Bhagwant Mann Video Controversy: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की कथित विवादित वीडियो को लेकर सूबे की सियासत में मचे तूफान के बीच अब एक और बड़ा खुलासा सामने आया है। कनाडा में बैठे जगमनदीप सिंह उर्फ जगमन समरा ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर दावा किया है कि यह विवादित वीडियो उन्हें आम आदमी पार्टी (AAP) की राज्यसभा सांसद स्वाती मालीवाल ने भेजी थी। यह दावा पंजाब की राजनीति में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ लेकर आया है।
देखा जाए तो यह पहली बार नहीं है जब इस वीडियो विवाद में कोई बड़ा नाम सामने आया हो। पहले सीएम मान ने इसे AI जनरेटेड बताया, फिर प्रोस्थेटिक मास्क की बात कही। और अब जगमन समरा का यह दावा पूरे मामले को एक नई दिशा दे रहा है। सवाल उठता है कि आखिर सच्चाई क्या है?
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स्वाती मालीवाल ने भेजी थी वीडियो: जगमन समरा का बड़ा दावा
सोशल मीडिया पर सामने आए जगमन समरा के बयान के तीसरे हिस्से में, जो लगभग 4 मिनट 56 सेकंड लंबा है, उसने साफ शब्दों में कहा कि यह विवादित वीडियो उसे स्वाती मालीवाल ने भेजी थी। समरा के मुताबिक, अरविंद केजरीवाल के सुरक्षा स्टाफ द्वारा कथित रूप से पिटाई और अपमान के बाद मालीवाल ने यह वीडियो उसके साथ साझा की थी।
दिलचस्प बात यह है कि समरा ने यह भी बताया कि यह वीडियो एक होटल के कमरे में शूट की गई थी और वह कमरा ‘जरनैल सिंह’ नाम के किसी व्यक्ति के नाम पर बुक था। हालांकि, इस जरनैल सिंह का मुख्यमंत्री मान से क्या संबंध है, इस बारे में अभी कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
समझने वाली बात यह है कि समरा ने साफ कहा कि उसे इस बात का कोई इल्म नहीं है कि यह वीडियो किसने बनाई, किसने रिकॉर्ड की और यह किसके फोन में स्टोर थी। उसने चुनौती देते हुए कहा, “वे चाहें तो मेरे घर की तलाशी भी ले सकते हैं।”
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सीएम मान के मास्क वाले दावे को किया खारिज
इससे पहले मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दावा किया था कि वीडियो में उनकी शक्ल जैसा नकली (प्रोस्थेटिक) मास्क इस्तेमाल किया गया है। लेकिन जगमन समरा ने इस दावे को पूरी तरह से नकार दिया है।
शिरोमणि अकाली दल के सीनियर नेता बिक्रम सिंह मजीठिया द्वारा अपने फेसबुक पेज पर साझा किए गए 47 सेकंड के वीडियो संदेश में समरा ने पारिवारिक रुझानों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया, “न तो कोई कभी मेरे पास मुख्यमंत्री का मास्क लेकर आया है और न ही मैंने किसी को कोई पेमेंट किया है।”
अगर गौर करें तो उसने आगे कहा, “अगर वे किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हैं, तो उसे मेरे सामने लाएं जो यह कहे कि उसने मास्क डिलीवर किया था और मैंने पैसे दिए थे। मैंने पहले ही कहा था कि ऐसी बहुत सी बातें गढ़ी जाएंगी, पर अगर सब साफ था तो एक ‘फर्जी’ फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार करवाने की क्या जरूरत थी?”
