ITR Form Changes 2026-27: अगर आप इस साल Income Tax Return भरने जा रहे हैं, तो यह खबर आपके काम की है। Assessment Year 2026-27 के लिए ITR Form में कई अहम बदलाव किए गए हैं। इन बदलावों को नजरअंदाज करना आपको नोटिस, पेनल्टी या रिफंड में देरी जैसी मुसीबत में डाल सकता है। आइए जानते हैं वो 10 बड़े बदलाव जो हर टैक्सपेयर को जानने जरूरी हैं।
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F&O ट्रेडिंग से लेकर MSME पेमेंट तक: 10 बदलाव एक नजर में
| क्र. | बदलाव | क्या नया है |
|---|---|---|
| 1 | F&O ट्रेडिंग जानकारी अनिवार्य | Futures & Options ट्रांजैक्शन की पूरी डिटेल देना जरूरी |
| 2 | MSME पेमेंट पर सख्ती | MSME को भुगतान और ब्याज की रिपोर्टिंग मैंडेटरी |
| 3 | पार्टनरशिप फर्म के नए नियम | पार्टनर्स को इनकम और हिस्सेदारी की ज्यादा डिटेल देनी होगी |
| 4 | रिवाइज्ड ITR फीस का नया कॉलम | रिवाइज रिटर्न भरने पर अलग से फीस डिक्लेयर करनी होगी |
| 5 | डोनेशन क्लेम के लिए IFSC जरूरी | 80G क्लेम के लिए IFSC कोड देना अनिवार्य |
| 6 | निवेश की जानकारी अनिवार्य | स्कीम का फायदा लेने वालों को निवेश डिटेल देनी होगी |
| 7 | NBFC/कंपनियों से ब्याज रिपोर्टिंग | NBFC या कंपनियों से मिले ब्याज को अलग दिखाना होगा |
| 8 | NRI के लिए नए नियम | NRI टैक्सपेयर्स के दस्तावेज और रिपोर्टिंग में बदलाव |
| 9 | चैरिटेबल ट्रस्ट पर सख्ती | ट्रस्ट और संस्थाओं को ज्यादा पारदर्शिता से जानकारी देनी होगी |
| 10 | नया डिक्लेरेशन कॉलम | विदेशी कंपनियों से आय के लिए नया घोषणा कॉलम जोड़ा गया |
इसके अलावा और क्या बदला?
Capital Gain रिपोर्टिंग का फॉर्मेट बदला गया है। क्रिप्टो इनकम की डिटेल देना अब जरूरी है। Asset और Liability की जानकारी पहले से ज्यादा विस्तार से देनी होगी। Prefilled Data बढ़ाया गया है लेकिन उसे वेरिफाई करना आपकी जिम्मेदारी है।
समझने वाली बात है कि इनकम टैक्स विभाग अब हर ट्रांजैक्शन को ट्रैक करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। F&O ट्रेडिंग, क्रिप्टो और NBFC ब्याज जैसी चीजें जो पहले “ग्रे एरिया” में आती थीं, अब सीधे फॉर्म में पूछी जा रही हैं।
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टैक्सपेयर्स को क्या करना चाहिए?
ITR भरने से पहले फॉर्म को ध्यान से पढ़ें। सभी इनकम सोर्स: ब्याज, Capital Gain, सैलरी, F&O सब जरूर जोड़ें। Prefilled Data पर पूरी तरह निर्भर न रहें, खुद वेरिफाई करें। सबसे जरूरी बात: सही फॉर्म चुनें, नहीं तो रिटर्न Defective हो सकता है।
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मुख्य बातें (Key Points)
- Assessment Year 2026-27 के ITR Form में F&O ट्रेडिंग, MSME पेमेंट, क्रिप्टो इनकम समेत 10 बड़े बदलाव किए गए हैं।
- डोनेशन पर टैक्स छूट लेने के लिए अब IFSC कोड देना अनिवार्य; NBFC और कंपनियों से ब्याज अलग से दिखाना होगा।
- Prefilled Data बढ़ाया गया है लेकिन टैक्सपेयर को खुद वेरिफाई करना जरूरी; गलत फॉर्म चुनने पर रिटर्न Defective हो सकता है।
- NRI, चैरिटेबल ट्रस्ट और पार्टनरशिप फर्म के लिए भी रिपोर्टिंग नियम सख्त हुए हैं।













