Vaishno Devi Landslide: जम्मू-कश्मीर में लगातार बदलते मौसम का असर अब धार्मिक यात्राओं पर भी साफ दिखाई देने लगा है। एक तरफ माता वैष्णो देवी यात्रा के दौरान भूस्खलन से श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा, तो दूसरी ओर अमरनाथ धाम में रुक-रुककर हो रही बारिश ने यात्रा को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है।
देखा जाए तो खराब मौसम के चलते कई सेवाएं प्रभावित हुई हैं और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। कटड़ा में माता वैष्णो देवी यात्रा के दौरान दोपहर तक मौसम सामान्य था, लेकिन इसके बाद अचानक तेज बारिश शुरू हो गई।
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कटड़ा में क्या हुआ?
करीब 2 से 3 घंटों तक बारिश के कारण भवन मार्ग के कई हिस्सों में कंकड़, पत्थर और मलबा आ गया। कुछ स्थानों पर आंशिक भूस्खलन भी हुआ। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी श्रद्धालु के घायल होने की कोई सूचना नहीं है।
लेकिन सुरक्षा को देखते हुए यात्रा से जुड़ी कई सेवाओं को अस्थाई रूप से प्रभावित करना पड़ा। श्राइन बोर्ड ने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बैटरी कार सेवा फिलहाल सस्पेंड कर दी।
इसके अलावा हेलीकॉप्टर सेवा और कुछ अन्य सुविधाएं भी मौसम की वजह से बाधित हैं। हालांकि रोपवे सेवा जारी रखी गई है ताकि यात्रियों को कुछ राहत मिल सके।
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रात 10 बजे बंद हुआ मार्ग, सुबह 6 बजे खुला
बताया गया है कि मंगलवार रात हुई तेज बारिश के बाद बैटरी कार मार्ग को रात करीब 10:00 बजे बंद करना पड़ा। सफाई और मलबा हटाने का काम पूरा होने के बाद बुधवार सुबह करीब 6:00 बजे इस मार्ग को दोबारा श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि श्राइन बोर्ड की टीम ने रातभर काम किया ताकि सुबह से यात्री फिर से यात्रा शुरू कर सकें।
अमरनाथ यात्रा पर भी असर
उधर अमरनाथ यात्रा भी लगातार बारिश की वजह से प्रभावित हो रही है। बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों पर रुक-रुककर बारिश जारी है। इससे रास्तों पर फिसलन और कीचड़ बढ़ गया है, जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही मुश्किल हो गई है।
खराब मौसम और जलभराव को देखते हुए सुरक्षाकर्मियों और श्राइन बोर्ड के कर्मचारियों ने यात्रियों को सलाह दी है कि मरम्मत और रखरखाव का काम पूरा होने तक वे अपने शिविरों में ही सुरक्षित रहें और अनावश्यक रूप से आगे बढ़ने की कोशिश न करें।
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मचेल यात्रा पर भी संशय
वहीं मचेल यात्रा को लेकर भी स्थिति पूरी तरह मौसम पर निर्भर बनी हुई है। प्रशासन की ओर से यात्रा शुरू करने या रोकने को लेकर कोई स्थाई आदेश जारी नहीं किया गया है।
जानकारी के मुताबिक रोजाना मौसम की स्थिति का आकलन करने के बाद ही फैसला लिया जा रहा है। एसडीएम गुलाबगढ़ अमित भगत ने बताया है कि यात्रा को लेकर एक या दो दिन का स्थाई आदेश जारी करना संभव नहीं है, क्योंकि हर दिन मौसम की स्थिति अलग हो सकती है।
यात्रियों को हो रही परेशानी
हालांकि इस व्यवस्था के कारण कई यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई श्रद्धालु जम्मू से किश्तवाड़ की ओर रवाना हो जाते हैं, लेकिन आगे जाकर उन्हें अस्थाई रूप से यात्रा रोके जाने की सूचना मिलती है, जिसके बाद उन्हें वापस लौटना पड़ता है।
अगर गौर करें तो यह स्थिति श्रद्धालुओं के समय और पैसे दोनों की बर्बादी करती है। कई परिवारों ने पहले से होटल और परिवहन की बुकिंग कर रखी होती है।
| यात्रा मार्ग | वर्तमान स्थिति | मुख्य चुनौती |
|---|---|---|
| वैष्णो देवी (कटड़ा) | बैटरी कार सस्पेंड, रोपवे चालू | भूस्खलन, मलबा |
| अमरनाथ (बालटाल) | रुक-रुक कर बारिश | फिसलन, कीचड़ |
| अमरनाथ (पहलगाम) | रुक-रुक कर बारिश | जलभराव |
| मचेल यात्रा | मौसम पर निर्भर | अस्थिर मौसम |
प्रशासन की अपील
फिलहाल जम्मू-कश्मीर में मौसम लगातार चुनौती बना हुआ है। ऐसे में प्रशासन श्रद्धालुओं से अपील कर रहा है कि यात्रा पर निकलने से पहले मौसम और आधिकारिक अपडेट की जानकारी जरूर लें और सुरक्षा संबंधी सभी निर्देशों का पालन करें।
समझने वाली बात यह है कि आस्था जरूरी है, लेकिन जान से ज्यादा कीमती कुछ नहीं। इसलिए बेहतर यही है कि मौसम सुधरने का इंतजार किया जाए।
मुख्य बातें (Key Points):
- वैष्णो देवी में भूस्खलन के कारण बैटरी कार सेवा सस्पेंड
- अमरनाथ यात्रा के बालटाल और पहलगाम मार्गों पर लगातार बारिश
- हेलीकॉप्टर सेवा भी मौसम की वजह से बाधित
- मलबा हटाने के बाद सुबह 6 बजे मार्ग फिर खोला गया
- प्रशासन ने श्रद्धालुओं को सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की