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि समरा के इस बयान से सीएम मान के दावे पर सवालिया निशान लग गए हैं।
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सुखपाल खहिरा ने साझा की वीडियो: और भी वीडियो आने की चेतावनी
दूसरी ओर, कांग्रेसी नेता सुखपाल सिंह खहिरा द्वारा साझा की गई 4 मिनट 20 सेकंड की एक और वीडियो में जगमन समरा ने चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में ऐसी और भी कई विवादित वीडियो और मुख्यमंत्री द्वारा पवित्र अरदास की कथित नकल (पैरोडी) की वीडियो साझा की जाएंगी।
समरा ने सियासी निशाना साधते हुए कहा कि पहले मान ने दावा किया था कि गुरु साहिबान के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियों वाली यह वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए तैयार की गई है। जब देश की शीर्ष प्रयोगशालाओं ने इसे रद्द कर दिया, तो मान कहने लगे कि वीडियो AI की नहीं है पर वीडियो वाला व्यक्ति वह नहीं हैं। अब वे नया दावा कर रहे हैं कि किसी ने मास्क पहना हुआ था।
हैरान करने वाली बात यह है कि समरा ने यह भी खुलासा किया कि सच्चाई यह है कि यह वीडियो स्वाती मालीवाल के जरिए बाहर आई है। समरा ने यह भी कहा कि वह मान को बचपन से जानता है, उनकी शादी में भी शामिल हुआ था और शूटिंग के लिए अपनी गाड़ी भी दी थी।
स्वाती मालीवाल का राजनीतिक सफर और AAP से अलगाव
यहां यह भी उल्लेखनीय है कि स्वाती मालीवाल उन सात राज्यसभा सदस्यों में शामिल थीं (जिनमें राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, संदेश पाठक, हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता और विक्रमजीत साहनी के नाम भी हैं) जिन्होंने पार्टी छोड़कर राज्यसभा के चेयरमैन को भाजपा में विलय (Merger) होने के बारे में पत्र सौंपा था।
देखा जाए तो यह पूरा मामला आम आदमी पार्टी के अंदर चल रहे गुटबाजी और राजनीतिक खींचतान को भी उजागर करता है। स्वाती मालीवाल और AAP नेतृत्व के बीच तनाव पहले से ही चर्चा में रहा है।
कौन हैं जगमन समरा: पुलिस हिरासत से फरार का इतिहास
कनाडा में रह रहा प्रवासी भारतीय (NRI) जगमनदीप सिंह उर्फ जगमन समरा साल 2022 में पंजाब पुलिस की हिरासत से उस वक्त फरार हो गया था, जब एक अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था।
समरा के खिलाफ 28 नवंबर 2020 को फिरोजपुर में 65 लाख रुपये की ठगी और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद उसे फरीदकोट की केंद्रीय जेल में रखा गया था।
बाद में, 23 दिसंबर 2021 को उसे गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, फरीदकोट के ऑर्थोपेडिक्स वार्ड में भर्ती कराया गया था। वहीं से 1 फरवरी 2022 को चुनावों से ठीक दो महीने पहले जेल गार्ड्स को चकमा देकर फरार होने और नेपाल के रास्ते कनाडा पहुंचने में कामयाब हो गया था।
चिंता का विषय यह है कि एक फरार आरोपी कैसे इतनी आसानी से भारत से बाहर निकल गया और अब वहां से बैठकर पंजाब की राजनीति में सेंध लगा रहा है।
पंजाब की राजनीति में नया संकट
इस पूरे विवाद ने पंजाब सरकार को गहरे संकट में डाल दिया है। विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर सरकार पर लगातार हमलावर हैं। कांग्रेस और अकाली दल दोनों ही सीएम मान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
राहत की बात यह है कि अभी तक इस पूरे मामले में कोई आधिकारिक जांच की घोषणा नहीं हुई है। लेकिन जिस तरह से रोज नए-नए खुलासे सामने आ रहे हैं, उससे लगता है कि यह मामला अभी और गहराने वाला है।
मामले की पृष्ठभूमि: वीडियो विवाद कैसे शुरू हुआ
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब पिछले साल अक्टूबर में एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई, जिसमें मुख्यमंत्री भगवंत मान की शक्ल वाले एक व्यक्ति को कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए दिखाया गया था।
शुरुआत में सरकार ने इसे AI जनरेटेड बताया और कहा कि यह डीपफेक वीडियो है। लेकिन जब फोरेंसिक जांच में यह साबित नहीं हो सका, तो सरकार ने अपना रुख बदला और प्रोस्थेटिक मास्क का दावा किया।
अब जगमन समरा के ताजा खुलासों ने इस पूरे मामले को एक नया आयाम दे दिया है। अगर उसके दावे सही साबित होते हैं तो यह AAP के लिए एक बड़ा राजनीतिक संकट बन सकता है।
मुख्य बातें (Key Points)
- जगमन समरा ने दावा किया कि विवादित वीडियो AAP की राज्यसभा सांसद स्वाती मालीवाल ने उन्हें भेजी थी
- समरा ने सीएम मान के प्रोस्थेटिक मास्क वाले दावे को पूरी तरह से खारिज किया
- वीडियो एक होटल के कमरे में शूट की गई थी जो ‘जरनैल सिंह’ के नाम पर बुक था
- समरा 2022 में पंजाब पुलिस की हिरासत से फरार होकर कनाडा पहुंचा था, उस पर 65 लाख की ठगी का आरोप है
- विपक्षी दल इस मुद्दे पर सरकार पर लगातार हमलावर हैं और सीएम के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं













