वर्षा की संभावना बहुत बढ़ जाती है।
राज्यवार वर्षा का पूर्वानुमान
उत्तर-पूर्व भारत:
- अरुणाचल प्रदेश: 3 अगस्त को अत्यधिक भारी वर्षा (≥21 सेमी)
- असम-मेघालय: 4-5 अगस्त को अत्यधिक भारी वर्षा
- नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा: 3-9 अगस्त तक भारी वर्षा जारी
पूर्वी भारत:
- सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: 4 अगस्त को अत्यधिक भारी वर्षा
- बिहार: 3-4 अगस्त को बहुत भारी वर्षा
- झारखंड: 4-7 अगस्त तक भारी वर्षा
- ओडिशा: 3-9 अगस्त तक भारी वर्षा
उत्तर-पश्चिम भारत:
- उत्तराखंड: 3 अगस्त को बहुत भारी वर्षा, 4-9 अगस्त तक भारी वर्षा जारी
- हिमाचल प्रदेश: 3-9 अगस्त तक भारी वर्षा
- जम्मू-कश्मीर-लद्दाख: 3-7 अगस्त तक भारी वर्षा
दक्षिण भारत:
- केरल और माहे: 3-4 अगस्त और 6-9 अगस्त तक भारी वर्षा
- तटीय कर्नाटक: 4-9 अगस्त तक भारी वर्षा
समझने वाली बात यह है कि लगभग पूरे देश में मानसून सक्रिय है और अगले एक सप्ताह तक बारिश जारी रहेगी।
मछुआरों के लिए चेतावनी
मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है:
अरब सागर:
- सोमालिया, ओमान तट के साथ
- पश्चिम-मध्य और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के अधिकांश हिस्सों में 8 अगस्त तक
- कर्नाटक, केरल तट, लक्षद्वीप क्षेत्र और कोमोरिन क्षेत्र में 3-5 अगस्त तक
बंगाल की खाड़ी:
- अंडमान सागर और दक्षिण श्रीलंका तट 3-8 अगस्त तक
- दक्षिण बंगाल की खाड़ी 4-8 अगस्त तक
- मध्य बंगाल की खाड़ी 7 अगस्त को
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि समुद्र में तेज हवाएं और ऊंची लहरें हो सकती हैं, जो मछुआरों के लिए खतरनाक हैं।
दिल्ली-NCR के लिए मौसम पूर्वानुमान
3 अगस्त: आम तौर पर बादल छाए रहेंगे। दोपहर से शाम तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना। अधिकतम तापमान 34-36°C।
4 अगस्त: आम तौर पर बादल छाए रहेंगे। सुबह से दोपहर तक हल्की से मध्यम बारिश। शाम/रात को फिर बारिश। अधिकतम तापमान 31-33°C, न्यूनतम 23-25°C।
5 अगस्त: सुबह से दोपहर तक हल्की बारिश। शाम को फिर बारिश। अधिकतम तापमान 32-34°C।
6 अगस्त: हल्की बारिश जारी। अधिकतम तापमान 31-33°C।
दिल्लीवासियों को राहत मिलेगी क्योंकि बारिश से गर्मी और उमस कम होगी।
फ्लैश फ्लड (आकस्मिक बाढ़) का खतरा
मौसम विभाग ने कई राज्यों में फ्लैश फ्लड का अलर्ट जारी किया है:
मध्यम से उच्च जोखिम:
- सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: पूर्वी सिक्किम, उत्तर सिक्किम, दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, कोचबिहार
निम्न से मध्यम जोखिम:
- अरुणाचल प्रदेश: चांगलांग, दिबांग घाटी, पूर्वी कामेंग, लोअर सुबनसिरी आदि जिले
- असम: काछार, दारंग, गोलाघाट, जोरहाट, कामरूप मेट्रो आदि
- मेघालय: पूर्वी खासी हिल्स, पश्चिम खासी हिल्स, जयंतिया हिल्स
- उत्तराखंड: अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, देहरादून, पिथौरागढ़ आदि
- जम्मू-कश्मीर-लद्दाख: अनंतनाग, बांदीपोर, बारामूला, डोडा, गंदरवल आदि
समझने वाली बात यह है कि फ्लैश फ्लड अचानक आती है और जानमाल का नुकसान करती है। पहाड़ी और संतृप्त मिट्टी वाले इलाकों में विशेष सावधानी जरूरी है।
संभावित प्रभाव और सुझाव
संभावित प्रभाव:
- पेड़ों की टहनियां टूट सकती हैं, छोटे पेड़ उखड़ सकते हैं
- कच्चे मकानों, दीवारों और सड़कों को नुकसान
- भूस्खलन, मिट्टी धंसना, जलभराव और बाढ़
- सड़क और रेल यातायात प्रभावित
- दृश्यता में कमी
- हेलीकॉप्टर सेवाएं प्रभावित
सुझाव:
- मौसम पर नजर रखें, सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहें
- पेड़ों के नीचे आश्रय न लें (बिजली गिरने का खतरा)
- बिजली के उपकरण अनप्लग करें
- पानी के स्रोतों से दूर रहें
- पर्यटन और मनोरंजक गतिविधियों को नियंत्रित करें
- तटीय और अपतटीय गतिविधियां विवेकपूर्ण ढंग से नियंत्रित करें
कृषि पर प्रभाव और सुझाव
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है:
- धान, मक्का, सोयाबीन आदि फसलों में उचित जल निकासी सुनिश्चित करें
- फलों के बागों में लंबे समय तक जलभराव से बचें
- केला, सब्जियां और अन्य कमजोर फसलों को सहारा दें
- परिपक्व सब्जियों की तुरंत कटाई करें और सुरक्षित स्थान पर रखें
- उर्वरक और कीटनाशकों का छिड़काव स्थगित करें
पशुधन/मुर्गीपालन/मत्स्य पालन:
- भारी बारिश के दौरान जानवरों को शेड के अंदर रखें
- चारा और फ़ीड को सुरक्षित स्थान पर रखें
- तालाबों के चारों ओर उचित जाली के साथ आउटलेट बनाएं ताकि मछलियां भाग न सकें
मुख्य बातें (Key Points)
- अरुणाचल प्रदेश में 3 अगस्त, असम-मेघालय में 4-5 अगस्त को अत्यधिक भारी वर्षा
- सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम में 4 अगस्त को 21 सेमी से अधिक बारिश संभव
- अगले 7 दिनों तक उत्तर-पूर्व और पूर्वी भारत में भारी वर्षा जारी
- मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी, फ्लैश फ्लड का खतरा













