IMD Weather Alert 31 July 2026 के तहत भारतीय मौसम विभाग (India Meteorological Department) ने महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना और विदर्भ के लिए रेड अलर्ट जारी कर दिया है। 30 जुलाई को दोपहर 2:10 बजे जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, पश्चिम-मध्य छत्तीसगढ़ और आसपास के विदर्भ तथा दक्षिण-पूर्व मध्य प्रदेश पर Deep Depression (गहरा अवदाब) सक्रिय है।
देखा जाए तो यह मौसम प्रणाली अगले 3-4 दिनों में उत्तर-पश्चिम और पश्चिम-मध्य भारत में सामान्य से अधिक वर्षा ला सकती है। कई जगहों पर 21 सेमी से अधिक अति भारी वर्षा (Extremely Heavy Rainfall) की संभावना है।
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पिछले 24 घंटे में कहाँ हुई सबसे ज्यादा बारिश?
आज सुबह 8:30 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार:
अति भारी वर्षा (≥21 cm):
- छत्तीसगढ़: बीजापुर में 22 सेमी
बहुत भारी वर्षा (12-20 cm):
- उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, विदर्भ, ओडिशा और तेलंगाना में
भारी वर्षा (7-11 cm):
- राजस्थान, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में
समझने वाली बात यह है कि छत्तीसगढ़ के बीजापुर में एक ही दिन में 22 सेमी बारिश का मतलब है लगभग 9 इंच पानी, जो बहुत गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है।
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Deep Depression की वर्तमान स्थिति और भविष्य की चाल
आज सुबह 8:30 बजे यह Deep Depression पश्चिम-मध्य छत्तीसगढ़ और आसपास के विदर्भ तथा दक्षिण-पूर्व मध्य प्रदेश के ऊपर स्थित था। IMD के अनुसार:
- अगले 12 घंटों में यह छत्तीसगढ़ से पश्चिम की ओर बढ़ते हुए धीरे-धीरे कमजोर होकर Depression (अवदाब) में बदल जाएगा
- इसके बाद अगले 24 घंटों में यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में विदर्भ और दक्षिण मध्य प्रदेश से होते हुए आगे बढ़ेगा
दिलचस्प बात यह है कि मानसून की परत अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण में सक्रिय है, जो भारी बारिश के लिए अनुकूल स्थिति बना रही है।
31 जुलाई और 1 अगस्त के लिए रेड अलर्ट (Extremely Heavy Rainfall)
IMD ने निम्नलिखित क्षेत्रों के लिए अति भारी वर्षा की चेतावनी दी है:
30-31 जुलाई:
- मध्य महाराष्ट्र: दोनों दिन 21 सेमी से अधिक वर्षा संभव
- मराठवाड़ा: 30 जुलाई को
- तेलंगाना: 30 जुलाई को
- विदर्भ: 30 जुलाई को
31 जुलाई – 1 अगस्त:
- गुजरात क्षेत्र: दोनों दिन अति भारी वर्षा
- 31 जुलाई को असाधारण रूप से भारी वर्षा (≥30 cm) की संभावना
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि गुजरात में 31 जुलाई को 30 सेमी से अधिक यानी करीब 12 इंच बारिश हो सकती है, जो बेहद खतरनाक स्थिति है।
उत्तर-पश्चिम भारत के लिए मौसम पूर्वानुमान
हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और उत्तराखंड:
