RBI VRR Auction के जरिए भारतीय रिज़र्व बैंक ने मंगलवार को बैंकिंग सिस्टम में बड़ी राहत पहुंचाई। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने सात दिन की वेरिएबल रेट रेपो (VRR) नीलामी के जरिए बैंकिंग प्रणाली में 1,41,171 करोड़ रुपये डाले हैं। RBI की प्रेस रिलीज़ के मुताबिक यह रकम 5.26 प्रतिशत की ‘कट-ऑफ’ और वेटेड एवरेज पर डाली गई।
दिलचस्प बात यह है कि यह कदम ऐसे समय उठाया गया, जब बैंकिंग सिस्टम में नकदी अचानक घाटे में चली गई थी।
🔍 यह भी पढ़ें- बड़ा फैसला! Banking Mis-Selling पर RBI सख्त, बैंकों को दिया अल्टीमेटम
कैसे नकदी सरप्लस से घाटे में पहुंची
देखा जाए तो 21 जून को बैंकिंग प्रणाली में नकदी (लिक्विडिटी) 30,685.11 करोड़ रुपये के सरप्लस में थी। लेकिन 22 जून को यह घटकर 19,971.89 करोड़ रुपये के घाटे में चली गई।
VRR नीलामी RBI का एक ऐसा ज़रिया है, जिसके ज़रिए वह बैंकिंग प्रणाली में नकदी की अस्थायी (टेम्परेरी) कमी या बढ़ोतरी को संतुलित करता है।
🔍 यह भी पढ़ें- RBI New Banking Rules: आरबीआई ने लागू किए 14 सख्त नियम, Bad Loans की पहचान में बड़ा बदलाव
GST भुगतान बना नकदी कमी की वजह
समझने वाली बात यह है कि माहिरों के मुताबिक यह नकदी की कमी गुड्स एंड सर्विसेज़ टैक्स (GST) के भुगतान की वजह से आई। GST भुगतान के कारण बैंकिंग प्रणाली से पैसा बाहर निकल गया, और इसी से नकदी पर दबाव बना।
नकदी घाटे में जाने से ओवरनाइट मनी मार्केट की दरों पर भी दबाव बढ़ा। यहां वेटेड एवरेज कॉल मनी रेट 5.43 प्रतिशत पर रहा, जो RBI के रेपो रेट से 0.18 प्रतिशत ज्यादा है। इसी तरह ट्राई-पार्टी रेपो (TREPS) दरें भी पॉलिसी रेट से 0.05-0.07 प्रतिशत ज्यादा पर कारोबार कर रही थीं।
🔍 यह भी पढ़ें- New Banking Rules: सरकारी कर्मचारियों को एक खाते में बैंकिंग-बीमा लाभ
पिछले कुछ दिनों में RBI ने डाली कितनी नकदी
अगर गौर करें तो एडवांस टैक्स के भुगतान के चलते बने दबाव को देखते हुए केंद्रीय बैंक लगातार सिस्टम में अस्थायी नकदी डाल रहा है। पिछले कुछ दिनों में RBI ने अलग-अलग अवधि की VRR नीलामियों के जरिए करीब 2.43 लाख करोड़ रुपये की अस्थायी नकदी डाली है।
| तारीख | नीलामी प्रकार | राशि (करोड़ रुपये) |
|---|---|---|
| सोमवार | ओवरनाइट VRR | 36,300 |
| शुक्रवार | तीन दिन की VRR | 16,750 |
| बुधवार | दो VRR नीलामी | 72,300 |
| 16 जून | सात दिन की VRR | 89,440 |
| 15 जून | ओवरनाइट VRR | 28,220 |
आम आदमी पर असर
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि बैंकिंग सिस्टम में पर्याप्त नकदी रहना आम लोगों के लिए भी मायने रखता है। जब सिस्टम में नकदी बनी रहती है, तो बैंकों को कर्ज देने में आसानी होती है और ब्याज दरों पर भी असर पड़ता है। इससे साफ होता है कि RBI के ये कदम सिर्फ बैंकों तक सीमित नहीं रहते।
मुख्य बातें (Key Points)
- RBI ने सात दिन की VRR नीलामी से बैंकिंग सिस्टम में 1,41,171 करोड़ रुपये डाले।
- रकम 5.26 प्रतिशत की कट-ऑफ दर पर डाली गई।
- 22 जून को नकदी 19,971.89 करोड़ के घाटे में चली गई थी।
- पिछले कुछ दिनों में RBI ने कुल करीब 2.43 लाख करोड़ की नकदी डाली है।













