Punjab Special Economic Package Demand: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पंजाब यात्रा से पहले सूबे से जुड़े लंबे समय से लटकते मसलों को लेकर आवाजें तेज हो गई हैं। सरपरस्त प्रिंसीपल कुलवंत सिंह अणखी, डॉ. चरनजीत सिंह गुमटाला, मनमोहण सिंह बराड़, प्रधान सुरिंदर जीत सिंह और सीनियर मीत प्रधान राजविंदर सिंह गिल ने प्रधानमंत्री से पुरजोर अपील की है कि पंजाब को हिमाचल प्रदेश और अन्य पहाड़ी राज्यों की तर्ज पर उद्योग स्थापित करने के लिए विशेष रियायतों का पैकेज दिया जाए।
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अटारी-वाघा बॉर्डर से व्यापार बहाली की मांग
नेताओं ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री को पाकिस्तान से संबंध सुधारने की दिशा में बातचीत करनी चाहिए ताकि अटारी-वाघा सरहद से दोतरफा व्यापार फिर शुरू हो सके। इससे पंजाब के उद्योग और व्यापार को बड़ा हुलारा मिलेगा। इसके साथ ही मंच ने मांग की कि कणक और धान की तरह तेल बीजों और दालों की फसलों पर भी MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) सुनिश्चित किया जाए।
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अमृतसर को पंजाब की राजधानी बनाने की वकालत
दिलचस्प बात यह है कि मंच ने केंद्र सरकार से अपील की कि अमृतसर को पंजाब की स्वतंत्र राजधानी बनाने का ऐतिहासिक फैसला लिया जाए। उनका तर्क है कि चौथे गुरू श्री गुरू रामदास जी द्वारा बसाए गए इस शहर का 450वां स्थापना दिवस 2017 में बड़े पैमाने पर मनाया जा रहा है, इसलिए इस अवसर पर अमृतसर को राजधानी बनाना एक शानदार कदम होगा।
इसके साथ ही अमृतसर को Medical Tourism का केंद्र बनाने के लिए यहां AIIMS और एक Central University स्थापित करने की मांग भी रखी गई है। 2015 में केंद्र सरकार द्वारा घोषित “Post Graduate Institute of Horticulture Research and Education” के लिए 30 एकड़ अतिरिक्त जमीन की खरीद केंद्र सरकार खुद करे, यह भी मांग है।
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बंदी सिंघों की रिहाई और सरहदी सुरक्षा का मुद्दा
नेताओं ने सिख कौम की पुरानी मांग दोहराते हुए कहा कि अपनी सजा पूरी कर चुके बंदी सिंघों को, जो शारीरिक और मानसिक तौर पर स्वस्थ नहीं हैं, मानवीय आधार पर तुरंत रिहा किया जाए। इसके अलावा सरहद पर चौकसी को अत्याधुनिक बनाने की मांग की गई ताकि पाकिस्तान से हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी रोकी जा सके।
₹4 लाख करोड़ कर्जे से दबा पंजाब
चिंता का विषय यह है कि पंजाब इस समय लगभग ₹4 लाख करोड़ के भारी कर्जे तले दबा हुआ है। नेताओं ने कहा कि जो राज्य देश की सरहदी सुरक्षा और खाद्य सुरक्षा में सबसे बड़ा योगदान देता है, उसकी आर्थिक मदद करना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने मांग की कि एक बड़ा विशेष आर्थिक पैकेज दिया जाए ताकि पंजाब की विकास गाड़ी फिर पटरी पर आ सके।
मुख्य बातें (Key Points)
- Punjab Special Economic Package: हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर पंजाब में उद्योग स्थापित करने के लिए विशेष रियायतों का पैकेज और अटारी-वाघा बॉर्डर से व्यापार बहाली की मांग।
- अमृतसर को पंजाब की राजधानी बनाने, यहां AIIMS और Central University स्थापित करने की अपील।
- बंदी सिंघों की मानवीय आधार पर रिहाई और सरहदी सुरक्षा को अत्याधुनिक बनाने की मांग।
- पंजाब ₹4 लाख करोड़ के कर्जे तले दबा है; तेल बीजों और दालों पर MSP सुनिश्चित करने और केंद्र से बड़े आर्थिक पैकेज की मांग।













