GMADA Land Pooling Policy: GMADA यानी ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी की Land Pooling नीति एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। पिंड लखनौर के दर्जनों किसानों की जमीन एक्वायर हुए दस साल से ज्यादा का वक्त गुजर चुका है, लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि आज तक उन्हें सेक्टर 90 में अलॉट किए गए प्लॉट का कब्जा नहीं मिल पाया है।
एक तरफ GMADA बड़े-बड़े दावे करती रही कि किसानों को समयबद्ध तरीके से प्लॉट और अन्य लाभ दिए जाएंगे। दूसरी तरफ हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। और बस यहीं से किसानों की असली परेशानी शुरू होती है।
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कैबिनेट मंत्री ने लिया संज्ञान, 10 दिन में हल का भरोसा
इस गंभीर मामले को लेकर किसानों के एक वफद ने कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां, सचिव विकास गर्ग और मुख्य प्रशासक संदीप ऋषि को मांग पत्र सौंपकर तुरंत प्लॉट का कब्जा देने की मांग की है।
मांग पत्र मिलने के बाद कैबिनेट मंत्री ने GMADA अधिकारियों को एक हफ्ते के अंदर इस संबंध में रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों ने भी किसानों को भरोसा दिया है कि अगले दस दिनों के अंदर मामले का उचित हल निकाल लिया जाएगा।
अगर गौर करें तो यह भरोसा किसानों को पहली बार नहीं मिल रहा। सवाल उठता है कि दस साल से लटके मामले में अब सच में कार्रवाई होगी या यह सिर्फ एक और आश्वासन बनकर रह जाएगा?
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सैकड़ों परिवार मानसिक और आर्थिक परेशानी से जूझ रहे
पिंड के किसान भाग सिंह, अजैब सिंह, जसविंदर सिंह, परमजीत सिंह पम्मा, दलजीत सिंह, धर्म सिंह, केसर सिंह, परमजीत सिंह गुरू, कुलदीप सिंह (पूर्व पंच), परमिंदर सिंह, बलजीत सिंह, मनजीत सिंह, गुरप्रीत सिंह, कुलदीप सिंह गुड्डू और रुलदा सिंह ने अपना दुख बयान करते हुए बताया कि प्लॉट का कब्जा न मिलने की वजह से सैकड़ों परिवार गंभीर आर्थिक, सामाजिक और मानसिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
चिंता का विषय यह है कि कई परिवार अपने घर बनाने, बच्चों की उच्च शिक्षा और भविष्य की योजनाओं से वंचित होकर रह गए हैं। दस साल एक लंबा वक्त है। इस दौरान कइयों के बच्चे बड़े हो गए, शादियां हुईं, लेकिन अपनी जमीन पर छत बनाने का सपना अधूरा ही रहा।
किसानों ने मांग की कि सेक्टर 90 का विकास कार्य तुरंत शुरू कराया जाए और उन्हें प्लॉट के कब्जे सौंपे जाएं। उन्होंने चेतावनी भी दी कि अगर जल्दी कार्रवाई नहीं हुई तो वे तीखा संघर्ष छेड़ने के लिए मजबूर होंगे।
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Progressive Front Punjab ने किया पूर्ण समर्थन का ऐलान
इसी बीच ‘Progressive Front Punjab’ के चेयरमैन एडवोकेट दर्शन सिंह धालीवाल, प्रधान हरमिंदर सिंह मावी और जनरल सेक्रेटरी महिंदर सिंह मनौली सूरत ने किसानों की इन जायज मांगों का जोरदार समर्थन किया है और हर स्तर पर पूरा सहयोग देने का ऐलान किया है।
फ्रंट के नेताओं ने कहा कि किसानों को उनके बनते हक और लाभ समय पर न मिलने की वजह से ही आज किसान सरकारों को अपनी जमीन देने से कतराने लगे हैं। इससे साफ होता है कि Land Pooling जैसी नीतियों की सफलता तभी संभव है जब सरकार अपने वादे समय पर पूरे करे।
आगे क्या होगा: किसानों का भरोसा दांव पर
यह मामला सिर्फ लखनौर के किसानों तक सीमित नहीं है। पंजाब और हरियाणा में Land Pooling Policy के तहत जमीन देने वाले सैकड़ों किसान इसी तरह की परेशानी से गुजर रहे हैं। अगर GMADA अगले दस दिनों में ठोस कदम उठाती है तो यह दूसरे किसानों के लिए भी उम्मीद की किरण बन सकता है। लेकिन अगर यह भी खोखला वादा निकला, तो किसानों का सरकारी तंत्र पर से भरोसा और कमजोर होगा।
मुख्य बातें (Key Points)
- पिंड लखनौर के दर्जनों किसानों को GMADA Land Pooling Policy के तहत सेक्टर 90 में प्लॉट अलॉट हुए, लेकिन 10 साल बाद भी कब्जा नहीं मिला।
- कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने GMADA अधिकारियों को एक हफ्ते में रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं।
- सैकड़ों परिवार आर्थिक, सामाजिक और मानसिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं; घर बनाने और बच्चों की पढ़ाई की योजनाएं अटकी हैं।
- Progressive Front Punjab ने किसानों की मांगों का पूर्ण समर्थन किया है और जल्दी कार्रवाई न होने पर तीखे आंदोलन की चेतावनी दी गई है।













