Sonam Wangchuk Hunger Strike Health Update: लंबे समय से अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। अब उनकी तबीयत कैसी है, यह हर कोई जानना चाहता है। वहीं दूसरी तरफ, सीजेपी के इस प्रदर्शन में बेकाबू हुई भीड़ ने कनॉट प्लेस और पार्लियामेंट स्ट्रीट इलाके में जमकर उत्पात मचाया, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने अब ताबड़तोड़ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
🔍 यह भी पढ़ें- सोनम वांगचुक की सेहत बिगड़ी: Sonam Wangchuk Hospitalised, दिल्ली पुलिस ने जबरन अस्पताल भेजा
सोनम वांगचुक की सेहत पर गंभीर चिंता
सबसे पहले बात कर लेते हैं सोनम वांगचुक की। सीजेपी के समर्थन में लंबे समय से जारी अनशन की वजह से उनकी सेहत पर असर पड़ा। जिसके बाद उन्हें सफदरजंग अस्पताल में दाखिल कराया गया।
21 जुलाई की सुबह अस्पताल ने उनका हेल्थ बुलेटिन जारी किया। डॉक्टरों ने बताया कि उनके मुख्य जीवन रक्षक मानक यानी वाइटल पैरामीटर्स फिलहाल स्थिर हैं। लेकिन चिंता की बात यह है कि उनकी ब्लड शुगर का स्तर अभी भी सामान्य से कम बना हुआ है।
अस्पताल की रिपोर्ट के मुताबिक उनके रक्त परीक्षण में पोटेशियम का स्तर 3.2 mEq/L दर्ज हुआ है। इसके अलावा उनमें पैनसाइटोपीनिया के लक्षण लगातार बने हुए हैं।
🔍 यह भी पढ़ें- Sonam Wangchuk की रिहाई के बाद भी नहीं थमेगा Ladakh आंदोलन, 16 मार्च को बड़ा प्रदर्शन
क्या है पैनसाइटोपीनिया?
अब आम भाषा में समझते हैं कि पैनसाइटोपीनिया क्या है। जब हमारे शरीर के खून में तीनों मुख्य कोशिकाएं – रेड ब्लड सेल्स, व्हाइट ब्लड सेल्स और प्लेटलेट्स घट जाती हैं, तो उसे पैनसाइटोपीनिया कहते हैं।
सोनम वांगचुक में एनीमिया यानी खून की कमी और ल्यूकोसाइट्स यानी सफेद रक्त कोशिकाओं की कमी पाई गई है। इसी वजह से डॉक्टरों का कहना है कि उनकी लगातार जांच और निगरानी बहुत जरूरी है।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि सोनम वांगचुक को फिलहाल ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन और मुंह से पोटेशियम सप्लीमेंट दिए जा रहे हैं।
🔍 यह भी पढ़ें- Sonam Wangchuk Hunger Strike: हाई कोर्ट सख्त, केंद्र से मांगा जवाब
IV फ्लूइड्स लेने से किया इनकार
लेकिन डॉक्टरों की बार-बार सलाह के बावजूद उन्होंने नसों के जरिए दिए जाने वाले तरल पदार्थ यानी IV फ्लूइड्स और ग्लूकोज लेने से साफ इनकार कर दिया।
दिलचस्प बात यह है कि लंबे उपवास की वजह से उन्हें हल्के से मध्यम स्तर का निर्जलीकरण यानी डिहाइड्रेशन है। किसी भी मुश्किल से बचने के लिए सफदरजंग अस्पताल और एम्स के विशेषज्ञों की एक संयुक्त बहु-विषयक यानी मल्टी डिसिप्लिनरी टीम उनकी 24 घंटे क्लीनिकल मॉनिटरिंग कर रही है।
समझने वाली बात यह है कि सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल अब 24वें दिन में पहुंच चुकी है और उनकी सेहत लगातार चिंताजनक बनी हुई है।
CJP प्रदर्शन में भारी हिंसा, 118 पुलिसकर्मी घायल
अब आते हैं सीजेपी के प्रदर्शन और उसके बाद हुए बवाल पर। 20 जुलाई को कोकरोच जनता पार्टी ने संसद चलो मार्च का ऐलान किया था। लेकिन इस प्रदर्शन के दौरान स्थिति अचानक बेकाबू हो गई।
प्रदर्शनकारियों ने इलाके में लागू धारा 163 का उल्लंघन किया। कनॉट प्लेस के आउटर सर्कल में रीगल सिनेमा के पास और जनपथ पर भीड़ ने जमकर बवाल काटा। पुलिस टीम पर जबरदस्त पथराव किया गया और दुकानों और गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया गया।
118 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल बताए जा रहे हैं। इनमें स्पेशल CP, ज्वाइंट CP, एडिशनल CP, DCP, एडिशनल DCP और ACP स्तर के कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ कई महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।
60 के करीब प्रदर्शनकारी भी घायल बताए जा रहे हैं। साथ ही 15 से 20 सरकारी गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई है और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान भी पहुंचाया गया है।
दो थानों में केस दर्ज, संगीन धाराएं लगीं
घटना के बाद दिल्ली पुलिस सख्त एक्शन मोड में आ गई है। दिल्ली के दो अलग-अलग थानों – कनॉट प्लेस और पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कर लिया गया है।
कनॉट प्लेस थाने में अज्ञात उपद्रवियों पर केस दर्ज हुआ है। वहीं पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में भारतीय न्याय संहिता यानी BNS, आर्म्स एक्ट और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम यानी PDPP एक्ट की संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
सरकारी काम में बाधा और हमला: धारा 223(b), 221 और 132 BNS
दंगा और अवैध जमावड़ा: धारा 121(5), 189(0), 191(2), 191(3) और 192 BNS
आपराधिक साजिश और हथियारों का इस्तेमाल: धारा 324(5), 109(1) और 35(6)(12) BNS के साथ आर्म्स एक्ट की धारा 25(AB)
PDPP एक्ट की धारा 3 भी लगाई गई है।
70 प्रदर्शनकारी हिरासत में
पुलिस ने मौके से करीब 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। दिल्ली पुलिस का साफ कहना है कि किसी भी उपद्रवी को बख्शा नहीं जाएगा और CCTV फुटेज खंगाल कर बाकी संदिग्धों की पहचान की जा रही है।
अगर गौर करें तो यह दिल्ली में 2019 के CAA विरोध प्रदर्शन के बाद सबसे बड़ा हिंसक प्रदर्शन माना जा रहा है।
मुख्य बातें (Key Points)
• सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल 24वें दिन में, सेहत चिंताजनक
• पैनसाइटोपीनिया के लक्षण, खून में तीनों कोशिकाएं घटीं
• ब्लड शुगर और पोटेशियम का स्तर सामान्य से कम
• IV फ्लूइड्स लेने से किया इनकार, सफदरजंग और एम्स की टीम कर रही निगरानी
• CJP प्रदर्शन में 118 पुलिसकर्मी घायल, 60 प्रदर्शनकारी भी जख्मी
• कनॉट प्लेस और पार्लियामेंट स्ट्रीट में हिंसा
• दो थानों में केस दर्ज, 70 प्रदर्शनकारी हिरासत में
• 15-20 सरकारी गाड़ियों को नुकसान, संपत्ति को क्षति