- 30 जुलाई से 5 अगस्त तक व्यापक वर्षा
- गरज-चमक के साथ 30-40 किमी/घंटा तेज हवाएं
- 30 जुलाई को हिमाचल और उत्तराखंड में बहुत भारी वर्षा
पंजाब, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली:
- 30 जुलाई से 4 अगस्त तक व्यापक वर्षा
- 30 जुलाई से 3 अगस्त तक हरियाणा-दिल्ली में भारी वर्षा संभव
अगर गौर करें तो पंजाब में 1-3 अगस्त के बीच भारी वर्षा होगी। 30-31 जुलाई को बहुत भारी वर्षा भी हो सकती है।
उत्तर प्रदेश:
- पश्चिम UP: 3-5 अगस्त तक व्यापक वर्षा, 30 जुलाई को भारी वर्षा
- पूर्वी UP: 2-5 अगस्त तक वर्षा, 3-5 अगस्त को भारी वर्षा
राजस्थान:
- पूर्वी राजस्थान: 1-5 अगस्त को भारी वर्षा, 30-31 जुलाई को बहुत भारी वर्षा
- पश्चिम राजस्थान: 1-3 अगस्त को वर्षा
मध्य भारत के लिए चेतावनी
मध्य प्रदेश:
- पश्चिम MP: 30 जुलाई – 1 अगस्त तक व्यापक वर्षा, 30-31 जुलाई को बहुत भारी वर्षा
- पूर्वी MP: 30 जुलाई – 5 अगस्त तक वर्षा, 30-31 जुलाई को भारी वर्षा
विदर्भ:
- 30-31 जुलाई और 5 अगस्त को व्यापक वर्षा
- 30 जुलाई को अति भारी वर्षा की चेतावनी
छत्तीसगढ़:
- 30-31 जुलाई और 2-5 अगस्त को व्यापक वर्षा
- 30 जुलाई और 2-5 अगस्त को भारी वर्षा
समझने वाली बात यह है कि मध्य भारत में यह मौसम प्रणाली धीरे-धीरे पश्चिम की ओर बढ़ते हुए कमजोर होगी लेकिन रास्ते में भारी नुकसान कर सकती है।
पश्चिम भारत – महाराष्ट्र और गुजरात अलर्ट पर
कोंकण और गोवा:
- 30 जुलाई – 5 अगस्त तक व्यापक वर्षा
- 1-3 अगस्त को भारी वर्षा
- 30-31 जुलाई को बहुत भारी वर्षा
मध्य महाराष्ट्र:
- 30 जुलाई – 1 अगस्त तक व्यापक वर्षा
- 30 जुलाई – 3 अगस्त को भारी से बहुत भारी वर्षा
- 30-31 जुलाई को अति भारी वर्षा (रेड अलर्ट)
मराठवाड़ा:
- 30-31 जुलाई को वर्षा
- 30 जुलाई को अति भारी वर्षा
गुजरात क्षेत्र:
- 30 जुलाई – 2 अगस्त तक व्यापक वर्षा
- 30 जुलाई को बहुत भारी वर्षा
- 31 जुलाई और 1 अगस्त को अति भारी वर्षा
- 31 जुलाई को असाधारण रूप से भारी वर्षा (≥30 cm) संभव
दिलचस्प बात यह है कि गुजरात के लिए सबसे गंभीर चेतावनी है क्योंकि 31 जुलाई को एक फुट तक बारिश हो सकती है।
पूर्वी भारत के लिए पूर्वानुमान
बिहार:
- 31 जुलाई – 5 अगस्त तक व्यापक वर्षा और भारी वर्षा
झारखंड:
- 30 जुलाई और 1-5 अगस्त को वर्षा
ओडिशा:
- 2-5 अगस्त को व्यापक वर्षा और भारी वर्षा
पश्चिम बंगाल:
- सब-हिमालयन क्षेत्र: 30 जुलाई – 5 अगस्त तक व्यापक वर्षा, 30 जुलाई और 2-4 अगस्त को बहुत भारी वर्षा
- गंगीय पश्चिम बंगाल: 30-31 जुलाई और 2-5 अगस्त को वर्षा
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल यानी दार्जिलिंग, कलिम्पोंग आदि पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश से भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है।
पूर्वोत्तर भारत के लिए चेतावनी
अरुणाचल प्रदेश:
- 30 जुलाई – 2 अगस्त तक व्यापक वर्षा
- 30-31 जुलाई को बहुत भारी वर्षा
- 1-5 अगस्त को भारी वर्षा
असम और मेघालय:
- 30 जुलाई – 4 अगस्त तक व्यापक वर्षा
- 30 जुलाई को बहुत भारी वर्षा
- 31 जुलाई – 5 अगस्त को भारी वर्षा
नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा:
- 30-31 जुलाई और 3-5 अगस्त को व्यापक वर्षा
- 30 जुलाई – 5 अगस्त को भारी वर्षा
समझने वाली बात यह है कि पूर्वोत्तर में पहाड़ी इलाके हैं जहां भारी बारिश जानलेवा हो सकती है।
दक्षिण भारत के लिए मौसम अपडेट
तेलंगाना:
- 30-31 जुलाई को व्यापक वर्षा
- 30 जुलाई को अति भारी वर्षा (रेड अलर्ट)
- 1-5 अगस्त को छिटपुट वर्षा
कर्नाटक:
- तटीय कर्नाटक: 30 जुलाई – 5 अगस्त तक व्यापक वर्षा, 30 जुलाई – 1 अगस्त को बहुत भारी वर्षा
- दक्षिण आंतरिक कर्नाटक: 30 जुलाई – 1 अगस्त को बहुत भारी वर्षा
- उत्तर आंतरिक कर्नाटक: 30-31 जुलाई को बहुत भारी वर्षा
केरल और माहे:
- 30 जुलाई – 5 अगस्त तक व्यापक वर्षा
- 30 जुलाई – 1 अगस्त को बहुत भारी वर्षा
तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश:
- छिटपुट वर्षा
दिलचस्प बात यह है कि दक्षिण भारत में पश्चिमी तट (कर्नाटक, केरल) पर अधिक बारिश होगी जबकि पूर्वी तट (तमिलनाडु, आंध्र) अपेक्षाकृत सूखा रहेगा।
हवा की चेतावनी और मछुआरों के लिए सलाह
हवा की गति:
- पश्चिम-मध्य छत्तीसगढ़ और आसपास के विदर्भ तथा दक्षिण-पूर्व मध्य प्रदेश में 31 जुलाई सुबह तक 45-55 किमी/घंटा की गति से हवाएं, जो 65 किमी/घंटा तक पहुंच सकती हैं
मछुआरों के लिए चेतावनी – समुद्र में न जाएं:
अगर गौर करें तो निम्नलिखित क्षेत्रों में मछुआरों को समुद्र में जाने से मना किया गया है:
अरब सागर:
- सोमालिया, ओमान तट के साथ: 4 अगस्त तक
- दक्षिण गुजरात, कोंकण और गोवा: 1 अगस्त तक
- संपूर्ण गुजरात तट: 1-3 अगस्त
- कर्नाटक, केरल तट, लक्षद्वीप: 3 अगस्त तक
- कोमोरिन क्षेत्र: 4 अगस्त तक
बंगाल की खाड़ी:
- उत्तर आंध्र प्रदेश, दक्षिण ओडिशा तट: 31 जुलाई तक
- मन्नार की खाड़ी: 4 अगस्त तक
- अंडमान सागर: 3 अगस्त को
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि समुद्र में ऊंची लहरें (6-14 मीटर तक) और तेज हवाएं जानलेवा हो सकती हैं।
दिल्ली-NCR के लिए मौसम पूर्वानुमान (30 जुलाई – 2 अगस्त)
30 जुलाई:
- आम तौर पर बादल छाए रहेंगे
- दोपहर से शाम के बीच हल्की से मध्यम बारिश, कुछ जगह तेज बारिश
- रात में भी बारिश की संभावना
- अधिकतम तापमान: 32-34°C
- हवा: दक्षिण-पूर्व दिशा से 15-20 किमी/घंटा
31 जुलाई:
- बादल छाए रहेंगे
- दोपहर/शाम को हल्की बारिश संभव
- अधिकतम: 33-35°C, न्यूनतम: 25-27°C
1 अगस्त:
- सुबह से दोपहर तक हल्की से मध्यम बारिश
- अधिकतम: 32-34°C, न्यूनतम: 24-26°C
2 अगस्त:
- सुबह और शाम को बारिश
- अधिकतम: 32-34°C, न्यूनतम: 24-26°C
समझने वाली बात यह है कि दिल्ली-NCR में अगले 3-4 दिन बारिश का मौसम रहेगा जो गर्मी से राहत देगा लेकिन जलभराव की समस्या भी पैदा कर सकता है।
संभावित प्रभाव और सावधानियां
अपेक्षित प्रभाव:
- पेड़ों की टूटी शाखाएं, केले-पपीते जैसे छोटे पेड़ उखड़ सकते हैं
- कच्चे मकानों, दीवारों, झोपड़ियों को नुकसान
- सड़क और रेल यातायात प्रभावित
- निचले इलाकों में जलभराव, बाढ़
- भूस्खलन, मिट्टी का धंसना
- हेलीकॉप्टर सेवाएं प्रभावित
सुझाई गई सावधानियां:
- मौसम पर नजर रखें और सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहें
- पेड़ों के नीचे शरण न लें (बिजली गिरने का खतरा)
- बिजली गिरने की आशंका हो तो तुरंत इलेक्ट्रिकल उपकरण बंद करें
- पानी के तालाबों से बाहर निकलें
- पर्यटन और मनोरंजक गतिविधियां नियंत्रित करें
- तटीय और अपतटीय गतिविधियां सावधानी से करें
दिलचस्प बात यह है कि यह सामान्य सलाह नहीं बल्कि जीवन बचाने वाली चेतावनियां हैं।
किसानों के लिए एग्रो-मेट सलाह
महाराष्ट्र (कोंकण और मराठवाड़ा):
- हल्दी, मूंगफली, धान, बाजरा और सब्जियों के खेतों में उचित जल निकासी बनाए रखें
- निचले इलाकों से अतिरिक्त पानी निकालें
- लंबे समय तक जलभराव को रोकें
गुजरात:
- धान, कपास, बाजरा, सोयाबीन और सब्जी के खेतों से अतिरिक्त पानी निकालें
- लंबी फसलों (केला, पपीता, गन्ना) को मजबूत बांस का सहारा दें
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़:
- सोयाबीन, मक्का, दालों और सब्जियों में उचित जल निकासी सुनिश्चित करें
- बुवाई, सिंचाई और उर्वरक का काम टालें
पंजाब और हरियाणा:
- धान, मक्का, कपास और मूंगफली के खेतों में प्रभावी जल निकासी बनाए रखें
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि किसानों को खड़ी फसल को बचाने के लिए तुरंत कार्रवाई करनी होगी।
पशुपालन और मत्स्यपालन सलाह
- भारी बारिश के दौरान पशुओं को शेड के अंदर रखें
- चारा और फीड को सुरक्षित जगह पर स्टोर करें
- गर्मी वाले क्षेत्रों में पशुओं को साफ, ठंडा पानी दें
- तालाबों के चारों ओर जाली के साथ आउटलेट बनाएं ताकि मछली बाहर न निकले
फ्लैश फ्लड का खतरा
31 जुलाई सुबह 11:30 बजे तक निम्नलिखित जिलों में Low to Moderate Flash Flood Risk:
राजस्थान: डूंगरपुर, प्रतापगढ़, उदयपुर, बांसवाड़ा, झालावाड़
मध्य प्रदेश: छिंदवाड़ा, सिवनी, बैतूल, भोपाल, रायसेन, खरगोन, बड़वानी, धार, इंदौर, उज्जैन
विदर्भ: अकोला, बुलढाणा, अमरावती, वर्धा, नागपुर, चंद्रपुर, गडचिरोली
गुजरात: खेड़ा, आनंद, पंचमहल, दाहोद, वडोदरा, नर्मदा
महाराष्ट्र: नंदुरबार, धुले, जलगांव, नासिक
समझने वाली बात यह है कि Flash Flood यानी अचानक आई बाढ़ सबसे खतरनाक होती है क्योंकि इसमें बचने का समय नहीं मिलता।
महत्वपूर्ण लिंक्स
- राष्ट्रीय मौसम बुलेटिन: https://mausam.imd.gov.in/responsive/all_india_forcast_bulletin.php
- जिलावार चेतावनी: https://mausam.imd.gov.in/responsive/districtWiseWarningGIS.php
- मछुआरों के लिए चेतावनी: https://rsmcnewdelhi.imd.gov.in/fishermenwarning.php












